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स्टीकर वाले फलों की बिक्री पर रोक
Tue, 25 Dec 2018 12:25 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 25 Dec 2018 12:25 AM IST
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स्टीकर वाले फलों की बिक्री पर रोक
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। शहर में बिक रहे स्टीकर लगे फल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। स्टीकर में चिपकने वाले लगे गोंद में हानिकारक केमिकल सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने ऐसे फलों की बिक्री पर रोक लगाने की घोषणा करते हुए बेचनेवालों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऐसे फल खरीदने के प्रति लोगों को सचेत रहना चाहिए। लोग जानकारी के अभाव में स्टीकर लगे फलों को खरीदकर बीमारी को दावत दे रहे हैं।
ग्राहकों को लुभाने वाले स्टीकर लगे फलों की बाजारों में खूब बिक्री हो रही है। बाजार में बिकने वाले अधिकांश फलों पर स्टीकर लगे दिखाई दे रहे हैं। जिनसे ग्राहक इन फलों को उच्च गुणवत्ता का समझकर मनमाने रकम चुका रहे हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि स्टीकर न तो किसी कंपनी का मार्क है न ही सरकार की किसी संस्था द्वारा प्रमाणित है। यह सिर्फ ग्राहकों को ऊंचे दामों पर फल बेचने का तरीका है। इन स्टीकरों को फलों पर चिपकाने से फलों के दाम बढ़ दिए जाते हैं और दुकानदार का कम क्वालिटी वाला माल ऊंचे दामों में बिक जाता है। महराजगंज शहर ही नहीं निचलौल, फरेंदा, सिसवां, नौतनवां, घुघली समेत अन्य स्थानों पर स्टीकर लगे फलों की बिक्री खूब हो रही है।खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि स्टीकर लगे फल सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। पहले व्यापारियों को इस बात के लिए जागरूक किया जाएगा कि स्टीकर लगे फल न बेचें। अगर इसके बाद भी कहीं स्टीकर लगे फल बिकेंगे तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान स्टीकर लगे फलों को नष्ट कर दिया जाएगा। स्टीकर लगे फलों के बारे मंे उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्टीकर के गोंद में हानिकारक रसायन होता है। यह रसायन फलों में अंदर तक पहुंच जाता है। स्टीकर हटने के बाद भी इसका असर बना रहता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर एएम भाष्कर ने बताया कि गोंद में सेहत के लिए हानिकारक केमिकल होता है। इससे मुंह और पेट में संक्रमण हो सकता है। स्टीकर लगे फलों का लगातार सेवन कैंसर का कारण भी बन सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दिया कि स्टीकर लगे फल न खाएं। यदि फल में स्टीकर का प्रयोग किया गया है तो फल के उस हिस्से को गहराई से काट कर फेंक दें। इससे सेहत को नुकसान पहुंचने का खतरा कम थोड़ा कम हो जाएगा।
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ग्राहकों को लुभाने वाले स्टीकर लगे फलों की बाजारों में खूब बिक्री हो रही है। बाजार में बिकने वाले अधिकांश फलों पर स्टीकर लगे दिखाई दे रहे हैं। जिनसे ग्राहक इन फलों को उच्च गुणवत्ता का समझकर मनमाने रकम चुका रहे हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि स्टीकर न तो किसी कंपनी का मार्क है न ही सरकार की किसी संस्था द्वारा प्रमाणित है। यह सिर्फ ग्राहकों को ऊंचे दामों पर फल बेचने का तरीका है। इन स्टीकरों को फलों पर चिपकाने से फलों के दाम बढ़ दिए जाते हैं और दुकानदार का कम क्वालिटी वाला माल ऊंचे दामों में बिक जाता है। महराजगंज शहर ही नहीं निचलौल, फरेंदा, सिसवां, नौतनवां, घुघली समेत अन्य स्थानों पर स्टीकर लगे फलों की बिक्री खूब हो रही है।खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि स्टीकर लगे फल सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। पहले व्यापारियों को इस बात के लिए जागरूक किया जाएगा कि स्टीकर लगे फल न बेचें। अगर इसके बाद भी कहीं स्टीकर लगे फल बिकेंगे तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान स्टीकर लगे फलों को नष्ट कर दिया जाएगा। स्टीकर लगे फलों के बारे मंे उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्टीकर के गोंद में हानिकारक रसायन होता है। यह रसायन फलों में अंदर तक पहुंच जाता है। स्टीकर हटने के बाद भी इसका असर बना रहता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर एएम भाष्कर ने बताया कि गोंद में सेहत के लिए हानिकारक केमिकल होता है। इससे मुंह और पेट में संक्रमण हो सकता है। स्टीकर लगे फलों का लगातार सेवन कैंसर का कारण भी बन सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दिया कि स्टीकर लगे फल न खाएं। यदि फल में स्टीकर का प्रयोग किया गया है तो फल के उस हिस्से को गहराई से काट कर फेंक दें। इससे सेहत को नुकसान पहुंचने का खतरा कम थोड़ा कम हो जाएगा।
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