{"_id":"67841408097d80f258036999","slug":"the-police-investigation-is-stuck-in-its-own-story-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-140395-2025-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: अपनी कहानी में ही घिर रही पुलिस की विवेचना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: अपनी कहानी में ही घिर रही पुलिस की विवेचना
Mon, 13 Jan 2025 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 13 Jan 2025 12:42 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। भाई और पिता पर किशोरी की हत्या की कहानी रचने वाली पुलिस खुद अपनी कहानी में फंसती जा रही है। पुलिस की कहानी पर सजा का निर्धारण हो गया, लेकिन जिस किशोरी की हत्या के मामले में भाई और पिता जेल भेजे गए थे उसके जिंदा मिलने के बाद अब पुलिसिया विवेचना की कलई परत दर परत खुलने लगी है।
खुलती परतें यह भी बताने को पर्याप्त हैं कि पुलिस फर्जी विवेचना और कहानी पात्र गढ़कर कैसे साबित कर सकती है। घुघली क्षेत्र के एक गांव के पिता पुत्र को कोर्ट हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर चुकी है क्योंकि किशोरी जीवित मिली और कोर्ट पहुंचकर बयान दर्ज करा चुकी है। अब पुलिस की कहानी के मुताबिक निचलौल के नहर में एक युवती की लाश मिली, जिसकी पहचान परिजनों से कराने की बात कहकर शव को प्रीति साबित करने की पूरी कहानी में झोल ही झोल है। शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट है कि 22 वर्षीय युवती का शव था, जबकि जिस प्रीति का रूप इसे दिया गया उसकी उम्र 14 वर्ष थी।
24 जुलाई 2023 को शाम पांच बजे पोस्टमार्टम हुआ। शव के हाथ में कलावा और चूड़ी का जिक्र है, लेकिन वह किशोरी थी और उसकी शादी नहीं हुई थी। शव लगभग तीन दिन पुराना बताया गया और चार जगह चोट के निशान मिले और मृत्यु का कारण हेडइंजरी के कारण कोमा में जाने से हुई बताया गया।
विज्ञापन
वही सभी बयान जिसके आधार पर पूर्व में दोषसिद्ध किया गया उसके मुताबिक 22 जून 2023 को गांव के ही एक व्यक्ति के घर उनकी पत्नी की देखभाल को गई थी और उसी दिन चोरी में पकड़े जाने से वह पिटाई के डर से रिश्तेदार के घर चली गई। इसकी जानकारी उसकी मां को फोन पर दी गई।
लोगों और जिस रिश्तेदार के घर वह गई थी उसके बयान के मुताबिक उनके घर से प्रीति 23 जून 2023 को भाई के साथ चली गई। इस तारीक के लगभग एक माह के बाद मिला शव किशोरी का साबित कराया गया जबकि उसकी मां का बयान दर्ज है कि उसकी बेटी के गले पर पैर से मारने और दीवार में सिर टकराने का काम पति और लड़के ने किया, जिससे 19 जुलाई 2023 को उसकी मृत्यु हो गई जिसे बोरी में भरकर पिता-पुत्र नहर में फेंक आए, जबकि 24 जुलाई 2023 के पोस्टमार्टम में शव तीन दिन पुराना था।
ऐसे में सवाल यह कि 19, 20 जुलाई 2023 को नहर में फेंका गया शव दो दिन कहां रहा और शव गांव से लेकर निचलौल फेंकने क्यों गए। तारीखों के सहारे रची कहानी में अब पुलिस पग-पग फंस रही है। प्रभारी निरीक्षक कोठीभार की ओर से विवेचना की जा रही है। उनकी ओर से सभी जरूरी तथ्यों की जांच की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र पुलिस की ओर से न्यायालय में भेजी गई रिपोर्ट में दर्शाया गया है।
विज्ञापन
खुलती परतें यह भी बताने को पर्याप्त हैं कि पुलिस फर्जी विवेचना और कहानी पात्र गढ़कर कैसे साबित कर सकती है। घुघली क्षेत्र के एक गांव के पिता पुत्र को कोर्ट हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर चुकी है क्योंकि किशोरी जीवित मिली और कोर्ट पहुंचकर बयान दर्ज करा चुकी है। अब पुलिस की कहानी के मुताबिक निचलौल के नहर में एक युवती की लाश मिली, जिसकी पहचान परिजनों से कराने की बात कहकर शव को प्रीति साबित करने की पूरी कहानी में झोल ही झोल है। शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट है कि 22 वर्षीय युवती का शव था, जबकि जिस प्रीति का रूप इसे दिया गया उसकी उम्र 14 वर्ष थी।
विज्ञापन
24 जुलाई 2023 को शाम पांच बजे पोस्टमार्टम हुआ। शव के हाथ में कलावा और चूड़ी का जिक्र है, लेकिन वह किशोरी थी और उसकी शादी नहीं हुई थी। शव लगभग तीन दिन पुराना बताया गया और चार जगह चोट के निशान मिले और मृत्यु का कारण हेडइंजरी के कारण कोमा में जाने से हुई बताया गया।
विज्ञापन
वही सभी बयान जिसके आधार पर पूर्व में दोषसिद्ध किया गया उसके मुताबिक 22 जून 2023 को गांव के ही एक व्यक्ति के घर उनकी पत्नी की देखभाल को गई थी और उसी दिन चोरी में पकड़े जाने से वह पिटाई के डर से रिश्तेदार के घर चली गई। इसकी जानकारी उसकी मां को फोन पर दी गई।
लोगों और जिस रिश्तेदार के घर वह गई थी उसके बयान के मुताबिक उनके घर से प्रीति 23 जून 2023 को भाई के साथ चली गई। इस तारीक के लगभग एक माह के बाद मिला शव किशोरी का साबित कराया गया जबकि उसकी मां का बयान दर्ज है कि उसकी बेटी के गले पर पैर से मारने और दीवार में सिर टकराने का काम पति और लड़के ने किया, जिससे 19 जुलाई 2023 को उसकी मृत्यु हो गई जिसे बोरी में भरकर पिता-पुत्र नहर में फेंक आए, जबकि 24 जुलाई 2023 के पोस्टमार्टम में शव तीन दिन पुराना था।
ऐसे में सवाल यह कि 19, 20 जुलाई 2023 को नहर में फेंका गया शव दो दिन कहां रहा और शव गांव से लेकर निचलौल फेंकने क्यों गए। तारीखों के सहारे रची कहानी में अब पुलिस पग-पग फंस रही है। प्रभारी निरीक्षक कोठीभार की ओर से विवेचना की जा रही है। उनकी ओर से सभी जरूरी तथ्यों की जांच की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र पुलिस की ओर से न्यायालय में भेजी गई रिपोर्ट में दर्शाया गया है।