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Maharajganj News: नेपाल से भारत पैदल आई दुल्हन, बाराती सिर पर लेकर आए सामान
Thu, 29 May 2025 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 29 May 2025 12:25 AM IST
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नेपाल बाॅर्डर कनमिसवा से होकर आ रहे बरातियों को हुई परेशानी
निचलौल। भारत-नेपाल बाॅर्डर पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद से सख्ती बरती जा रही है। बुधवार को थाना क्षेत्र के नेपाल बाॅर्डर कनमिसवा से होकर आ रहे बरातियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूल्हे ने जहां दुल्हन को लेकर पैदल ही सरहद पार किया, वहीं विदाई में मिले सामान को बराती अपने सिर पर लेकर भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंचे। सीमा में प्रवेश के बाद दोनों को गाड़ी से घर ले जाया गया।
जानकारी के मुताबिक, भारत-नेपाल के सीमा क्षेत्र के अधिकांश परिवारों के रिश्ते दोनों देशों में हैं। लेकिन हाल के दिनों में सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी संदिग्धों और ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के बाद से ही बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की ओर से काफी सख्ती बरती जा रही है। वहीं लगन शुरू होते ही पहले से तय शादियों को मुहूर्त देखकर पूर्ण किया जा रहा है। बताया जा रहा कि 27 मई को थाना क्षेत्र के मिश्रवलिया निवासी विजयमल गौतम की बरात नेपाल के नवलपरासी जिला अंतर्गत सुस्ता नंबर पांच महलबारी में मिश्रीदास गौतम के वहां गई थी। दुल्हा विजयमल गौतम ने बताया कि सीमा पर उनकी गाड़ी को नेपाल जाने से रोक दिया गया। ऐसे में वह बरातियों के साथ पैदल सीमा पार कर नेपाल पहुंचे। जहां से दूसरे गाड़ी की मदद से सुस्ता नंबर पांच महलबारी पहुंचे। वापसी में वह गाड़ी से दुल्हन को साथ लेकर सीमा पर पहुंचे, जहां पर एक बार फिर उनकी गाड़ी को रोक दी गई। ऐसे में वह दुल्हन कंचना गौतम को पैदल लेकर सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र पहुंचे। वहां से भारतीय वाहन से फिर अपने घर को गए। वहीं विदाई में मिले सामान को भी बरातियों की मदद से पैदल सीमा पार कराया गया।
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दो जगह तय करना पड़ा वाहन
सामान को भी कई बराती सिर पर लेकर सीमा पार ले आए। दुल्हन के पिता रामप्रसाद ने बताया की सीमा पर सख्ती होने से दोनों तरफ गाड़ियां तय करनी पड़ी। तब जाकर दुल्हन और सामान घर तक पहुंचा। इससे जेब पर भारी खर्च पड़ रहा है। बॉर्डर क्षेत्र के ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की कि लगन को देखते हुए दूल्हे और दुल्हन की गाड़ियां इस पार से उस पार जाने दिया जाए, ताकि शादी की रस्म पूरी हो सके।
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निचलौल। भारत-नेपाल बाॅर्डर पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद से सख्ती बरती जा रही है। बुधवार को थाना क्षेत्र के नेपाल बाॅर्डर कनमिसवा से होकर आ रहे बरातियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूल्हे ने जहां दुल्हन को लेकर पैदल ही सरहद पार किया, वहीं विदाई में मिले सामान को बराती अपने सिर पर लेकर भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंचे। सीमा में प्रवेश के बाद दोनों को गाड़ी से घर ले जाया गया।
जानकारी के मुताबिक, भारत-नेपाल के सीमा क्षेत्र के अधिकांश परिवारों के रिश्ते दोनों देशों में हैं। लेकिन हाल के दिनों में सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी संदिग्धों और ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के बाद से ही बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की ओर से काफी सख्ती बरती जा रही है। वहीं लगन शुरू होते ही पहले से तय शादियों को मुहूर्त देखकर पूर्ण किया जा रहा है। बताया जा रहा कि 27 मई को थाना क्षेत्र के मिश्रवलिया निवासी विजयमल गौतम की बरात नेपाल के नवलपरासी जिला अंतर्गत सुस्ता नंबर पांच महलबारी में मिश्रीदास गौतम के वहां गई थी। दुल्हा विजयमल गौतम ने बताया कि सीमा पर उनकी गाड़ी को नेपाल जाने से रोक दिया गया। ऐसे में वह बरातियों के साथ पैदल सीमा पार कर नेपाल पहुंचे। जहां से दूसरे गाड़ी की मदद से सुस्ता नंबर पांच महलबारी पहुंचे। वापसी में वह गाड़ी से दुल्हन को साथ लेकर सीमा पर पहुंचे, जहां पर एक बार फिर उनकी गाड़ी को रोक दी गई। ऐसे में वह दुल्हन कंचना गौतम को पैदल लेकर सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र पहुंचे। वहां से भारतीय वाहन से फिर अपने घर को गए। वहीं विदाई में मिले सामान को भी बरातियों की मदद से पैदल सीमा पार कराया गया।
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दो जगह तय करना पड़ा वाहन
सामान को भी कई बराती सिर पर लेकर सीमा पार ले आए। दुल्हन के पिता रामप्रसाद ने बताया की सीमा पर सख्ती होने से दोनों तरफ गाड़ियां तय करनी पड़ी। तब जाकर दुल्हन और सामान घर तक पहुंचा। इससे जेब पर भारी खर्च पड़ रहा है। बॉर्डर क्षेत्र के ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की कि लगन को देखते हुए दूल्हे और दुल्हन की गाड़ियां इस पार से उस पार जाने दिया जाए, ताकि शादी की रस्म पूरी हो सके।
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