{"_id":"6a77968c9f51218578088959","slug":"the-allotment-amount-of-pond-lease-will-be-deposited-in-the-account-of-the-gram-panchayat-maharajganj-news-c-206-1-go11002-182908-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: ग्राम पंचायत के खाते में जमा होगी तालाब-पट्टे की आवंटन राशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: ग्राम पंचायत के खाते में जमा होगी तालाब-पट्टे की आवंटन राशि
विज्ञापन
पंचायत खाते में पट्टा राशि आवंटन को लेकर ग्राम प्रधान संगठन 10 वर्षों से कर रहे थे मांग
जनपद में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता संशोधन 2016 लागू
महराजगंज। ग्राम प्रधान संगठन की पिछले 10 वर्ष की मांग आखिरकार को शासन ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। शासन से प्राप्त निर्देश के क्रम में डीपीआरओ ने 6 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता संशोधन 2016 जनपद में लागू किया है। इसके तहत अब ग्राम पंचायतों में तालाब पट्टा आवंटन की धनराशि पंचायत खाते में ही जमा होगी। इस धनराशि से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य हो सकेंगे।
जानकारी के अनुसार, जनपद के 12 विकास खंडों के अंतर्गत कुल 882 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायतीराज विभाग नगर निकाय की तर्ज पर ग्राम पंचायतों की आय के भी प्रयास कर रहा है। आय सृजन के लिए पंचायत भवन का निर्माण, कामन सर्विस सेंटर (सीएससी), कचरा निस्तारण, आधार सुधार जैसे नए विकल्पों से पंचायतों को जोड़ा जा रहा है।
ग्राम पंचायतों के आय का सबसे बड़ा स्रोत ग्राम पंचायतों में अवस्थित तालाबों के पट्टे से मिलने वाली धनराशि से होती है। लेकिन अब तक यह सिर्फ कहने को ग्राम पंचायतों की धनराशि थी क्योंकि यह धनराशि तहसीलों में डंप रहती थी। इसे ग्राम पंचायतों में भेजा ही नहीं जाता था। इसे लेकर पिछले 10 वर्ष से ग्राम प्रधान संगठन जनपद से लेकर राजधानी तक मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
इस महत्वपूर्ण मांग पर वित्त आयोग की मुहर 24 मई 2026 की बैठक में लगी। इस बैठक में गोरखपुर मंडल से पंचायत प्रतिनिधियों का प्रतिनिधि मंडल आय सृजन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने गया था। इस मामले को प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनिल जोशी ने उठाया। इसके बाद शासन ने संज्ञान लेकर आदेश जारी कर दिया।
वेबसाइट के मार्फत 31 अगस्त 2026 तक निपटेंगे मामले
शासन के निर्देश के अनुक्रम में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता का संबोधन 2016 प्रभावी करने के साथ डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने सभी तहसीलों को निर्देश दिए हैं कि 31 अगस्त 2026 तक 2016 से अब तक ग्राम पंचायतों के तालाब पट्टे से मिली धनराशि ग्राम पंचायत के खातों में प्रेषित की जाए। साथ ही छह अगस्त 2026 के बाद से पंचायत के दायरे में आने वाले तालाबों का पट्टा तहसील प्रशासन भले ही कराए लेकिन मिलने वाली धनराशि सीधे ग्राम पंचायत खाते में ही स्थांतरित की जाए।
सात सदस्यीय पंचायत प्रतिनिधि मंडल में यह थे शामिल
24 मई 2026 को वित्त आयोग की बैठक में बेलघाट गोरखपुर की ब्लॉक प्रमुख पूजा सिंह, हरपुर के प्रधान मदन मोहन गुप्ता, देवरिया के बेलथरा के सत्येंद्र पाठक, कुशीनगर स्थित कोल्हुआ के अकबर अंसारी और महराजगंज से अनिल जोशी शामिल थे।
वर्जन
ग्राम पंचायतों के आय सृजन को लेकर आयोजित वित्त आयोग की बैठक में हमारे साथ छह अन्य प्रतिनिधि भी मंडल से थे। हम लोगों ने मामले को प्रमुखता से रखा था। हमारी बात को आयोग ने उसी समय स्वीकार किया था। अब इसके आदेश जारी होने से हर्ष है। प्रधान संगठन इसके लिए लंबे अर्से से मांग भी कर रहे थे।
-अनिल जोशी, प्रधान संगठन अध्यक्ष व प्रशासक, मिठौरा महराजगंज।
-- -- -- --
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता संशोधन 2016 जनपद में लागू कर दिया गया है। अब पंचायतों के तालाब पट्टे के एवज में मिली धनराशि सीधे ग्राम पंचायत खाते में पहुंचेगी। साथ ही 2016 के बाद आवंटित पट्टों से मिली राशि भी 31 अगस्त तक पंचायतों के खाते में भेज दी जाएगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व को नोडल नामित किया गया है।
-श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ, महराजगंज।
विज्ञापन
जनपद में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता संशोधन 2016 लागू
महराजगंज। ग्राम प्रधान संगठन की पिछले 10 वर्ष की मांग आखिरकार को शासन ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। शासन से प्राप्त निर्देश के क्रम में डीपीआरओ ने 6 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता संशोधन 2016 जनपद में लागू किया है। इसके तहत अब ग्राम पंचायतों में तालाब पट्टा आवंटन की धनराशि पंचायत खाते में ही जमा होगी। इस धनराशि से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य हो सकेंगे।
जानकारी के अनुसार, जनपद के 12 विकास खंडों के अंतर्गत कुल 882 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायतीराज विभाग नगर निकाय की तर्ज पर ग्राम पंचायतों की आय के भी प्रयास कर रहा है। आय सृजन के लिए पंचायत भवन का निर्माण, कामन सर्विस सेंटर (सीएससी), कचरा निस्तारण, आधार सुधार जैसे नए विकल्पों से पंचायतों को जोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों के आय का सबसे बड़ा स्रोत ग्राम पंचायतों में अवस्थित तालाबों के पट्टे से मिलने वाली धनराशि से होती है। लेकिन अब तक यह सिर्फ कहने को ग्राम पंचायतों की धनराशि थी क्योंकि यह धनराशि तहसीलों में डंप रहती थी। इसे ग्राम पंचायतों में भेजा ही नहीं जाता था। इसे लेकर पिछले 10 वर्ष से ग्राम प्रधान संगठन जनपद से लेकर राजधानी तक मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
इस महत्वपूर्ण मांग पर वित्त आयोग की मुहर 24 मई 2026 की बैठक में लगी। इस बैठक में गोरखपुर मंडल से पंचायत प्रतिनिधियों का प्रतिनिधि मंडल आय सृजन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने गया था। इस मामले को प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनिल जोशी ने उठाया। इसके बाद शासन ने संज्ञान लेकर आदेश जारी कर दिया।
वेबसाइट के मार्फत 31 अगस्त 2026 तक निपटेंगे मामले
शासन के निर्देश के अनुक्रम में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता का संबोधन 2016 प्रभावी करने के साथ डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने सभी तहसीलों को निर्देश दिए हैं कि 31 अगस्त 2026 तक 2016 से अब तक ग्राम पंचायतों के तालाब पट्टे से मिली धनराशि ग्राम पंचायत के खातों में प्रेषित की जाए। साथ ही छह अगस्त 2026 के बाद से पंचायत के दायरे में आने वाले तालाबों का पट्टा तहसील प्रशासन भले ही कराए लेकिन मिलने वाली धनराशि सीधे ग्राम पंचायत खाते में ही स्थांतरित की जाए।
सात सदस्यीय पंचायत प्रतिनिधि मंडल में यह थे शामिल
24 मई 2026 को वित्त आयोग की बैठक में बेलघाट गोरखपुर की ब्लॉक प्रमुख पूजा सिंह, हरपुर के प्रधान मदन मोहन गुप्ता, देवरिया के बेलथरा के सत्येंद्र पाठक, कुशीनगर स्थित कोल्हुआ के अकबर अंसारी और महराजगंज से अनिल जोशी शामिल थे।
वर्जन
ग्राम पंचायतों के आय सृजन को लेकर आयोजित वित्त आयोग की बैठक में हमारे साथ छह अन्य प्रतिनिधि भी मंडल से थे। हम लोगों ने मामले को प्रमुखता से रखा था। हमारी बात को आयोग ने उसी समय स्वीकार किया था। अब इसके आदेश जारी होने से हर्ष है। प्रधान संगठन इसके लिए लंबे अर्से से मांग भी कर रहे थे।
-अनिल जोशी, प्रधान संगठन अध्यक्ष व प्रशासक, मिठौरा महराजगंज।
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता संशोधन 2016 जनपद में लागू कर दिया गया है। अब पंचायतों के तालाब पट्टे के एवज में मिली धनराशि सीधे ग्राम पंचायत खाते में पहुंचेगी। साथ ही 2016 के बाद आवंटित पट्टों से मिली राशि भी 31 अगस्त तक पंचायतों के खाते में भेज दी जाएगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व को नोडल नामित किया गया है।
-श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ, महराजगंज।