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Maharajganj News: निर्माणाधीन बरात घर का टीम ने किया जांच, तीन दिन में सौंपेगी रिपोर्ट
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बरात घर के निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से की थी शिकायत
सीडीओ की ओर से गठित टीम में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और जल निगम के सहायक अभियंता शामिल
परतावल। विकास खंड के ग्राम पंचायत सेमरा चंदौली में परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत निर्माणाधीन बरात घर की शिकायत मिलने पर गठित जांच टीम ने सोमवार को स्थलीय निरीक्षण किया। सीडीओ महेंद्र कुमार सिंह की ओर से गठित टीम में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और जल निगम के सहायक अभियंता शामिल हैं।
मौके पर पहुंचे दोनों अधिकारियों ने बताया कि जांच से संबंधित रिपोर्ट तीन दिन के भीतर संबंधित अधिकारी को सौंप दी जाएगी। बरात घर के निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान सचिन सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की थी। शिकायत में बताया गया है कि लगभग 337.20 लाख रुपये की लागत से बन रहे बरात घर का निर्माण कार्य मेसर्स एसएसओ इंजीनियरिंग प्रा.लि. कर रहा है। इसमें डीपीआर और स्वीकृत मानकों के विपरीत कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि फुटिंग की पीसीसी में केवल 40 मिमी गिट्टी डालकर कार्य किया गया है, जबकि डीपीआर के अनुसार सीमेंट, गिट्टी और बालू के निर्धारित अनुपात से पीसीसी किया जाना चाहिए। इसके अलावा चटाई और पेडेस्टल की साइज भी डीपीआर से अलग बनाई गई है, और जहां करीब 24 फुटिंग ज्वाइंट कॉलम का प्रावधान है, वहां फुटिंग ज्वाइंट नहीं किया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरसीसी कार्य में मानक के अनुसार सरिया नहीं लगाया गया है, जिससे भवन के कमजोर होने की आशंका है। वहीं ब्रिक वर्क के नीचे पीसीसी के स्थान पर केवल मिट्टी डाल दी गई है और तीसरी श्रेणी की ईंट का प्रयोग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा डीपीआर में प्लिंथ बीम के नीचे लो बीम का प्रावधान होने के बावजूद उसे नहीं बनाया गया। इससे कई जगहों पर बीम में दरार और लटकने जैसी समस्या सामने आने की बात कही गई है।
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शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि स्वीकृत डीपीआर के अनुसार कार्य न कराकर वेंडर मैप से निर्माण कराया जा रहा है। जबकि एमबी और बिल वाउचर डीपीआर के अनुसार तैयार किए जा रहे हैं। फिलहाल जांच टीम ने मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
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सीडीओ की ओर से गठित टीम में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और जल निगम के सहायक अभियंता शामिल
परतावल। विकास खंड के ग्राम पंचायत सेमरा चंदौली में परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत निर्माणाधीन बरात घर की शिकायत मिलने पर गठित जांच टीम ने सोमवार को स्थलीय निरीक्षण किया। सीडीओ महेंद्र कुमार सिंह की ओर से गठित टीम में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और जल निगम के सहायक अभियंता शामिल हैं।
मौके पर पहुंचे दोनों अधिकारियों ने बताया कि जांच से संबंधित रिपोर्ट तीन दिन के भीतर संबंधित अधिकारी को सौंप दी जाएगी। बरात घर के निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान सचिन सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की थी। शिकायत में बताया गया है कि लगभग 337.20 लाख रुपये की लागत से बन रहे बरात घर का निर्माण कार्य मेसर्स एसएसओ इंजीनियरिंग प्रा.लि. कर रहा है। इसमें डीपीआर और स्वीकृत मानकों के विपरीत कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि फुटिंग की पीसीसी में केवल 40 मिमी गिट्टी डालकर कार्य किया गया है, जबकि डीपीआर के अनुसार सीमेंट, गिट्टी और बालू के निर्धारित अनुपात से पीसीसी किया जाना चाहिए। इसके अलावा चटाई और पेडेस्टल की साइज भी डीपीआर से अलग बनाई गई है, और जहां करीब 24 फुटिंग ज्वाइंट कॉलम का प्रावधान है, वहां फुटिंग ज्वाइंट नहीं किया गया है।
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शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरसीसी कार्य में मानक के अनुसार सरिया नहीं लगाया गया है, जिससे भवन के कमजोर होने की आशंका है। वहीं ब्रिक वर्क के नीचे पीसीसी के स्थान पर केवल मिट्टी डाल दी गई है और तीसरी श्रेणी की ईंट का प्रयोग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा डीपीआर में प्लिंथ बीम के नीचे लो बीम का प्रावधान होने के बावजूद उसे नहीं बनाया गया। इससे कई जगहों पर बीम में दरार और लटकने जैसी समस्या सामने आने की बात कही गई है।
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शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि स्वीकृत डीपीआर के अनुसार कार्य न कराकर वेंडर मैप से निर्माण कराया जा रहा है। जबकि एमबी और बिल वाउचर डीपीआर के अनुसार तैयार किए जा रहे हैं। फिलहाल जांच टीम ने मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।