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बाजार में सिक्कों की भरमार, सभी परेशान

Mon, 03 Sep 2018 12:29 AM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो) Updated Mon, 03 Sep 2018 12:29 AM IST
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The buffer of coins in the market, all upset
बाजार में सिक्कों की भरमार, सभी परेशान - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। त्योहारी सीजन में बाजार में सिक्कों की भरमार है लेकिन बैंक जमा नहीं कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद इन सिक्कों की इतनी बेकदरी हो रही है कि न तो ग्राहक ले रहे हैं और न ही दुकानदार। यहां तक कि बैंक भी सिक्के लेने से कतरा रहे हैं। उधर, हालत यह है कि व्यवसायी डेढ़ लाख तक सिक्के कनस्तर में सहेज कर रखे हुए हैं और उसका कोई लेनदार नहीं है। 
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  कमोवेश यही स्थिति मंदिर एवं फुटकर से अपना कारोबार चलाने वाले छोटे कारोबारियों की है। उनके पास सिक्कों की भरमार है, लेकिन कोई लेनदार नहीं है। इसके चलते सामान्य लोगों के साथ ही कारोबारियों, मंदिरों को पुजारियों सहित अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों में सिक्का लिए जाने से इंकार किए जाने पर लोगों को समझ में नहीं    आ रहा है कि आखिर सिक्कों का क्या करें। चाय विक्रेता मोनू अग्रहरि ने बताया कि बैंक तो सिक्के लेते नहीं हैं। अब ग्राहक भी सिक्के लेने से परहेज करने लगे हैं। बाजार में दुकानदार सिक्के लेते नहीं हैं। उनके पास ही 600 रुपये के सिक्के लंबे समय से पड़े हुए हैं। इन्हें खपाने का कोई जरिया नहीं मिल रहा है। पान विक्रेता मनीष निगम का कहना है कि सिक्कों की तो बेकदरी है। बैंक में जाओ तो कैशियर बोलते हैं नोट ले आओ। सिक्के गिनने का समय नहीं है। दुकान में आए सिक्के कहां ले जाएं। समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। प्रशांत त्रिपाठी का कहना था कि उनकी मोबाइल रीचार्ज की दुकान है। लोग कम रकम से रीचार्ज कराते हैं। ऐसे में उनके पास रोजाना काफी मात्रा में सिक्के आते हैं, लेकिन उन्हें खपाना सिरदर्द बन गया है। बैंक जाओ तो कर्मचारी सिक्के लेने से मना करते हैं। समाचार पत्र विक्रेता करन का कहना है कि बड़े सिक्के तो एक बार खप जाते हैं लेकिन एक से लेकर पांच रुपये तक के सिक्कों का कोई लेनदार नहीं है। ऐसे में वह भी ग्राहकों से सिक्के लेने से परहेज कर रहे हैं। इसके बावजूद भी उनके पास कई हजार रुपये सिक्के के रूप में पड़े हैं। अब इन सिक्कों का क्या किए जाए समझ में नहीं आ रहा है। श्री श्याम मंदिर के पुजारी पं. रमेश शर्मा ने बताया कि श्रद्धालु अक्सर दर्शन के बाद सिक्के ही चढ़ाते हैं। सिक्कों को बदलने के लिए बैंकों के चक्कर लगाना मजबूरी बन गई है। लेकिन इन सिक्कों बैंक कर्मी लेने से इनकार कर दे रहे हैं। सिक्के बाजार में कोई लेता नहीं है। इसके चलते उनके पास करीब 10 हजार के सिक्के हैं और इन्हें कनस्तर में भरकर रखना मजबूरी है।लीड बैंक मैनेजर एसके श्रीवास्तव ने बताया कि रिजर्व बैंक के नियमानुसार एक दिन में एक खाते में एक हजार रुपये तक के सिक्के जमा कराये जा सकते हैं। इससे ज्यादा के सिक्के यदि किसी के पास हैं तो वह किस्तों में जमा कराकर समस्या का समाधान करा सकता है। नियमानुसार कोई भी   इन्हें जमा करने से इंकार नहीं कर सकता है।
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