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Maharajganj News: आंधी तूफान ने बढ़ाई परेशानी...सैकड़ों गांवों की रात भर गुल रही बिजली
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निचलौल क्षेत्र के गुलरभार में तार पर गिरा पेड़।
निचलौल, फरेंदा ठूठीबारी में पूरी रात गुल रही बिजली, निचलौल में हल्की बूंदाबांदी
बिजली आपूर्ति बाधित होने से रविवार को लोगों की दिनचर्चा हुई प्रभावित
महराजगंज। शनिवार की रात देर रात आई आंधी-बारिश ने सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गई। फरेंदा, ठूठीबारी, निचलौल, अड्डा बाजार में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित रही। वहीं निचलौल के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। बिजली न रहने के कारण लोगों की रविवार की पूरी दिनचर्या प्रभावित हुई। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार,
नेपाल के सीमावर्ती गांव में शनिवार की देर रात तेज हवा व आंधी चलने के कारण रात भर बिजली रही गुल। नेपाल के सीमावर्ती गांव हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, सुंडी, खनुआ, शेख फरेंदा, बरगदवा उर्फ गनवरिया, सुकरौली उर्फ अरघा, महुअवा, आराजी सरकार उर्फ़ बैरिहवा, छपवा आदि गांवों की बिजली पूरी रात गुल रही। ग्रामीण सूरज, जयराम, कमलेश, जगदीश, राम अवध ने बताया कि आंधी के चलते बिजली गुल हो गई थी। कुछ स्थानों पर गेहूं की फसल भी खेतों में गिर गई है।
परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार,
नौतनवां ब्लाॅक क्षेत्र में शनिवार की रात अचानक मौसम बदल गया। आंधी तूफान आने से किसानों को गेहूं फसल की चिंता सताने लगी। बिजली गुल होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। जानकारी के अनुसार, नौतनवां ब्लाॅक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में गेहूं के फसल की कटाई हो रही है। अचानक मौसम बदलते ही तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान व बूंदाबांदी होने लगी। आंधी-तूफान आते ही बिजली गुल हो गई है। क्षेत्र के जयकिशुन यादव, महबूब अली, गतिराम साहनी, विजय कुमार चौरसिया, राज अग्रहरि, राजेश मद्धेशिया, विजय पटवा, अखिलेश यादव, अशोक गिरी सहित आदि लोगों ने बताया कि आंधी-तूफान आते ही बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होने से मोबाइल सहित अन्य उपकरणों को चार्ज करने में परेशानी हुई।
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फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार,
क्षेत्र में तेज हवा के कारण पूरी रात हरपुर, धानी फीडर क्षेत्र के लेजार महदेवा, भैया फरेंदा, परसाबेनी, बाजारडीह, बनकटी, उदितपुर, भगवतनगर परसिया, बैकुंठपुर, लीलाछापर, परासखाड़, गोपलापुर, परसा महंथ सहित कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली न रहने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। रविवार की सुबह सात बजे के करीब आपूर्ति बहाल की जा सकी। एक्सईएन चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि मामूली फाल्ट था। खजुरिया फीडर, लक्ष्मीपुर फीडर और सोनौली में मामूली नुकसान हुआ था। कुछ जगहों पर रात व कुछ जगहों पर सुबह बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार,
क्षेत्र में आंधी से बैजनाथपुर उर्फ चरका के पास हाईटेंशन तार पर एक पेड़ गिर गया। चड़लहां के रेहरा टोला के पास निकट खूंटी से कई बांस बिजली तार पर झूल गए। कर्मचारी दुरुस्त करने में जुटे हैं। इन दो अलावा अन्य गांवों की बिजली सुबह लगभग 7:45 बजे बहाल की जा सकी।
गेहूं के दाने सड़ने की आशंका
निचलौल। नेपाल राष्ट्र के पहाड़ियों के नीचे बसे तराई इलाके में शनिवार शाम से ही मौसम करवट ले चुकी थी। बादलों के साथ तेज पछुआ हवा चल रही थी। करीब आधी रात के बाद हवाओं के साथ बारिश भी शुरू हो गई। हालांकि कुछ दिन पहले ही हवाओं के साथ हुई बारिश के चलते कुछ जगहों पर गेहूं की फसल गिर चुकी थी। ऐसे में किसानों को चिंता बढ़ गई है।
वसूली कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. वी. चंद्रन ने कहा कि इन दिनों खेतों में खड़ी गेंहू की फसल करीब 90 पक कर तैयार है। ऐसे में बारिश के चलते गेंहू के दाने में कालापन आ जाएगा। इतना ही नहीं गिरी हुई फसलों के दाने सड़कर नष्ट हो जाएंगे। ऐसे में हवाओं के साथ हुई बारिश से गेंहू के फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। जबकि गन्ने की फसल पर इसका फायदा हुआ है। फिलहाल दलहन और तिलहन की अधिकांश फसलों की कटाई हो चुकी है। हालांकि आम के फसलों में इन दिनों बौर लगे हुए है। इसमें अभी दाने नहीं पड़े है। ऐसे में तेज आंधी और पानी से आम के पैदावार पर भी असर पड़ेगा। वहीं केले के फसल पर भी आंधी और पानी का कोई बढ़ा प्रभाव नहीं पड़ा है। क्योंकि अभी अधिकांश केले की फसलों में फल नहीं लगे है। संवाद
17 घंटे बाद बहाल हुई 70 गांवों की बिजली
ठूठीबारी। शनिवार की रात आंधी-तूफान से 70 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इन गांवों में दोपहर बाद करीब तीन बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। ठूठीबारी विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत क्षेत्र के 70 गांवों में सुचारु रूप से बिजली सप्लाई देने के लिए मनिकापुर, परसामलिक, ठूठीबारी तीन फीडर बनाया गया है। इससे 70 गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। दिलीप मद्धेशिया, इद्रजीत वरुण, भोलई भारती, संजय, मनोज शर्मा, सोनू मद्देशियां, हरीनरायण, मुक्तिनाथ, जितेन्द्र शर्मा, नरेंद्र आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि शनिवार की रात तेज आंधी तूफान से बरगदवा, देवघटी, नरायनापुर, बेलहिया, मानिकापुर, कचरहिया, निवियहवा, पड़रहवां, पिपरहवा, सिहाभार, खैराटी, खैरहवा, भगतपुरवा, डगरूपुर, लक्ष्मीपुर, रमगढ़वां, शीशगढ़, मोहनापुर, मंगलापुर, बरैठवा, ठूठीबारी राजाबारी, पिपरा आदि गांव रातभर बिजली गुल थी। दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। ठूठीबारी जेई रजनीश गोंड ने बताया कि शनिवार की तेज आंधी तूफान के साथ बूंदाबादी होने लगी। उसी दौरान ठूठीबारी विद्युत उपकेंद्र से दी जाने वाली बिजली सप्लाई बाधित हो गई। रविवार की सुबह से दोपहर तक दर्जनों जगह क्षेत्र में बिजली कर्मियों ने फाल्ट ठीक किया। संवाद
वर्जन
हरपुर, सोनौली, सिसवा में फाल्ट की वजह से रात में बिजली गुल हो गई थी। कुछ जगहों पर रात में ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। कुछ स्थानों पर सुबह बहाल हो सकी।
-- चंद्रेश उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, विद्युत
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बिजली आपूर्ति बाधित होने से रविवार को लोगों की दिनचर्चा हुई प्रभावित
महराजगंज। शनिवार की रात देर रात आई आंधी-बारिश ने सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गई। फरेंदा, ठूठीबारी, निचलौल, अड्डा बाजार में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित रही। वहीं निचलौल के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। बिजली न रहने के कारण लोगों की रविवार की पूरी दिनचर्या प्रभावित हुई। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार,
नेपाल के सीमावर्ती गांव में शनिवार की देर रात तेज हवा व आंधी चलने के कारण रात भर बिजली रही गुल। नेपाल के सीमावर्ती गांव हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, सुंडी, खनुआ, शेख फरेंदा, बरगदवा उर्फ गनवरिया, सुकरौली उर्फ अरघा, महुअवा, आराजी सरकार उर्फ़ बैरिहवा, छपवा आदि गांवों की बिजली पूरी रात गुल रही। ग्रामीण सूरज, जयराम, कमलेश, जगदीश, राम अवध ने बताया कि आंधी के चलते बिजली गुल हो गई थी। कुछ स्थानों पर गेहूं की फसल भी खेतों में गिर गई है।
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परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार,
नौतनवां ब्लाॅक क्षेत्र में शनिवार की रात अचानक मौसम बदल गया। आंधी तूफान आने से किसानों को गेहूं फसल की चिंता सताने लगी। बिजली गुल होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। जानकारी के अनुसार, नौतनवां ब्लाॅक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में गेहूं के फसल की कटाई हो रही है। अचानक मौसम बदलते ही तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान व बूंदाबांदी होने लगी। आंधी-तूफान आते ही बिजली गुल हो गई है। क्षेत्र के जयकिशुन यादव, महबूब अली, गतिराम साहनी, विजय कुमार चौरसिया, राज अग्रहरि, राजेश मद्धेशिया, विजय पटवा, अखिलेश यादव, अशोक गिरी सहित आदि लोगों ने बताया कि आंधी-तूफान आते ही बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होने से मोबाइल सहित अन्य उपकरणों को चार्ज करने में परेशानी हुई।
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क्षेत्र में तेज हवा के कारण पूरी रात हरपुर, धानी फीडर क्षेत्र के लेजार महदेवा, भैया फरेंदा, परसाबेनी, बाजारडीह, बनकटी, उदितपुर, भगवतनगर परसिया, बैकुंठपुर, लीलाछापर, परासखाड़, गोपलापुर, परसा महंथ सहित कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली न रहने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। रविवार की सुबह सात बजे के करीब आपूर्ति बहाल की जा सकी। एक्सईएन चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि मामूली फाल्ट था। खजुरिया फीडर, लक्ष्मीपुर फीडर और सोनौली में मामूली नुकसान हुआ था। कुछ जगहों पर रात व कुछ जगहों पर सुबह बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार,
क्षेत्र में आंधी से बैजनाथपुर उर्फ चरका के पास हाईटेंशन तार पर एक पेड़ गिर गया। चड़लहां के रेहरा टोला के पास निकट खूंटी से कई बांस बिजली तार पर झूल गए। कर्मचारी दुरुस्त करने में जुटे हैं। इन दो अलावा अन्य गांवों की बिजली सुबह लगभग 7:45 बजे बहाल की जा सकी।
गेहूं के दाने सड़ने की आशंका
निचलौल। नेपाल राष्ट्र के पहाड़ियों के नीचे बसे तराई इलाके में शनिवार शाम से ही मौसम करवट ले चुकी थी। बादलों के साथ तेज पछुआ हवा चल रही थी। करीब आधी रात के बाद हवाओं के साथ बारिश भी शुरू हो गई। हालांकि कुछ दिन पहले ही हवाओं के साथ हुई बारिश के चलते कुछ जगहों पर गेहूं की फसल गिर चुकी थी। ऐसे में किसानों को चिंता बढ़ गई है।
वसूली कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. वी. चंद्रन ने कहा कि इन दिनों खेतों में खड़ी गेंहू की फसल करीब 90 पक कर तैयार है। ऐसे में बारिश के चलते गेंहू के दाने में कालापन आ जाएगा। इतना ही नहीं गिरी हुई फसलों के दाने सड़कर नष्ट हो जाएंगे। ऐसे में हवाओं के साथ हुई बारिश से गेंहू के फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। जबकि गन्ने की फसल पर इसका फायदा हुआ है। फिलहाल दलहन और तिलहन की अधिकांश फसलों की कटाई हो चुकी है। हालांकि आम के फसलों में इन दिनों बौर लगे हुए है। इसमें अभी दाने नहीं पड़े है। ऐसे में तेज आंधी और पानी से आम के पैदावार पर भी असर पड़ेगा। वहीं केले के फसल पर भी आंधी और पानी का कोई बढ़ा प्रभाव नहीं पड़ा है। क्योंकि अभी अधिकांश केले की फसलों में फल नहीं लगे है। संवाद
17 घंटे बाद बहाल हुई 70 गांवों की बिजली
ठूठीबारी। शनिवार की रात आंधी-तूफान से 70 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इन गांवों में दोपहर बाद करीब तीन बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। ठूठीबारी विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत क्षेत्र के 70 गांवों में सुचारु रूप से बिजली सप्लाई देने के लिए मनिकापुर, परसामलिक, ठूठीबारी तीन फीडर बनाया गया है। इससे 70 गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। दिलीप मद्धेशिया, इद्रजीत वरुण, भोलई भारती, संजय, मनोज शर्मा, सोनू मद्देशियां, हरीनरायण, मुक्तिनाथ, जितेन्द्र शर्मा, नरेंद्र आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि शनिवार की रात तेज आंधी तूफान से बरगदवा, देवघटी, नरायनापुर, बेलहिया, मानिकापुर, कचरहिया, निवियहवा, पड़रहवां, पिपरहवा, सिहाभार, खैराटी, खैरहवा, भगतपुरवा, डगरूपुर, लक्ष्मीपुर, रमगढ़वां, शीशगढ़, मोहनापुर, मंगलापुर, बरैठवा, ठूठीबारी राजाबारी, पिपरा आदि गांव रातभर बिजली गुल थी। दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। ठूठीबारी जेई रजनीश गोंड ने बताया कि शनिवार की तेज आंधी तूफान के साथ बूंदाबादी होने लगी। उसी दौरान ठूठीबारी विद्युत उपकेंद्र से दी जाने वाली बिजली सप्लाई बाधित हो गई। रविवार की सुबह से दोपहर तक दर्जनों जगह क्षेत्र में बिजली कर्मियों ने फाल्ट ठीक किया। संवाद
वर्जन
हरपुर, सोनौली, सिसवा में फाल्ट की वजह से रात में बिजली गुल हो गई थी। कुछ जगहों पर रात में ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। कुछ स्थानों पर सुबह बहाल हो सकी।