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उच्च जोखिम वाले 34 गांवों में संबंधित विभागों का विशेष जोर

Wed, 12 Oct 2022 12:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2022 12:23 AM IST
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Special emphasis of concerned departments in 34 high risk villages
उच्च जोखिम वाले 34 गांवों में संबंधित विभागों का विशेष जोर
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- विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह तथा दस्तक पखवाड़ा
- झाड़ियों, नालियों की सफाई, फागिंग और छिड़काव के साथ स्वच्छ पेयजल पर दिया जा रहा जोर
महराजगंज। विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह तथा दस्तक पखवाड़े के तहत शहर से लेकर गांव तक साफ सफाई कराई जा रही है। जन समुदाय को जागरूक किया जा रहा है। जिले के उच्च जोखिम वाले 34 गांवों में अंतर्विभागीय समन्वय से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। दस्तक पखवाड़े में बुखार, खांसी, टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों के साथ कुपोषित बच्चों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है।
एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जिले में बारह विभागों के आपसी समन्वय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह और दस्तक पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत जहां लोगों को साफ सफाई के प्रति प्रेरित किया जा रहा है, वहीं विभिन्न बीमारियों से बचने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष तौर पर झाड़ियों और नालियों की साफ-सफाई, फागिंग, एंटी लार्वा छिड़काव, टीकाकरण, क्लोरीनेशन, सुअरबाड़े वाले गांवों में संवेदीकरण, उथले हैंड पंप पर लाल निशान लगाना, इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी पीने के लिए प्रेरित करना, शौचालय का प्रयोग करने तथा घर के आसपास गंदगी या जलभराव न होने देने के लिए जन समुदाय को जागरूक किया जा रहा है।
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एसीएमओ ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जिस गांव में जापानी इंसेफलाटिस (जेई) या एक्यूट इंसेफलाटिस सिंड्रोम ( एईएस) के मरीज मिले हैं अथवा जेई एईएस से किसी की मृत्यु हुई है तो उस गांव को उच्च जोखिम गांव की श्रेणी में रखा जाता है। जिले में उच्च जोखिम वाले गांवों की कुल संख्या 34 है।
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21 अक्तूबर तक चलेगा दस्तक
एसीएमओ ने बताया कि 21 अक्तूबर तक चलने वाले दस्तक पखवाड़े में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार के रोगियों के साथ साथ मलेरिया, चिकनगुनिया या डेंगू तथा क्षय रोग लक्षण वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर जांच व उपचार के लिए अस्पताल भिजवाएंगी। कुपोषित बच्चों को भी चिन्हित किया जा रहा है। ग्राम सभा की बैठक मातृ समिति की बैठक तथा छाया वीएचएसएनडी सत्र आयोजित कर जन समुदाय को जागरूक किया जा रहा है।
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