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Maharajganj News: धान नर्सरी डालने के लिए मौसम अभी प्रतिकूल
Tue, 28 May 2024 04:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 28 May 2024 04:01 AM IST
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महराजगंज। चिलचिलाती धूप ने गर्मी में इजाफा किया है। तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में किसान धान की नर्सरी (बेहन) डालने की तैयारी कर रहे हैं। जबकि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह समय धान की नर्सरी के लिए उपयुक्त नहीं है। किसानों को तापमान कम होने तक इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। इसके लिए राजकीय बीज गोदाम के प्रभारियों को आदेशित किया गया है कि बीज खरीदने आए किसानों को इस विषय पर जागरूक किया जाए।
जनपद में धान का रकबा लगभग 1.95 लाख हेक्टेयर है। अत्यधिक गर्मी के कारण धान के बीजों का अंकुरण और विकास प्रभावित हो सकता है। ऐसे में किसानों को अभी नर्सरी न लगाने और तापमान में कमी आने का इंतजार करने की सलाह कृषि विभाग ने दी है।
जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों तापमान लगभग 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। जो धान की पौध के लिए उपयुक्त नहीं है। धान के छोटे पौधे इतनी अधिक गर्मी और धूप बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और वह झुलस सकते हैं। धान की पौध डालने के लिए दिन में 32 से 35 डिग्री सेल्सियस तथा रात के दौरान 15-22 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। ताकि धान के बीजों के अंकुरण के लिए नमी और उचित तापमान मिल सके। अभी तापमान अंकुरण के लिए अनुकूल नहीं है। पौधों के उगने के बाद नर्सरी के प्रबंधन में परेशानी होगी। उन्होंने बताया कि इस समय किसान खेतों की गहरी जोताई करके छोड़ दें। जिससे भूमि के अंदर रोग फैलाने वाले फफूंद, जीवाणु तथा हानिकारक कीट के लार्वा, खरपतवारों के बीज नष्ट हो जाएंगे। भूमि में वायु संचार बढ़ने से जल धारण क्षमता भी बढ़ेगी। धान की नर्सरी के लिए किसानों को 5-6 जून तक इंतजार करना चाहिए।
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जनपद में धान का रकबा लगभग 1.95 लाख हेक्टेयर है। अत्यधिक गर्मी के कारण धान के बीजों का अंकुरण और विकास प्रभावित हो सकता है। ऐसे में किसानों को अभी नर्सरी न लगाने और तापमान में कमी आने का इंतजार करने की सलाह कृषि विभाग ने दी है।
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जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों तापमान लगभग 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। जो धान की पौध के लिए उपयुक्त नहीं है। धान के छोटे पौधे इतनी अधिक गर्मी और धूप बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और वह झुलस सकते हैं। धान की पौध डालने के लिए दिन में 32 से 35 डिग्री सेल्सियस तथा रात के दौरान 15-22 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। ताकि धान के बीजों के अंकुरण के लिए नमी और उचित तापमान मिल सके। अभी तापमान अंकुरण के लिए अनुकूल नहीं है। पौधों के उगने के बाद नर्सरी के प्रबंधन में परेशानी होगी। उन्होंने बताया कि इस समय किसान खेतों की गहरी जोताई करके छोड़ दें। जिससे भूमि के अंदर रोग फैलाने वाले फफूंद, जीवाणु तथा हानिकारक कीट के लार्वा, खरपतवारों के बीज नष्ट हो जाएंगे। भूमि में वायु संचार बढ़ने से जल धारण क्षमता भी बढ़ेगी। धान की नर्सरी के लिए किसानों को 5-6 जून तक इंतजार करना चाहिए।
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