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Maharajganj News: भारत-नेपाल बाॅर्डर पर घुसपैठ के लिए मुफीद बनीं पगडंडियां

Thu, 13 Mar 2025 01:02 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Mar 2025 01:02 AM IST
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The footpaths on the Indo-Nepal border have become convenient for infiltration
महराजगंज। सीमावर्ती इलाकों से अनजान विदेशी नागरिक दलालों के बताए पगडंडी से होकर आते हैं। निचलौल क्षेत्र के मटरा धमउर पगडंडी से पहली बार घुसपैठ हुई है। जिन इलाकों में सतर्कता बढ़ती है। वहां से अवैध गतिविधियां कुछ दिनों के लिए ठप हो जाती हैं।
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बीते दिनों बांग्लादेश का नागरिक गिरफ्तार होने के बाद ही पगडंडियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, बीते छह वर्ष में सोनौली कोतवाली क्षेत्र की सीमाओं से विदेशी घुसपैठ के मामलों पर नजर डाली जाए तो चार स्थानों से अवैध घुसपैठ के प्रयास हुए थे। इसमें सोनौली की मुख्य सीमा, तिलाहवा का पगडंडी रास्ता, केवटलिया गांव व भगवानपुर के सीमा नाके शामिल रहे।
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भारत-नेपाल की सोनौली सीमा बिना वैध कागजात वाले विदेशियों की घुसपैठ के लिए मुफीद बनी है। धरपकड़ के बाद भी घुसपैठ के मामले आते रहते हैं। जनपद महराजगंज के भारत-नेपाल सीमा की कुल 84 किलोमीटर खुली सीमा का फायदा अक्सर विदेशी उठाते रहते हैं। सीमा पर उनकी गिरफ्तारी भी होती है। नेपाल से लगी 84 किलोमीटर में सीमा में करीब 98 पगडंडिया हैं। नौ सीमा चौकी के साथ 10 बॉर्डर आउट पोस्ट चौकी स्थापित हैं, इनके जरिए निगहबानी होती है। पगडंडियों में सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर और झुलनीपुर नदी के अवैध रास्ते से घुसपैठ की आशंका बनी रहती है।
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सूत्रों की माने तो जनपद से लगी सीमा नेपाल का प्रमुख जिला रूपनदेही है। नेपाल के नवलपरासी जिले के कुछ थाने महराजगंज जनपद की सीमा से भी सटे हुए हैं। इन्हीं रास्तों से होकर विदेशी नागरिक घुसपैठ करते हुए पकड़े जाते हैं। विदेशियों को रास्ता बताने के लिए दलाल लगे रहते हैं। वे मोटी रकम लेकर किनारा कस लेते हैं।
नेपाल से लगे सोनौली बाॅर्डर पर अक्सर गलत तरीके से सीमा पार करते विदेशी नागरिक पकड़े जाते हैं। कई बार तो नशे की हालत में नेपाल से विदेशी नागरिक गलती से भारतीय सीमा में चले आते हैं, तो कभी फर्जी कागजात के सहारे नेपाल से आने और जाने की कोशिश करते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में सघन जांच की वजह से ऐसे मामले में पकड़ में आ जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण यह सीमा पर ही दबोच लिए जाते हैं।
बीते चार साल में कई बार विदेशी नागरिक सीमा पर पकड़े गए। सूत्रों की माने तो घुसपैठ कराने के लिए नेपाल सीमा में ऐसे दलाल हैं, जो भारतीय रास्तों के बारे में बेहतर ढंग से जानते हैं।
उनको यह भी जानकारी होती है की सख्ती किस क्षेत्र में अधिक हो रही है। जहां ढील दिखती है, वहीं से अपना काम कर किनारा कस लेते हैं। गुजरे वक्त में विदेशी नागरिकों की घुसपैठ पर नजर डाले तो बिचौलियों के जरिए ही उनकी भारतीय क्षेत्र में आने के रास्तों के बारे में जानकारी हुई।

वहीं दूसरी ओर से सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जा रही है। कहीं से भी सूचना मिलने पर सुरक्षा कर्मियों की ओर से त्वरित कार्रवाई की जाती है।
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्र में प्रत्येक हलचल पर नजर रहती है।
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