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Maharajganj News: सरकारी दावा हवा-हवाई, जन औषधि केंद्र पर नहीं हैं पूरी दवाएं

Mon, 15 May 2023 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 15 May 2023 12:34 AM IST
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There are no complete medicines at Jan Aushadhi Kendra
जन औषधि केंद्र पर दवा की खरीदारी करते तीमारदार।संवाद
व्यवस्था के बावजूद जन औषधि केंद्र पर सभी जेनेरिक दवाएं नहीं पहुंच पा रहीं, 1100 के करीब होनी चाहिए दवाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र खुले करीब छह से अधिक समय हो गया है। लेकिन, छह माह में सिर्फ 300 से 400 के बीच दवाएं मिल रही हैं। नियम के अनुसार करीब 1100 दवाएं केंद्रों पर होनी चाहिए। केंद्र पर अधिकतम संख्या 1700 दवाओं की है। इनमें सभी तरह की दवाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सस्ती और बेहतर जेनेरिक दवाएं जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध हैं। सस्ती दवाओं का प्रयोग मरीजों को करना चाहिए। हकीकत यह है कि ब्रांडेड दवाओं के खेल में मरीज और तीमारदार हर दिन पिस रहे हैं। व्यवस्था के बावजूद जन औषधि केंद्र पर सभी जेनेरिक दवाएं पहुंच नहीं पा रही हैं। मरीजों को मजबूर होकर महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
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बताया जा रहा है कि इसकी वजह ब्रांडेड दवाओं के बड़े व्यापारी हैं, जो नहीं चाहते हैं कि जन औषधि केंद्र पर दवाएं सस्ती उपलब्ध हों और उनका बड़ा मुनाफा मारा जाए। इस खेल में ड्रग विभाग भी सवालों के घेरे में है। औषधि केंद्र की दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 80 से 85 फीसदी सस्ती होती हैं। यदि एक हजार दवाएं औषधि केंद्र पर मिलने लगे तो 60 से 70 फीसदी मरीज इसका लाभ उठा पाएंगे। मौजूदा समय में सिर्फ 20 से 25 फीसदी मरीज ही औषधि केंद्र की दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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कुछ डॉक्टर लिखते हैं सस्ती दवा
जिला और महिला अस्पताल में डॉक्टर भी औषधि केंद्र की दवाएं लिखने से परहेज कर रहे हैं। कुछ डॉक्टर ही औषधि केंद्र की दवाएं लिख रहे हैं। अन्य ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं।

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जिले में हैं आठ औषधि केंद्र
महराजगंज शहर में दो जगहों पर जन औषधि केंद्र हैं। इनमें जिला अस्पताल व काॅलेज रोड पर केंद्र है। इसके अलावा जिले में अलग-अलग जगहों पर कुल छह केंद्र खोले गए हैं।
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केस-एक
जन औषधि केंद्र में बीपी में दी जाने वाली दवा टेल्मिसर्टन (40 एमजी) के 10 टेबलेट के पैक की कीमत 12 और 20 एमजी के पैक की कीमत 17 रुपये है। जबकि बाजार में ब्रांडेड दवा की कीमत 120 से 160 रुपये है।
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केस- दो
शुगर मरीजों को दी जाने वाली दवा गलिमिप्राइड (दो एमजी) के 15 टेबलेट के पैक की कीमत जन औषधि केंद्र में 24 रुपये है। विल्डाग्लीप्टीन (50 एमजी) के 15 टेबलेट के पैक की कीमत 50 रुपये है। बाजार में इसी कंपोजीशन की ब्रांडेड कंपनी की दवाएं 150 से 250 रुपये में मिल रही है।
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केस- तीन कोलस्ट्राल की दवा रोसूवैस्टिन (10 एमजी) के 15 टेबलेट के पैक की कीमत औषधि केंद्र पर 18 रुपये है। जबकि इसी कंपोजिशन की ब्रांडेड कंपनियों की दवा 200 से 250 रुपये में बाजार में मिल रही है।
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केस- चार
जन औषधि केंद्र पर एंटीबायोटिक एमाक्सीक्लेव-625 के छह टेबलेट के पैक की कीमत 56 रुपये, सेफुराक्जीम-250 एमजी के 10 टेबलेट के पैक की कीमत 75 रुपये है। ब्रांडेड कंपनी की इसी कंपोजिशन की दवाएं बाजार में 120 से लेकर 270 रुपये के बीच मिल रही है।
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केस-चार
चर्म रोग की दवा लुलिकोनाजो क्रीम की कीमत जन औषधि केंद्र पर 22 रुपये है। जबकि इसी साल्ट की क्रीम बाजार में 150 रुपये में मिल रही है। इसमें केवल कंपनी का नाम बदला है, जबकि साल्ट वही है।



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कोट



जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र में हार्ट, कैंसर, प्रोटेस्ट की दवाएं कभी नहीं आईं। जन औषधि केंद्र की दवाओं की आपूर्ति का जिम्मा शासन की तरफ से एक वेंडर को दिया गया है। वेंडर दवाओं की आपूर्ति दे नहीं पा रहा है। इसकी वजह से पर्याप् दवाएं केंद्रों पर नहीं मिल पा रही हैं।

प्रणव खेतान, संचालक, जन औषधि केंद्र, जिला अस्पताल
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