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ठंड में आक्रामक हो जाते हैं तेंदुए
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सेमरहवा गांव के पास जंगल में गशज करते वन विभाग के कर्मी।
- फोटो : MAHARAJGANJ
ठंड में आक्रामक हो जाते हैं तेंदुए
महराजगंज। इन दिनों जंगल के किनारे बसे गांवों के लोग दहशत में हैं। नौतनवां क्षेत्र के बरतानी टोला में बालक को मौत की नींद सुलाने वाले तेंदुए ने अभी लोगों पर हमला करनाबंद नहीं किया है। बीते सप्ताह बालक का शिकार करने के बाद तेंदुए ने गाय को भी निवाला बनाया। सोमवार की दोपहर में जंगल में गई एक महिला भी तेंदुए के हमले में घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार तेंदुआ 8 अगस्त 2020 में ग्राम सभा बड़हरा चरगहां में झोपड़ी की टाट को फाड़ कर अंदर घुस गया और घर में बंधी बकरी पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। 28 दिसंबर 2016 को मोहम्मदा गांव में तेंदुए ने तांडव किया। गांव के 12 लोग उसके हमले में घायल हुए थे। 29 दिसंबर 2016 को पनियरा थानाक्षेत्र के सुचितपुर बघौना गांव में सुबह तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर दिया था। 19 दिसंबर 2017 को थानाक्षेत्र कोल्हुई के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर कैथवलियां में घुसकर तेंदुए ने तीन लोगों को घायल करने के बाद एक मकान में घुस गया था।
24 मई 2018 को ग्राम पंचायत जमुहानी में तेंदुआ दिखा था। वहां से ग्राम पंचायत पुरुषोत्तमपुर में जाकर एक मकान में छिप गया। तेंदुए ने चार लोगों को घायल किया था। एसडीओ राकेश चंद्र यादव ने बताया कि ठंड में तेंदुए के आक्रमक होने का मुख्य कारण जंगल में भोजन नहीं मिलना होता है। इसलिए वह आबादी की तरफ आते हैं। भूख से परेशान होने के कारण वह गुस्से में होता है। इस दौरान उसके सामने जो कोई पड़ता है, उसपर हमला कर देता है।
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जंगल से गांव की तरफ आता दिखा तेंदुआ
नौतनवां। थानाक्षेत्र के सेमरहवा गांव के चरैया टोले के पास मंगलवार को जंगल से निकलकर आबादी की तरफ तेंदुआ आता दिखाई दिया। दहाड़ सुनकर ग्रामीण भयभीत हो गए। लोग बच्चों को घर के अंदर कर लाठी लेकर शोर मचाने लगे। शोर सुनकर तेंदुआ जंगल में चला गया।
गांव के महेंद्र यादव, विनोद, उपेंद्र यादव, विशुन, चंद्रकेश, राजू ,सुरेश, प्रकाश, बुधिराम, सेवक, चौथी आदि ने बताया कि तेंदुआ के गांव के तरफ आने से दहशत बना हुआ है। उत्तरी चौक के रेंजर मोहन कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिए वनकर्मियों को लगाया गया है। तेंदुआ को पकड़ने के लिए जाल व पिंजरा लगाया जा रहा है।
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महराजगंज। इन दिनों जंगल के किनारे बसे गांवों के लोग दहशत में हैं। नौतनवां क्षेत्र के बरतानी टोला में बालक को मौत की नींद सुलाने वाले तेंदुए ने अभी लोगों पर हमला करनाबंद नहीं किया है। बीते सप्ताह बालक का शिकार करने के बाद तेंदुए ने गाय को भी निवाला बनाया। सोमवार की दोपहर में जंगल में गई एक महिला भी तेंदुए के हमले में घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार तेंदुआ 8 अगस्त 2020 में ग्राम सभा बड़हरा चरगहां में झोपड़ी की टाट को फाड़ कर अंदर घुस गया और घर में बंधी बकरी पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। 28 दिसंबर 2016 को मोहम्मदा गांव में तेंदुए ने तांडव किया। गांव के 12 लोग उसके हमले में घायल हुए थे। 29 दिसंबर 2016 को पनियरा थानाक्षेत्र के सुचितपुर बघौना गांव में सुबह तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर दिया था। 19 दिसंबर 2017 को थानाक्षेत्र कोल्हुई के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर कैथवलियां में घुसकर तेंदुए ने तीन लोगों को घायल करने के बाद एक मकान में घुस गया था।
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24 मई 2018 को ग्राम पंचायत जमुहानी में तेंदुआ दिखा था। वहां से ग्राम पंचायत पुरुषोत्तमपुर में जाकर एक मकान में छिप गया। तेंदुए ने चार लोगों को घायल किया था। एसडीओ राकेश चंद्र यादव ने बताया कि ठंड में तेंदुए के आक्रमक होने का मुख्य कारण जंगल में भोजन नहीं मिलना होता है। इसलिए वह आबादी की तरफ आते हैं। भूख से परेशान होने के कारण वह गुस्से में होता है। इस दौरान उसके सामने जो कोई पड़ता है, उसपर हमला कर देता है।
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जंगल से गांव की तरफ आता दिखा तेंदुआ
नौतनवां। थानाक्षेत्र के सेमरहवा गांव के चरैया टोले के पास मंगलवार को जंगल से निकलकर आबादी की तरफ तेंदुआ आता दिखाई दिया। दहाड़ सुनकर ग्रामीण भयभीत हो गए। लोग बच्चों को घर के अंदर कर लाठी लेकर शोर मचाने लगे। शोर सुनकर तेंदुआ जंगल में चला गया।
गांव के महेंद्र यादव, विनोद, उपेंद्र यादव, विशुन, चंद्रकेश, राजू ,सुरेश, प्रकाश, बुधिराम, सेवक, चौथी आदि ने बताया कि तेंदुआ के गांव के तरफ आने से दहशत बना हुआ है। उत्तरी चौक के रेंजर मोहन कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिए वनकर्मियों को लगाया गया है। तेंदुआ को पकड़ने के लिए जाल व पिंजरा लगाया जा रहा है।