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Maharajganj News: मछलियों की सुरक्षा के लिए तालाबों में करें चूने का छिड़काव
Fri, 27 Sep 2024 10:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 27 Sep 2024 10:59 PM IST
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महराजगंज। मूसलाधार बारिश को लेकर मत्स्य विभाग ने मत्स्य पालकों को सतर्क किया है। लगातार बारिश के कारण तालाबों में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। इससे मछलियां मरने लगती हैं। इससे बचाव के लिए तालाबों में चूने का छिड़काव जरूरी है।
जनपद में बड़े पैमाने पर तालाबों में मत्स्य पालन किया जाता है। यहां दो तरह के तालाब हैं। यहां 1606 हेक्टेयर में फैले 2457 पट्टे के तालाब हैं और 555 हेक्टेयर में फैले छह सौ निजी तालाब हैं। इन तालाबों में बड़े पैमाने पर मछली पालन किया जाता है।
मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक संजय कुमार ने बताया कि जनपद में हैचरी और मत्स्य पालन का बड़ा कारोबार है। लगातार बारिश के कारण तालाबों का जल स्थिर हो जाता है, जिसके कारण तालाबों में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। तालाब में ऑक्सीजन की कमी से मछलियों को नुकसान हो सकता है। इसलिए इस मौसम में मत्स्य पालकों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा तालाबों में ऑक्सीजन की कमी न हो इसके लिए मत्स्य पालक जिन तालाबों में मछलियां पाली गई हैं। उनमें चूने का छिड़काव करें, जिससे तालाब में आक्सीजन की मात्रा बनी रहे। संवाद
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जनपद में बड़े पैमाने पर तालाबों में मत्स्य पालन किया जाता है। यहां दो तरह के तालाब हैं। यहां 1606 हेक्टेयर में फैले 2457 पट्टे के तालाब हैं और 555 हेक्टेयर में फैले छह सौ निजी तालाब हैं। इन तालाबों में बड़े पैमाने पर मछली पालन किया जाता है।
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मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक संजय कुमार ने बताया कि जनपद में हैचरी और मत्स्य पालन का बड़ा कारोबार है। लगातार बारिश के कारण तालाबों का जल स्थिर हो जाता है, जिसके कारण तालाबों में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। तालाब में ऑक्सीजन की कमी से मछलियों को नुकसान हो सकता है। इसलिए इस मौसम में मत्स्य पालकों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा तालाबों में ऑक्सीजन की कमी न हो इसके लिए मत्स्य पालक जिन तालाबों में मछलियां पाली गई हैं। उनमें चूने का छिड़काव करें, जिससे तालाब में आक्सीजन की मात्रा बनी रहे। संवाद
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