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Maharajganj News: अंत्येष्टि स्थल बना पर सड़क बनाना भूल गए जिम्मेदार
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महराजगंज। सरकारी काम कैसे होता है इसकी बानगी देखनी है तो सदर विकास खंड के बागापार गांव में देखा जा सकता है। इस गांव में दो वर्ष पूर्व अंत्येष्टि स्थल का निर्माण शुरू हुआ था। शव दाह गृह, शांति स्थल, स्वच्छ शौचालय, स्नान घर एवं लकड़ी घर का निर्माण भी पूरा कर लिया गया, लेकिन लोग अंत्येष्टि स्थल तक कैसे पहुंचेंगे, इसके लिए सड़क बनाना जिम्मेदार भूल गए। लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया अंत्येष्टि स्थल बेकार साबित हो रहा है। लोग नहरों के किनारे, गांव से सात किलोमीटर दूर रोहिन नदी पर शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
बता दें कि विकास खंड के सदर के ग्राम पंचायत बागापार में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में चयन किया गया। निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायत निधि के खाते से 24.12 लाख की धनराशि सरकार ने अवमुक्त कर दी। योजना के तहत ग्राम पंचायत बागापार के रेहांव नाले पर अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिम्मेदारों ने शव दाह स्थल की छत, शांति स्थल के पिलर व छत का निर्माण करा दिया। साथ ही शौचालय व शांति भवन का भी निर्माण करा दिया। स्थानीय जितेंद्र आर्य, राजू मौर्य, विजई सिंह, रामदयाल, अशोक शर्मा, अजय का कहना है कि अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है। मेड़ के रास्ते कैसे अंत्येष्टि स्थल तक लोग पहुंचे। इतना ही नहीं अंत्येष्टि स्थल पर पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई है।
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नहर पर करते हैं लोग अंतिम संस्कार
शासन की मंशा थी कि ग्रामीण क्षेत्र में खेत, खलिहान में जलाए जाने वाले शवों से फैलने वाले प्रदूषण को रोकने और लोगों को शवदाह के लिए बेहतर व्यवस्था देने को अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जाए। पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल के निर्माण/विकास का प्राविधान किया गया है, जिसके लिए शासन से प्रति अंत्येष्टि स्थल हेतु 24.12 लाख की धनराशि अनुमन्य है। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए मार्ग न होने के कारण लोग नहरों एवं नदियों के किनारे शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। अंत्येष्टि स्थल पर दो वर्ष में एक भी शव नहीं जले।
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अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अंत्येष्टि स्थल तक जाने के लिए सड़क बनेगी। इसके लिए कार्ययोजना तैयार किया गया है। बारिश के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
-रंजय गौड़, ग्राम पंचायत अधिकारी, बागापार
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बता दें कि विकास खंड के सदर के ग्राम पंचायत बागापार में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में चयन किया गया। निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायत निधि के खाते से 24.12 लाख की धनराशि सरकार ने अवमुक्त कर दी। योजना के तहत ग्राम पंचायत बागापार के रेहांव नाले पर अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिम्मेदारों ने शव दाह स्थल की छत, शांति स्थल के पिलर व छत का निर्माण करा दिया। साथ ही शौचालय व शांति भवन का भी निर्माण करा दिया। स्थानीय जितेंद्र आर्य, राजू मौर्य, विजई सिंह, रामदयाल, अशोक शर्मा, अजय का कहना है कि अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है। मेड़ के रास्ते कैसे अंत्येष्टि स्थल तक लोग पहुंचे। इतना ही नहीं अंत्येष्टि स्थल पर पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई है।
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नहर पर करते हैं लोग अंतिम संस्कार
शासन की मंशा थी कि ग्रामीण क्षेत्र में खेत, खलिहान में जलाए जाने वाले शवों से फैलने वाले प्रदूषण को रोकने और लोगों को शवदाह के लिए बेहतर व्यवस्था देने को अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जाए। पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल के निर्माण/विकास का प्राविधान किया गया है, जिसके लिए शासन से प्रति अंत्येष्टि स्थल हेतु 24.12 लाख की धनराशि अनुमन्य है। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए मार्ग न होने के कारण लोग नहरों एवं नदियों के किनारे शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। अंत्येष्टि स्थल पर दो वर्ष में एक भी शव नहीं जले।
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अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अंत्येष्टि स्थल तक जाने के लिए सड़क बनेगी। इसके लिए कार्ययोजना तैयार किया गया है। बारिश के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
-रंजय गौड़, ग्राम पंचायत अधिकारी, बागापार