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Maharajganj News: प्रधान पति ने पहले उजाड़ा आशियाना, फिर झांसे में लेकर हड़प ली रकम
Fri, 27 Sep 2024 08:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 27 Sep 2024 08:50 PM IST
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निचलौल। क्षेत्र के कुंवारीसती गांव के प्रधान पति और बेटे ने पहले एक महिला का आशियाना उजाड़ दिया। फिर पति की तालाब में डूबने से हुई मौत के बाद शासन से मिली चार लाख रुपये भी हड़प लिया। पूछताछ करने पर महिला और उसकी बेटी की पिटाई भी की। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने प्रधान पति और उसके बेटे के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, कुंवारीसती निवासी सिमिरता देवी की आर्थिक हालत बहुत ही दयनीय है। सिमिरता देवी के पास ना तो कोई कृषि कार्य के लिए भूमि है। न ही बारिश और धूप से बचने के लिए कोई आवासीय भूमि है। सिमिरता देवी पति जगबहादुर और दो बेटियों के साथ गांव के चौराहे पर सड़क के किनारे स्थित भूमि पर टीनशेड के आशियाने में गुजर करती थी।
सिमिरता की आर्थिक हालत को देखते हुए ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बड़ी बेटी पावित्रा की करमहिया गांव निवासी एक युवक से शादी करा दी, जबकि छोटी बेटी घर की आर्थिक हालत देखकर आर्केस्ट्रा में काम करने लगी। इसी बीच वर्तमान ग्राम प्रधान के पति की उसके आशियाने पर नजर लग गई। फिर ग्राम प्रधान पति ने रसूख के दम पर सिमिरता देवी के आशियाने को उजड़वा दिया। उसके बाद सिमिरता प्रधान पति के घर से सटे गांव के ही रहने वाले मुन्ना की खाली मकान में रहने लगी। इसी बीच सात सितंबर 2022 को गांव के पश्चिम स्थित एक तालाब में सिमिरता के पति जगबहादुर की डूबने से मौत हो गई।
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वहीं पीड़िता सिमिरता देवी ने न्यायालय में वाद दाखिल कर गुहार लगाई कि पति जगबहादुर की मौत के बाद सरकारी योजना के जरिए उनके खाते में राजस्व विभाग की ओर से अनुदान के रूप में चार लाख रुपये भेजे गए थे। इस दौरान ग्राम प्रधान पति ने अनुदान की रकम को कई अधिकारियों को देने और आवास बनवाने के नाम पर उन्हें झांसा दिया। नौ फरवरी से लेकर 26 मई 2023 के बीच में आठ किस्तों में अनुदान की पूरी रकम निकाल ली। इसकी जानकारी होने पर वह बेटी के साथ पांच सितंबर शाम प्रधान पति के घर पूछताछ करने पहुंची तो प्रधान पति ने अपने बेटे के साथ मिलकर पीड़िता और उसकी बेटी की पिटाई कर दी और धमकी देते हुए खदेड़ दिया।
इतना ही नहीं प्रधान पति ने कहा की तुम्हारे अनुदान का पूरा पैसा हमने लेखपाल, वीडीओ, तहसीलदार, कानूनगो सहित कई लोगों को दे दिया है। तुम्हारा पैसा अब नहीं मिल पाएगा। मामले की शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 10 सितंबर को न्यायालय में वाद दाखिल कर गुहार लगाई थी। थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव कन्नौजिया के अनुसार, आरोपी प्रधान पति विश्वनाथ सिंह और बेटे विनय निवासी कुंवारी सती के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
प्रधान पति अमीन तो बेटा रह चुका है एपीओ
ब्लॉक क्षेत्र के कुंवारीसती गांव के ग्राम प्रधान का बेटा विनय निचलौल ब्लॉक में मनरेगा में एपीओ के पद पर पूर्व में तैनात था। तैनाती के दौरान ही उसका एक रोजगार सेवक से प्रेम प्रसंग और शादी रचाने का मामला खूब चर्चा में आया था। इस मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी। उसके बाद भी लगातार आ रही शिकायती को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों ने विनय की संविदा समाप्त कर दी। वहीं प्रधान पति विश्वनाथ सिंह नौतनवा तहसील में अमीन के पद पर कार्यरत था। बाप-बेटे के रसूख और राजनीतिक पैठ के चलते गांव में काफी दबदबा रहता है। बताया जाता है की दोनों के खिलाफ कोई आवाज बुलंद करना मुनासिब नहीं समझता है।
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जानकारी के मुताबिक, कुंवारीसती निवासी सिमिरता देवी की आर्थिक हालत बहुत ही दयनीय है। सिमिरता देवी के पास ना तो कोई कृषि कार्य के लिए भूमि है। न ही बारिश और धूप से बचने के लिए कोई आवासीय भूमि है। सिमिरता देवी पति जगबहादुर और दो बेटियों के साथ गांव के चौराहे पर सड़क के किनारे स्थित भूमि पर टीनशेड के आशियाने में गुजर करती थी।
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सिमिरता की आर्थिक हालत को देखते हुए ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बड़ी बेटी पावित्रा की करमहिया गांव निवासी एक युवक से शादी करा दी, जबकि छोटी बेटी घर की आर्थिक हालत देखकर आर्केस्ट्रा में काम करने लगी। इसी बीच वर्तमान ग्राम प्रधान के पति की उसके आशियाने पर नजर लग गई। फिर ग्राम प्रधान पति ने रसूख के दम पर सिमिरता देवी के आशियाने को उजड़वा दिया। उसके बाद सिमिरता प्रधान पति के घर से सटे गांव के ही रहने वाले मुन्ना की खाली मकान में रहने लगी। इसी बीच सात सितंबर 2022 को गांव के पश्चिम स्थित एक तालाब में सिमिरता के पति जगबहादुर की डूबने से मौत हो गई।
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वहीं पीड़िता सिमिरता देवी ने न्यायालय में वाद दाखिल कर गुहार लगाई कि पति जगबहादुर की मौत के बाद सरकारी योजना के जरिए उनके खाते में राजस्व विभाग की ओर से अनुदान के रूप में चार लाख रुपये भेजे गए थे। इस दौरान ग्राम प्रधान पति ने अनुदान की रकम को कई अधिकारियों को देने और आवास बनवाने के नाम पर उन्हें झांसा दिया। नौ फरवरी से लेकर 26 मई 2023 के बीच में आठ किस्तों में अनुदान की पूरी रकम निकाल ली। इसकी जानकारी होने पर वह बेटी के साथ पांच सितंबर शाम प्रधान पति के घर पूछताछ करने पहुंची तो प्रधान पति ने अपने बेटे के साथ मिलकर पीड़िता और उसकी बेटी की पिटाई कर दी और धमकी देते हुए खदेड़ दिया।
इतना ही नहीं प्रधान पति ने कहा की तुम्हारे अनुदान का पूरा पैसा हमने लेखपाल, वीडीओ, तहसीलदार, कानूनगो सहित कई लोगों को दे दिया है। तुम्हारा पैसा अब नहीं मिल पाएगा। मामले की शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 10 सितंबर को न्यायालय में वाद दाखिल कर गुहार लगाई थी। थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव कन्नौजिया के अनुसार, आरोपी प्रधान पति विश्वनाथ सिंह और बेटे विनय निवासी कुंवारी सती के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
प्रधान पति अमीन तो बेटा रह चुका है एपीओ
ब्लॉक क्षेत्र के कुंवारीसती गांव के ग्राम प्रधान का बेटा विनय निचलौल ब्लॉक में मनरेगा में एपीओ के पद पर पूर्व में तैनात था। तैनाती के दौरान ही उसका एक रोजगार सेवक से प्रेम प्रसंग और शादी रचाने का मामला खूब चर्चा में आया था। इस मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी। उसके बाद भी लगातार आ रही शिकायती को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों ने विनय की संविदा समाप्त कर दी। वहीं प्रधान पति विश्वनाथ सिंह नौतनवा तहसील में अमीन के पद पर कार्यरत था। बाप-बेटे के रसूख और राजनीतिक पैठ के चलते गांव में काफी दबदबा रहता है। बताया जाता है की दोनों के खिलाफ कोई आवाज बुलंद करना मुनासिब नहीं समझता है।