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Maharajganj News: प्रक्रिया का पेच, ध्वस्त नहीं हुए जर्जर स्कूल भवन
Wed, 30 Jul 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 30 Jul 2025 01:01 AM IST
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महराजगंज। सरकारी स्कूलों के जर्जर भवन से हुई दुर्घटना को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय व प्रदेश शिक्षा महानिदेशक ने स्कूलों में सेफ्टी ऑडिट कराते हुए रिपोर्ट तलब की है।
शनिवार को प्राप्त निर्देश क्रम में सोमवार को विभाग की तरफ से जनपद में 30 जर्जर स्कूल भवन होने की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया है कि जर्जर स्कूल भवन के स्थान पर नये भवन बन चुके हैं। जर्जर भवन ध्वस्त इसलिए नहीं हुए क्योंकि इसकी अनुमति का आवेदन विभाग को नहीं मिला। जनपद में परिषदीय स्कूल भवनों की बात करें तो 1705 परिषदीय स्कूल भवन हैं। मर्ज होने के उपरांत लगभग 1554 स्कूल भवन में पठन-पाठन प्रभावी है। जिन स्कूलों के भवन जर्जर व खस्ताहाल थे वहां योजना कायाकल्प के जरिए भवन निर्माण से लेकर अन्य कार्य भी हुए, लेकिन अधिकतर जर्जर भवन निष्प्रयोज्य होकर भी नीलामी न होने से ध्वस्त नहीं कराए गए।
सेफ्टी आडिट के निर्देश क्रम में पड़ताल के बाद विभाग को जर्जर 30 स्कूल भवनों की जानकारी प्राप्त हुई है। सर्वाधिक आठ जर्जर स्कूल भवन सिसवां बीआरसी के अधीन हैं।
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शनिवार को प्राप्त निर्देश क्रम में सोमवार को विभाग की तरफ से जनपद में 30 जर्जर स्कूल भवन होने की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया है कि जर्जर स्कूल भवन के स्थान पर नये भवन बन चुके हैं। जर्जर भवन ध्वस्त इसलिए नहीं हुए क्योंकि इसकी अनुमति का आवेदन विभाग को नहीं मिला। जनपद में परिषदीय स्कूल भवनों की बात करें तो 1705 परिषदीय स्कूल भवन हैं। मर्ज होने के उपरांत लगभग 1554 स्कूल भवन में पठन-पाठन प्रभावी है। जिन स्कूलों के भवन जर्जर व खस्ताहाल थे वहां योजना कायाकल्प के जरिए भवन निर्माण से लेकर अन्य कार्य भी हुए, लेकिन अधिकतर जर्जर भवन निष्प्रयोज्य होकर भी नीलामी न होने से ध्वस्त नहीं कराए गए।
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सेफ्टी आडिट के निर्देश क्रम में पड़ताल के बाद विभाग को जर्जर 30 स्कूल भवनों की जानकारी प्राप्त हुई है। सर्वाधिक आठ जर्जर स्कूल भवन सिसवां बीआरसी के अधीन हैं।
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