फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Strict customs duty curbs movement in border markets, sparks protests

Maharajganj News: कस्टम ड्यूटी की सख्ती से सीमावर्ती बाजारों में घटी आवाजाही, विरोध तेज

Sat, 25 Apr 2026 02:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 02:01 AM IST
विज्ञापन
Strict customs duty curbs movement in border markets, sparks protests
100 रुपये से अधिक के सामान पर कस्टम ड्यूटी वसूलने की अनिवार्यता से लोगों की बढ़ी परेशानी
विज्ञापन

नेपाली नागरिक दशकों से भारतीय बाजारों में करते हैं खरीदारी
400 रुपये के सामान पर लिया जा रहा 75 रुपये कस्टम ड्यूटी, 100 रुपये पर करीब 18.75 रुपये
सोनौली। नेपाल सरकार की ओर से 100 नेपाली रुपये से अधिक के सामान पर कस्टम ड्यूटी वसूलने के नियम को कड़ाई से लागू किए जाने के बाद आम नागरिकों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। इसका सीधा असर सीमावर्ती बाजारों सोनौली, भगवानपुर, खनुवा, हरदीडाली, बरगदवा, परसामलिक और ठूठीबारी जैसे इलाकों पर पड़ा है। 400 रुपये के सामान पर लोगों से 75 रुपये कस्टम शुल्क लिया जा रहा है। इस तरह 100 रुपये के सामान पर 18.75 रुपये लिया जा रहा है।
नेपाल सीमा के दोनों ओर नेपाल सरकार के इस फरमान का विरोध शुरू हो गया है। भारतीय सीमा के बाजारों में पहले नेपाली ग्राहकों की भारी आवाजाही रहती थी। दशकों से नेपाल के लोग दैनिक जरूरतों जैसे राशन, कपड़े और घरेलू सामान खरीदने के लिए इन बाजारों में आते रहते हैं। इससे भारतीय व्यापारियों, रिक्शा चालकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी लाभ होता था। लेकिन अब बढ़ी हुई कस्टम ड्यूटी के कारण ग्राहक कम खरीदारी कर रहे हैं। वहीं तमाम लोग बिना सामान लिए ही लौट जा रहे हैं।
विज्ञापन

व्यापारियों का कहना है कि इस फैसले से उनकी आय पर सीधा असर पड़ा है। पहले जो ग्राहक महीने भर का सामान एक साथ खरीदते थे, अब वे खरीदारी को छोटे हिस्सों में बांट रहे हैं। इस फैसले के खिलाफ नेपाल में भी विरोध तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने इसे “अघोषित नाकाबंदी” तक करार दिया है। नेपाली कांग्रेस ने इसे जन-विरोधी बताते हुए फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के कुछ नेताओं ने भी इस कदम को अव्यवहारिक बताया है। पूर्व मंत्री गुलजारी यादव ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच केवल व्यापारिक ही नहीं बल्कि पारिवारिक और सांस्कृतिक रिश्ते भी गहरे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विधायक सीके गुप्ता ने नेपाल सरकार को पत्र लिखकर चिंता जताई है कि इस फैसले से दोनों देशों के बीच पारंपरिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि वर्षों से सीमा से 20 किलोमीटर तक लोगों का स्वतंत्र आवागमन होता रहा है, जिससे दैनिक जीवन सहज बना रहता था। विवाह, रिश्तेदारी और सामाजिक कार्यक्रमों में भी दोनों देशों के लोग बिना किसी बाधा के शामिल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह सख्ती जारी रहती है, तो इसका असर न केवल व्यापार पर बल्कि भारत-नेपाल के पारंपरिक सामाजिक संबंधों पर भी पड़ सकता है।

वर्जन
सीमा पर जवान सतर्क हैं। 100 रुपये से अधिक का सामान खरीद कर लाने वाले लोगों को ड्यूटी जमा करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही लोगों से कस्टम ड्यूटी जमा करने की अपील की जा रही है।
-उध्दव ठुंगाना, भैरहवा भंसार कार्यालय सूचना अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed