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एनआरसी में सुधर गई सोनाक्षी और अनुराग की सेहत

Fri, 02 Sep 2022 12:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 12:15 AM IST
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Sonakshi and Anurag's health improved in NRC
पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती बच्चों के साथ उनकी मां। संवाद - फोटो : MAHARAJGANJ
एनआरसी में सुधर गई सोनाक्षी और अनुराग की सेहत
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दोनों बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में कराया गया था भर्ती
महराजगंज। अति कुपोषित चार साल की सोनाक्षी और दो साल के अनुराग के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। दोनों की सेहत अब सुधर गई है। यह कहना है दोनों बच्चों की मां फुलेसरी देवी का। दोनों बच्चों को आरबीएसके तथा बाल विकास विभाग की टीम ने एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराया था।
निचलौल ब्लॉक के ग्राम पंचायत परागपुर की रहने वाली फुलेसरी देवी ने बताया कि उनके दोनों बच्चे गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत हैं। जुलाई 2022 में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची और उनके दोनों बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
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टीम ने उन्हें बुलाकर बताया कि दोनों बच्चे (सोनाक्षी और अनुराग) अति कुपोषित हैं। इन्हें सुपोषित करने के लिए पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया जाना जरूरी है। वहां पर सही उपचार, देखभाल और पौष्टिक आहार देकर सुपोषित किया जाएगा। वहां दोनों बच्चों को 14 दिन भर्ती रहना होगा। साथ में मां के भी रहने खाने की व्यवस्था नि:शुल्क होगी।
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टीम की बात मान कर वह गांव की आंगनबाड़ी सहायिका किरन पटेल व आरबीएसके के डॉ. इरशाद के साथ आईं और महराजगंज स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र में अपने दोनों बच्चों को भर्ती करा दिया। 11 जुलाई को भर्ती के समय सोनाक्षी व अनुराग का वजन क्रमश: 9.600 किलोग्राम और 7.800 किलोग्राम था। 25 जुलाई को डिस्चार्ज वाले दिन सोनाक्षी का वजन 11.210 किलोग्राम और अनुराग का 9 किलोग्राम हो गया था।
भर्ती के दौरान दोनों बच्चों को नियमित भोजन, फल, दूध, दलिया, खीर, साबूदाना आदि दिया जाता था। आठ अगस्त को फॉलोअप चेकअप के दौरान दोनों बच्चों को स्वस्थ बताया गया।

इसी तरह सदर ब्लॉक के ग्राम पंचायत पकड़ी नौनिया की करीब साढ़े तीन साल की बुलबुल के अति कुपोषित पाए जाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंपा देवी ने एनआरसी में भर्ती कराने को कहा। परिजनों ने नहीं कराया तो बुलबुल का स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ने लगा। फिर उन्होंने चंपा की राय मानी और चार अगस्त को बुलबुल को एनआरसी में भर्ती कराया। भर्ती के समय बुलबुल का वजन करीब 7.700 किलोग्राम था और डिस्चार्ज के समय वजन 8.500 किलोग्राम हो गया। यह जानकारी बुलबुल की मां नीतू और एनआरसी की पोषण विशेषज्ञ पूजा त्रिपाठी ने दी है।
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चार माह में 78 बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
एनआरसी के डायटीशियन पूजा त्रिपाठी ने बताया कि अप्रैल 2022 से 30 जुलाई 2022 तक कुल 78 बच्चे स्वस्थ होकर अपने घर चले गए। एनआरसी में कुल 10 बेड हैं।
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