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जिला परिषद मार्केट में व्यवस्था बदहाल
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 11 Oct 2018 12:33 AM IST
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जिला परिषद मार्केट में व्यवस्था बदहाल
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिला परिषद मार्केट (वीर बहादुर सिंह व्यवसायिक प्रतिष्ठान) में बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं। यहां शौचालय व जल निकासी की व्यवस्था बदहाल है। स्थिति यह है कि अब मार्केट वास्तविक स्वरूप ही खोता जा रहा है। यहां दुकानें कम गोदाम ज्यादा बना लिए गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बरसात में दुकानों में पानी घुसने लगता है। शौचालय नहीं होने से दुकानदारों को दिक्कत होती है। नियमित सफाई भी नहीं होती है।
शहर के बीच में बने (वीर बहादुर सिंह व्यवसायिक प्रतिष्ठान) जिला परिषद मार्केट में 185 दुकानें बनी हैं। इनमें ज्यादातर दुकानों में गोदाम बना लिए गए हैं। जिला परिषद मार्केट के अंदर कुछ हिस्से में तो सांस लेना भी दुश्वार हो जाएगा। नियमित सफाई के अभाव में कूड़े के ढेर लग गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बरसात के दिनों में दुकानदारों को दिक्कत होती है। यहां की समस्याओं के बारे में बात करें तो सबसे मुख्य शौचालय की समस्या है। मार्केट परिसर में कहीं भी शौच के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जरूरत पड़ने पर दुकानोंदारों को इधर उधर भटकना पड़ता है। सफाई व्यवस्था बदहाल है। लोग बताते हैं कि करीब 22 साल पहले इस जिला परिषद मार्केट का निर्माण हुआ था, तो उम्मीद जगी कि यह बेहतर मार्केट होगा लेकिन प्रभाव का इस्तेमाल कर कुछ लोगों ने एक से अधिक दुकानों को आवंटित कराने के साथ ही उसमें गोदाम बनवा लिया। वर्तमान में यह स्थिति है कि ज्यादातर दुकानों के शटर बंद ही रहते हैं। कुछ दुकानें खुल रहती हैं तो दुकानदारों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। गेट पर पूर्व में लगा बोर्ड भी गायब हो गया है, जिससे यह पता चला पाना मुश्किल होता है कि यही जिला परिषद मार्केट है। दुकानदार दिनेश अग्रवाल कहते हैं कि बरसात में जल निकासी की समस्या होती है। नाली में कूड़े कचरे पडे़ हुए हैं। इनकी साफ करने वाला कोई नहीं है। पूरे परिसर में एक इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। गांधी आश्रम के सच्चिदानंद पांडेय का कहना था कि शौच के लिए दिक्कत होती है। दिन में अगर जरूरत पड़ जाय तो बहुत मुश्किल होती है। अखिलेश कुमार ने कहा कि परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल है। यहां साफ सफाई के लिए कोई कर्मी नहीं आता है। राहुल सिंह ने कहा कि सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। दिन ढलते ही मच्छरों का आतंक शुरू हो जाता है। प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। प्रयास किया जाएगा कि दुकानदारों को कोई दिक्कत न हो।
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शहर के बीच में बने (वीर बहादुर सिंह व्यवसायिक प्रतिष्ठान) जिला परिषद मार्केट में 185 दुकानें बनी हैं। इनमें ज्यादातर दुकानों में गोदाम बना लिए गए हैं। जिला परिषद मार्केट के अंदर कुछ हिस्से में तो सांस लेना भी दुश्वार हो जाएगा। नियमित सफाई के अभाव में कूड़े के ढेर लग गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बरसात के दिनों में दुकानदारों को दिक्कत होती है। यहां की समस्याओं के बारे में बात करें तो सबसे मुख्य शौचालय की समस्या है। मार्केट परिसर में कहीं भी शौच के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जरूरत पड़ने पर दुकानोंदारों को इधर उधर भटकना पड़ता है। सफाई व्यवस्था बदहाल है। लोग बताते हैं कि करीब 22 साल पहले इस जिला परिषद मार्केट का निर्माण हुआ था, तो उम्मीद जगी कि यह बेहतर मार्केट होगा लेकिन प्रभाव का इस्तेमाल कर कुछ लोगों ने एक से अधिक दुकानों को आवंटित कराने के साथ ही उसमें गोदाम बनवा लिया। वर्तमान में यह स्थिति है कि ज्यादातर दुकानों के शटर बंद ही रहते हैं। कुछ दुकानें खुल रहती हैं तो दुकानदारों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। गेट पर पूर्व में लगा बोर्ड भी गायब हो गया है, जिससे यह पता चला पाना मुश्किल होता है कि यही जिला परिषद मार्केट है। दुकानदार दिनेश अग्रवाल कहते हैं कि बरसात में जल निकासी की समस्या होती है। नाली में कूड़े कचरे पडे़ हुए हैं। इनकी साफ करने वाला कोई नहीं है। पूरे परिसर में एक इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। गांधी आश्रम के सच्चिदानंद पांडेय का कहना था कि शौच के लिए दिक्कत होती है। दिन में अगर जरूरत पड़ जाय तो बहुत मुश्किल होती है। अखिलेश कुमार ने कहा कि परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल है। यहां साफ सफाई के लिए कोई कर्मी नहीं आता है। राहुल सिंह ने कहा कि सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। दिन ढलते ही मच्छरों का आतंक शुरू हो जाता है। प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। प्रयास किया जाएगा कि दुकानदारों को कोई दिक्कत न हो।
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