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Maharajganj News: सुश्रुत के सहारे ई-अस्पताल की तरफ बढ़े कदम

Wed, 13 Aug 2025 01:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Aug 2025 01:27 AM IST
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Steps taken towards e-hospital with the help of Sushruta
महराजगंज। प्राचीन भारत के महान चिकित्सक व शल्य चिकित्सा के जनक महर्षि सुश्रुत के नाम पर बने एआई साफ्टवेयर के सहारे जिला अस्पताल ने ई-अस्पताल की तरफ कदम बढ़ाए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी सुश्रुत साॅफ्टवेयर से कनेक्ट कर दी गई है। ओपीडी में चिकित्सक किसी रोगी को पैथालाॅजी जांच के लिए पर्चे पर लिखकर नहीं देंगे, बल्कि जिस मरीज के लिए जांच जरूरी होगी उसकी यूनिक आईडी पैथालाॅजी को ऑनलाइन ही भेज देंगे। पैथालाजी में उक्त मरीज का नंबर आने पर सेंपल लेकर जांच प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट पैथालाजी से संबंधित ओपीडी चिकित्सक के पास तय समय में चली जाएगी। जिला अस्पताल की पैथालाॅजी के बाद अगला चरण ओपीडी से दवा काउंटर को संबद्ध करने की होगी जिसके बाद दवा के लिए पर्ची ओपीडी से सीधे काउंटर पर जाएगी इससे बाहर की दवा लिखने या बाहर से जांच कराने जैसी समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।
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जिला अस्पताल में अब चिकित्सक सीधे ऑनलाइन दवा लिखेंगे, जिसकी पर्ची पैथालाॅजी, अल्ट्रासाउंड एक्सरे, दवा काउंटर पर पहुंचेगी। जिला अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से ई-अस्पताल में बदलने की प्रक्रिया प्रभावी हुई है। अस्पताल में सभी सुविधाएं ऑनलाइन कर दिए जाने के बाद व्यवस्थाएं बेहतर होंगी और पारदर्शिता भी आएगी। शिशेषकर बाहर की दवा व जांच लिखे जाने पर पूरी पाबंदी लगेगी।
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प्रत्येक मरीज का विवरण यूनिक आईडी में होगा दर्ज-
अस्पताल में मरीजों के रजिस्ट्रेशन के लिए काउंटर पर पहुंचने के बाद मरीज ऑनलाइन पर्ची कटाएगा। जहां मरीज का एक आईडी नंबर जेनरेट होगी। इसके बाद मरीजों को पर्ची नहीं सिर्फ जेनरेट नंबर देकर संबंधित चिकित्सक के कमरे का नंबर बता दिया जाएगा। चिकित्सक मरीजों के स्वास्थ्य के अनुसार दवा और जांचें ऑनलाइन लिखेंगे।
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मरीज देंगे फीडबैक
- ऑनलाइन प्रक्रिया में मरीजों को अस्पताल में दलाल या अन्य व्यक्ति परेशान करता है तो इसकी मॉनीटरिंग के लिए हर दिन ओपीडी समाप्त होने पर अस्पताल प्रशासन चिह्नित मरीजों को फोन कर फीडबैक लिया जाएगा। इससे यह पता चल सकेगा कि अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही।

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जिला अस्पताल ओपीडी में हर रोज 700 से 1000 रोगी उपचार के लिए आते हैं। उन्हें सुविधा देने के लिए सुश्रुत साफ्टवेयर से ऑनलाइन ई-अस्पताल की व्यवस्था प्रभावी की जा रही है। पैथलॉजी ऑनलाइन की गई है अब एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व दवा काउंटर भी ओपीडी से अगले चरण में संबद्ध किया जाएगा। इससे बाहर की दवा व जांच लिखने के आरोप नहीं लग सकेंगे। डाॅ. एके द्विवेदी, सीएमएस।
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