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Maharajganj News: तरहवां जंगल स्थित समयमाता मंदिर के पुजारी पर वन विभाग ने दर्ज कराई प्राथमिकी
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पुजारी पर जादू-टोना, तांत्रिक क्रियाएं व संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप
ठूठीबारी। बोदना गांव के पश्चिम तरहवां जंगल में स्थित समय माता स्थान के पुजारी के खिलाफ वन विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। वन विभाग के शिकायती पत्र पर ठूठीबारी कोतवाली पुलिस वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मधवलियां रेंज अंतर्गत बीट दरोगा मारकंडेय पांडेय ने ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि तेन्दुअहवां, जिसे तरहवा जंगल के नाम से भी जाना जाता है, यह मधवलिया रेंज के अंतर्गत बसौली बीट में स्थित आरक्षित वन क्षेत्र है। आरोप है की राधेश्याम निवासी ग्राम बोदना टोला नौडीहवा द्वारा आरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण कर हाथी की मूर्ति आदि स्थापित कर दी गई है। आरोपी यहां पर नियमित रूप से जादू-टोना, तांत्रिक क्रियाएं एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियां संचालित करता है। इससे आरक्षित वन क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो रही है तथा वन एवं वन्य प्राणियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। उक्त व्यक्ति को पहले भी वन एवं वन्य जीव क्षेत्र में जादू-टोना, झाड़-फूंक, तांत्रिक क्रियाएं एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियां संचालित करने से मना किया गया है लेकिन आरोपी ने बात नहीं मानी। उल्टे वह वनकर्मियों एवं वाचर को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगा।
जंगल जैसे सुनसान क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों से किसी बड़ी अनहोनी की आशंका है। इससे मानव जीवन सुरक्षा को खतरा जैसे घटनाओं की प्रबल आशंका बनी रहती है। इस संबंध में ठूठीबारी कोतवाली प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि वन दरोगा मारकंडेय पांडेय की तहरीर पर आरोपी राधेश्याम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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पहले पुजारी ने दो वाचर पर दर्ज कराई थी प्राथमिकी
बोदना गांव के पश्चिम तरहवां जंगल में समय माता का स्थान है। देवी स्थान के पुजारी राधेश्याम साहनी ने 18 अप्रैल शनिवार को ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि बरगदवां थाना क्षेत्र के सीहाभार निवासी अजीबुल्लाह उर्फ बलाले व मजीबुल्लाह ग्राम अमहवां दोनों वनविभाग में वाचर हैं। देवी स्थान पर पूजा पाठ करने वाले श्रद्धालुओं से 500 रुपये देने पर ही पूजा पाठ करने देने की बात कह रहे थे। आरोप है कि विरोध करने पर आक्रोशित वनकर्मियों ने लाठी से समय माता स्थान पर मौजूद हाथी की मूर्ति खंडित कर पुजारी के साथ मारपीट किया। जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुआ तो आक्रोश व्याप्त हो गया था। सूचना पर पहुंची ठूठीबारी कोतवाली पुलिस लोगों को समझा बुझा खंडित मूर्ति को ठीक करा अभद्र व्यवहार करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने तथा मारपीट मामले में पुलिस ने बरगदवां थाना क्षेत्र के सीहाभार निवासी अजीबुल्लाह उर्फ बलाले (58), पुत्र मुमताज तथा मजीबुल्लाह (56), पुत्र अहमद निवासी अहमवां दोनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 298 एवं 324 (2) के तहत कार्रवाई की गई है।
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ठूठीबारी। बोदना गांव के पश्चिम तरहवां जंगल में स्थित समय माता स्थान के पुजारी के खिलाफ वन विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। वन विभाग के शिकायती पत्र पर ठूठीबारी कोतवाली पुलिस वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मधवलियां रेंज अंतर्गत बीट दरोगा मारकंडेय पांडेय ने ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि तेन्दुअहवां, जिसे तरहवा जंगल के नाम से भी जाना जाता है, यह मधवलिया रेंज के अंतर्गत बसौली बीट में स्थित आरक्षित वन क्षेत्र है। आरोप है की राधेश्याम निवासी ग्राम बोदना टोला नौडीहवा द्वारा आरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण कर हाथी की मूर्ति आदि स्थापित कर दी गई है। आरोपी यहां पर नियमित रूप से जादू-टोना, तांत्रिक क्रियाएं एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियां संचालित करता है। इससे आरक्षित वन क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो रही है तथा वन एवं वन्य प्राणियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। उक्त व्यक्ति को पहले भी वन एवं वन्य जीव क्षेत्र में जादू-टोना, झाड़-फूंक, तांत्रिक क्रियाएं एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियां संचालित करने से मना किया गया है लेकिन आरोपी ने बात नहीं मानी। उल्टे वह वनकर्मियों एवं वाचर को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगा।
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जंगल जैसे सुनसान क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों से किसी बड़ी अनहोनी की आशंका है। इससे मानव जीवन सुरक्षा को खतरा जैसे घटनाओं की प्रबल आशंका बनी रहती है। इस संबंध में ठूठीबारी कोतवाली प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि वन दरोगा मारकंडेय पांडेय की तहरीर पर आरोपी राधेश्याम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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पहले पुजारी ने दो वाचर पर दर्ज कराई थी प्राथमिकी
बोदना गांव के पश्चिम तरहवां जंगल में समय माता का स्थान है। देवी स्थान के पुजारी राधेश्याम साहनी ने 18 अप्रैल शनिवार को ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि बरगदवां थाना क्षेत्र के सीहाभार निवासी अजीबुल्लाह उर्फ बलाले व मजीबुल्लाह ग्राम अमहवां दोनों वनविभाग में वाचर हैं। देवी स्थान पर पूजा पाठ करने वाले श्रद्धालुओं से 500 रुपये देने पर ही पूजा पाठ करने देने की बात कह रहे थे। आरोप है कि विरोध करने पर आक्रोशित वनकर्मियों ने लाठी से समय माता स्थान पर मौजूद हाथी की मूर्ति खंडित कर पुजारी के साथ मारपीट किया। जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुआ तो आक्रोश व्याप्त हो गया था। सूचना पर पहुंची ठूठीबारी कोतवाली पुलिस लोगों को समझा बुझा खंडित मूर्ति को ठीक करा अभद्र व्यवहार करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने तथा मारपीट मामले में पुलिस ने बरगदवां थाना क्षेत्र के सीहाभार निवासी अजीबुल्लाह उर्फ बलाले (58), पुत्र मुमताज तथा मजीबुल्लाह (56), पुत्र अहमद निवासी अहमवां दोनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 298 एवं 324 (2) के तहत कार्रवाई की गई है।