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Maharajganj News: रामलीला में नारद मोह मंचन देख मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
Sun, 28 Jan 2024 06:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 28 Jan 2024 06:54 PM IST
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बागापार। ग्राम सभा परसाराजा में स्थित काली माता मंदिर परिसर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ में चल रहे रामलीला कार्यक्रम के जय मां काली आदर्श रामलीला समिति के कलाकारों ने नारद मोह का मंचन किया। जिसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। लीला में नारद मुनि विचरते-विचरते हिमगिरि पर्वत पर पहुंचते हैं। वहां का सुंदर वातावरण देखकर वे तप करने लगते हैं। गुप्तचर इंद्र को इस बात की खबर देता है।
नारद मुनि का तप भंग करने के लिए इंद्रदेव कामदेव को भेजते है। कामदेव उर्वशी, मेनका, रंभा आदि के जरिये नारद मुनि की तपस्या भंग करने की कोशिश करते हैं। नारदजी की तपस्या के सामने सब हार मान जाती हैं। तपस्या से नारद मुनि को अभिमान हो जाता है। ब्रह्मदेव इस संबंध में शंकर जी को बताते हैं। बाद में वे अपना वृतांत विष्णु भगवान को सुनाते हैं। नारद मुनि के अहंकार के खंडन के लिए चतुर्भुज भगवान विष्णु द्वारा एक सुंदर श्री नगर नामक राज्य बनाया गया तथा उस राज्य के राजा शील निधि बनाए गए। जिनकी पुत्री विश्वमोहिनी की शादी में नारद का अहंकार टूट जाता है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान योगेंद्र यादव, यज्ञ समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र वर्मा, दिव्यांश पांडेय, विनोद वर्मा, सुधीर वर्मा, संजय विश्वकर्मा, धीरेंद्र पटेल मौजूद रहे।
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नारद मुनि का तप भंग करने के लिए इंद्रदेव कामदेव को भेजते है। कामदेव उर्वशी, मेनका, रंभा आदि के जरिये नारद मुनि की तपस्या भंग करने की कोशिश करते हैं। नारदजी की तपस्या के सामने सब हार मान जाती हैं। तपस्या से नारद मुनि को अभिमान हो जाता है। ब्रह्मदेव इस संबंध में शंकर जी को बताते हैं। बाद में वे अपना वृतांत विष्णु भगवान को सुनाते हैं। नारद मुनि के अहंकार के खंडन के लिए चतुर्भुज भगवान विष्णु द्वारा एक सुंदर श्री नगर नामक राज्य बनाया गया तथा उस राज्य के राजा शील निधि बनाए गए। जिनकी पुत्री विश्वमोहिनी की शादी में नारद का अहंकार टूट जाता है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान योगेंद्र यादव, यज्ञ समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र वर्मा, दिव्यांश पांडेय, विनोद वर्मा, सुधीर वर्मा, संजय विश्वकर्मा, धीरेंद्र पटेल मौजूद रहे।
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