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Maharajganj News: नेपाल से दैनिक उपयोग के वस्तुओं की बढ़ी तस्करी, धंधेबाज कर रहे मोटी कमाई
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बुधवार को सीमावर्ती क्षेत्र में 41 लाख रुपये का समान हुआ था बरामद
दोनों देशों में कुछ उत्पादों के अलग-अलग दाम का फायदा उठा रहे हैं तस्कर
सोनौली। सोनौली बॉर्डर के रास्ते नेपाल से भारत में बड़े पैमाने पर दैनिक उपयोग की वस्तुओं के तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। बुधवार को नेपाल कस्टम एवं पुलिस विभाग की कार्रवाई में सीमावर्ती क्षेत्र के अवैध गोदामों से करीब 41 लाख रुपये के अखरोट, मक्का, टूथपेस्ट और कद्दू के बीज बरामद किए गए। सुरक्षा एजेंसियां तस्करों की तलाश में जुट गई हैं।
जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच में मुद्रा के मूल्य में अंदर और अलग-अलग टैक्स प्रणाली के कारण कुछ सामानों के दाम में अधिक अंतर है। इसी का फायदा उठाने के लिए तस्कर दोनों देशों में सस्ती दर पर मिलने पर सामान को बॉर्डर पार करके काली कमाई कर रहे हैं।
इन दिनों कद्दू के बीज की नेपाल से तस्करी करके धंधेबाज 200 रुपये प्रति किलो की दर से काली कमाई कर रहे हैं। नेपाल में यह बीज 200 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रहा है। जबकि भारत में आसानी से 400 रुपये की दर से बिक जाता है। कद्दू के बीज का प्रयोग दवा बनाने के लिए किया जाता है। इस वजह से इसकी मांग अधिक है। बीज में प्रोटीन, आयरन, कॉपर, जिंक, मैग्नीशियम, विटामिन बी नाइन जैसे तत्व मौजूद होते हैं।
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इसके अलावा दोनों देशों में टूथपेस्ट के रेट में 500 रुपये कार्टून का अंतर है। मक्का में 50 रुपये किलो नेपाल में सस्ता है। अखरोट नेपाल में 250 और भारत में 350 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। रेट में इसी अंतर का फायदा उठाने के लिए तस्कर बॉर्डर क्षेत्र के गोदामों में यह सामान इकट्ठा करते हैं और मौका मिलते ही बॉर्डर के पार भिजवा देते हैं।
संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका
नेपाल के सीमावर्ती गांवों में संचालित अवैध गोदामों में विदेशों से आयातित सामानों को एकत्र कर भारत भेजने की तैयारी की जा रही थी। बुधवार की कार्रवाई में बरामद माल से यह संकेत मिला है कि सोनौली सीमा के रास्ते लंबे समय से संगठित तरीके से तस्करी का कारोबार संचालित हो रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक महीने के दौरान नेपाल में विदेशों से आयातित उक्त सामानों के 100 से अधिक ट्रक भारत भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है। बरामदगी के बाद नेपाल पुलिस और कस्टम विभाग ने तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियां सीमावर्ती क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं तथा माल के परिवहन और इसमें शामिल व्यक्तियों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भारत के महानगरों में पहुंच रहा तस्करी का सामान
नेपाल से कद्दू का बीज दिल्ली, मक्का कानपुर, टूथपेस्ट और अखरोट गोरखपुर तक पहुंच रहा है। बीते दिन की बरामदगी के बाद पूछताछ में इसकी जानकारी मिली है। भारत में आयात शुल्क अधिक है जिसके कारण इसे अमेरिका से नेपाल में इम्पोर्ट कर फिर इसे भारत में पगडंडियों के रास्ते मंगाया जाता है। दूसरी वजह यह है कि भारतीय रुपये के मुकाबले नेपाली मुद्रा सस्ती होने के कारण दाम में बहुत अंतर आ जाता है। इसी तरह टूथपेस्ट, मक्का और अखरोट की मांग भारत में ज्यादा है।
भारत-नेपाल खुली सीमा का फायदा उठाते हैं बाइक चालक
पगडंडियों के रास्ते बड़े वाहन ले जाना मुश्किल होता है। इसलिए तस्करी के लिए नेपाली नंबर की बाइक सरहद पार करना सबसे आसान तरीका बन गया है। जो प्रतिबंधित है। सोनौली और ठूठीबारी सीमा पर ही बाइक लेकर आने-जाने की प्रकिया है लेकिन अन्य सीमावर्ती क्षेत्र के छोटे गांव के रास्ते नेपाली बाइक से तस्कर आते हैं और समान पहुंचाकर और समान लेकर चले जाते हैं।
दर्जनों युवक इस काम में लगे हुए है। जो 15 बाइक से रोज ढुलाई करते हैं। इधर से चावल और गेहूं लेकर जाते हैं और नेपाल से कद्दू के बीज भारत में ला रहे हैं। भारत नेपाल की खुली सीमा होने के कारण तस्कर लाभ उठा रहे हैं।
वर्जन
बरामद सभी सामानों को सीज कर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी हाल में तस्करी नहीं होने दी जाएगी। सीमा पर सुरक्षाकर्मी पूरी तरह से सतर्क हैं। तस्करों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
- कृष्ण कुमार चंद, डीएसपी
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दोनों देशों में कुछ उत्पादों के अलग-अलग दाम का फायदा उठा रहे हैं तस्कर
सोनौली। सोनौली बॉर्डर के रास्ते नेपाल से भारत में बड़े पैमाने पर दैनिक उपयोग की वस्तुओं के तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। बुधवार को नेपाल कस्टम एवं पुलिस विभाग की कार्रवाई में सीमावर्ती क्षेत्र के अवैध गोदामों से करीब 41 लाख रुपये के अखरोट, मक्का, टूथपेस्ट और कद्दू के बीज बरामद किए गए। सुरक्षा एजेंसियां तस्करों की तलाश में जुट गई हैं।
जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच में मुद्रा के मूल्य में अंदर और अलग-अलग टैक्स प्रणाली के कारण कुछ सामानों के दाम में अधिक अंतर है। इसी का फायदा उठाने के लिए तस्कर दोनों देशों में सस्ती दर पर मिलने पर सामान को बॉर्डर पार करके काली कमाई कर रहे हैं।
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इन दिनों कद्दू के बीज की नेपाल से तस्करी करके धंधेबाज 200 रुपये प्रति किलो की दर से काली कमाई कर रहे हैं। नेपाल में यह बीज 200 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रहा है। जबकि भारत में आसानी से 400 रुपये की दर से बिक जाता है। कद्दू के बीज का प्रयोग दवा बनाने के लिए किया जाता है। इस वजह से इसकी मांग अधिक है। बीज में प्रोटीन, आयरन, कॉपर, जिंक, मैग्नीशियम, विटामिन बी नाइन जैसे तत्व मौजूद होते हैं।
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इसके अलावा दोनों देशों में टूथपेस्ट के रेट में 500 रुपये कार्टून का अंतर है। मक्का में 50 रुपये किलो नेपाल में सस्ता है। अखरोट नेपाल में 250 और भारत में 350 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। रेट में इसी अंतर का फायदा उठाने के लिए तस्कर बॉर्डर क्षेत्र के गोदामों में यह सामान इकट्ठा करते हैं और मौका मिलते ही बॉर्डर के पार भिजवा देते हैं।
संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका
नेपाल के सीमावर्ती गांवों में संचालित अवैध गोदामों में विदेशों से आयातित सामानों को एकत्र कर भारत भेजने की तैयारी की जा रही थी। बुधवार की कार्रवाई में बरामद माल से यह संकेत मिला है कि सोनौली सीमा के रास्ते लंबे समय से संगठित तरीके से तस्करी का कारोबार संचालित हो रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक महीने के दौरान नेपाल में विदेशों से आयातित उक्त सामानों के 100 से अधिक ट्रक भारत भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है। बरामदगी के बाद नेपाल पुलिस और कस्टम विभाग ने तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियां सीमावर्ती क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं तथा माल के परिवहन और इसमें शामिल व्यक्तियों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भारत के महानगरों में पहुंच रहा तस्करी का सामान
नेपाल से कद्दू का बीज दिल्ली, मक्का कानपुर, टूथपेस्ट और अखरोट गोरखपुर तक पहुंच रहा है। बीते दिन की बरामदगी के बाद पूछताछ में इसकी जानकारी मिली है। भारत में आयात शुल्क अधिक है जिसके कारण इसे अमेरिका से नेपाल में इम्पोर्ट कर फिर इसे भारत में पगडंडियों के रास्ते मंगाया जाता है। दूसरी वजह यह है कि भारतीय रुपये के मुकाबले नेपाली मुद्रा सस्ती होने के कारण दाम में बहुत अंतर आ जाता है। इसी तरह टूथपेस्ट, मक्का और अखरोट की मांग भारत में ज्यादा है।
भारत-नेपाल खुली सीमा का फायदा उठाते हैं बाइक चालक
पगडंडियों के रास्ते बड़े वाहन ले जाना मुश्किल होता है। इसलिए तस्करी के लिए नेपाली नंबर की बाइक सरहद पार करना सबसे आसान तरीका बन गया है। जो प्रतिबंधित है। सोनौली और ठूठीबारी सीमा पर ही बाइक लेकर आने-जाने की प्रकिया है लेकिन अन्य सीमावर्ती क्षेत्र के छोटे गांव के रास्ते नेपाली बाइक से तस्कर आते हैं और समान पहुंचाकर और समान लेकर चले जाते हैं।
दर्जनों युवक इस काम में लगे हुए है। जो 15 बाइक से रोज ढुलाई करते हैं। इधर से चावल और गेहूं लेकर जाते हैं और नेपाल से कद्दू के बीज भारत में ला रहे हैं। भारत नेपाल की खुली सीमा होने के कारण तस्कर लाभ उठा रहे हैं।
वर्जन
बरामद सभी सामानों को सीज कर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी हाल में तस्करी नहीं होने दी जाएगी। सीमा पर सुरक्षाकर्मी पूरी तरह से सतर्क हैं। तस्करों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
- कृष्ण कुमार चंद, डीएसपी