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Maharajganj News: पीएम श्री विद्यालय बेलवा खुर्द में लोकगीत कार्यशाला में गूंजे सोहर
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कंपोजिट विद्यालय बेलवा खुर्द में कार्यशाला के आयोजन का तीसरा दिन
लक्ष्मीपुर। विकास खंड लक्ष्मीपुर के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय बेलवा खुर्द में आयोजित पारंपरिक लोकगीत कार्यशाला के तीसरे दिन शुक्रवार को भी बच्चे बेहद उत्साहित रहे। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यशाला में भाग लिया।
उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ तथा विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को अपनी समृद्ध लोक परंपराओं, लोकगीतों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। तीसरे दिन प्रतिभागियों को विशेष रूप से पारंपरिक सोहर गीत का अभ्यास कराया गया। गीत और संगीत के मधुर संगम ने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। बच्चों ने पूरे मनोयोग और उत्साह के साथ लोकधुनों को सीखा तथा प्रस्तुत किया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. प्रभुनाथ गुप्त ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर फूहड़ एवं अश्लील गीतों का प्रचलन लगातार बढ़ रहा है, जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे दौर में पारंपरिक लोकगीतों को बढ़ावा देने वाली यह पहल अत्यंत सराहनीय है। कार्यशाला में रंजना विश्वकर्मा, किरण, अनुष्का गुप्ता, सिंधु प्रजापति, शिवकुमार, अवधेश, श्याम गुप्ता, अर्जुन, अंजलि, रेनू, दीपशिखा, राधिका यादव और रागिनी सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। वहीं अभिभावकों में अमित, दिनेश यादव मौजूद रहे।
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लक्ष्मीपुर। विकास खंड लक्ष्मीपुर के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय बेलवा खुर्द में आयोजित पारंपरिक लोकगीत कार्यशाला के तीसरे दिन शुक्रवार को भी बच्चे बेहद उत्साहित रहे। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यशाला में भाग लिया।
उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ तथा विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को अपनी समृद्ध लोक परंपराओं, लोकगीतों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। तीसरे दिन प्रतिभागियों को विशेष रूप से पारंपरिक सोहर गीत का अभ्यास कराया गया। गीत और संगीत के मधुर संगम ने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। बच्चों ने पूरे मनोयोग और उत्साह के साथ लोकधुनों को सीखा तथा प्रस्तुत किया।
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विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. प्रभुनाथ गुप्त ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर फूहड़ एवं अश्लील गीतों का प्रचलन लगातार बढ़ रहा है, जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे दौर में पारंपरिक लोकगीतों को बढ़ावा देने वाली यह पहल अत्यंत सराहनीय है। कार्यशाला में रंजना विश्वकर्मा, किरण, अनुष्का गुप्ता, सिंधु प्रजापति, शिवकुमार, अवधेश, श्याम गुप्ता, अर्जुन, अंजलि, रेनू, दीपशिखा, राधिका यादव और रागिनी सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। वहीं अभिभावकों में अमित, दिनेश यादव मौजूद रहे।
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