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Maharajganj News: मरीज रेफर हुआ मेडिकल काॅलेज, दलालों ने पहुंचाया निजी अस्पताल

Wed, 19 Mar 2025 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Wed, 19 Mar 2025 12:24 AM IST
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The patient was referred to the medical college, but the middlemen took him to a private hospital
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर से मेडिकल कालेज रेफर होने के बाद ई रिक्शा से मरीज को लेकर जाते लोग
महराजगंज। मरीज माफिया और निजी अस्पतालों के गठजोड़ में मरीज पीस रहे हैं। आर्थिक नुकसान के साथ ही बीमारी भी बढ़ने से मरीज परेशान हैं। महराजगंज से लेकर गोरखपुर तक निजी अस्पतालों में मरीज पहुंच रहे हैं। सीएचसी से ही पीछा करते हुए जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर तक दलाल पहुंच जाते हैं। यहां से मरीज मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर होता है तो दलाल उसे बरगलाकर निजी अस्पताल में भर्ती करा देते हैं।
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मंगलवार को दोपहर में जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर के सामने ई-रिक्शा पर मरीज को स्ट्रेचर से बैठाया जा रहा था। दो युवक मरीज को बैठाने में मदद कर रहे थे। एक युवक तीमारदार को शहर के एक निजी अस्पताल के बारे में बता रहा था। उसने सस्ते में बेहतर इलाज कराने की बात कही। मिठौरा क्षेत्र की एक की युवती की विषाक्त पदार्थ खाने से तबीयत खराब हुई थी। परिजन उसे लेकर सीएचसी मिठौरा गए थे। वहीं से जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में रेफर कर दिया गया।
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यहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल काॅलेज गोरखपुर के लिए रेफर किया गया। सभी प्रपत्र जैसे ही तैयार हुआ। दलाल ने सक्रियता बढ़ा दी। उसने परिजनों को गुमराह कर निजी अस्पताल में ले जाने के लिए गुमराह करने लगा। विषाक्त पदार्थ खाने में मामले में पुलिस केस होने का झांसा देकर दलाल ने तीमारदारों को डराकर निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। बातचीत में पता चला की दलाल सीएचसी मिठौरा से ही मरीज के पीछे लगे थे। उचित समय देखते ही सक्रियता से अपना काम कर किनारा कस लिए। इसमें किसी ने कहीं शिकायत दर्ज नहीं कराई।
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सूत्र बतातें हैं कि ऐसे हर रोज हो रहा है। एंबुलेंस चालकों से भी सेटिंग कर मरीजों के बारे में दलाल जानकारी एकत्र करते हैं। शहर में तमाम निजी अस्पताल में मरीज ऐसे ही नेटवर्क के जरिए भर्ती कराए जाते हैं। मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दलाल के हिस्से वाली रकम उसे दी जाती है।

हर दलाल का अलग अलग काम तय रहता है
दलाल मरीजों को फंसाकर निजी अस्पताल पहुंचा रहे हैं। फिलहाल मौजूदा समय में मरीजों को जांच और दवा के नाम पर कुछ अधिक शिकार बना रहे हैं। दवा की दलाली करने वाला केवल दवा का काम करता है। ब्लड की जांच कराने वाला वहीं काम करेगा। जबकि एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के लिए बरगलाकर निजी केंद्र पर भेजने वाला अपना काम करेगा। वहीं, खून में कमीशन लेने वाला अगल है। हिस्से में ईमानदारी इस प्रकार से है कि जिसका जितना कमीशन होता है तय समय पर केस और पर्चे के हिसाब से पहुंचा देते हैं। इसलिए विभागीय लोग खामोश रहे हैं।


मामले को लेकर गंभीरता से जांच कराई जा रही है। टीम गोपनीय ढंग से जांच कर रही है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से कसूरवारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध है। अगर कोई मरीजों को गुमराह करता हुआ मिलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी
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