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Maharajganj News: नेपाल से सस्ते कॉस्मेटिक सामानों की धड़ल्ले से हो रही तस्करी

Fri, 13 Oct 2023 01:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Oct 2023 01:01 AM IST
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Smuggling of cheap cosmetic goods is being done indiscriminately from Nepal.
नेपाल से सस्ते कॉस्मेटिक सामानों की धड़ल्ले से हो रही तस्करी
ठेले और साइकिल पर रखकर सीमावर्ती क्षेत्र में फेरी लगाकर बेचते हैं नेपाल में बने उत्पाद
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नेपाल से आया कॉस्मेटिक सामान आसानी से मिल जाता
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नेपाल से सस्ता कॉस्मेटिक सामान तस्कर धड़ल्ले से भारत पहुंचा रहे हैं। सीमा शुल्क में चोरी कर तस्कर न सिर्फ कस्टम विभाग को चूना लगा रहे बल्कि अपनी जेब भी भर रहे हैं। लाखों के कॉस्मेटिक का सामान तस्कर आसानी से सरहद पार कर देते हैं। ठेले और साइकिल पर रखकर सीमावर्ती क्षेत्र में फेरी लगाकर बेचते हैं। दुकानों पर भी आसानी से नेपाल से आया कॉस्मेटिक सामान आसानी से मिल जाता है।
सूत्र बताते हैं कि कास्मेटिक सामान नेपाल की ओर से सुंडी घाट, हरदीडाली, रजिया घाट, बैरिहवा, मुड़िला, चंडीथान, खैराघाट, कुरहवा घाट, जोगियाबारी, भगवानपुर, सेवतरी, खनुआ से होकर आता है। प्रत्येक सामान में औसतन 15 से 20 रुपये का मुनाफा होता है। हमेशा प्रयोग होने वाले सामान को ज्यादातर दुकानदार थोड़ा-थोड़ा कर कई बार भारतीय सीमा में लाकर दुकानों पर बेचते हैं। बताया जाता है कि जो क्रीम नेपाल में 30 से 35 रुपये में मिलता है, वह भारतीय क्षेत्र में आने से 50 से 55 रुपये में बिकता है। अन्य सामानों की भी कमोवेश यही स्थिति है।
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तस्कर जहां बिना सीमा शुल्क जमा किए नेपाल से सामान लाकर भारतीय सीमा में बेच देते हैं। वहीं दुकानदार नेपाली मुद्रा में अंकित मूल्य यहां भारतीय मुद्रा में वसूलते हैं। नेल पाॅलिस से लेकर क्रीम, पाउडर, पेस्ट समेत अन्य सामान आसानी से सरहद पार किए जा रहे हैं। यह सामान कभी कभार ही बरामद होता है। सूत्र बताते हैं कि नेपाल से कास्मेटिक सामान लाकर सीमावर्ती क्षेत्र में फेरी वाले बेचते हैं। सस्ते में नेपाल से सामान लाकर आराम से महंगे दाम पर बेचते हैं। सूत्रों की माने तो खुली सीमा होने के कारण नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में तस्करी कुटीर उद्योग का रूप ले चुकी है।
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इसके अलावा यहां नकली सामानों की आसानी से खपत हो जाती है। असली जैसे दिखने वाले तमाम शैंपू, टूथपेस्ट, साबुन, मसाला, पाउडर, सौंदर्य प्रशासन के तमाम ब्रांड के क्रीम यहां उपलब्ध हैं। इनके डिब्बों पर जहां मूल्य तो ब्रांडेड कंपनियों का लिखा होता है, लेकिन अक्सर इनके नकली होने की आशंका बनी रहती है।
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इन रास्तों से आते-जाते हैं तस्कर
सीमावर्ती क्षेत्र में लगभग एक दर्जन ऐसे रास्ते हैं, जहां से कास्मेटिक सामानों की तस्करी होती है। सामान्य तौर पर दिन में नेपाल के बाजारों से आने वाली महिलाएं होती हैं। यह तस्करों के लिए कैरियर के रूप में काम करती हैं। खरीदारी करने के बाद उसे गंतव्य तक पहुंचा देती हैं। तस्करी के रास्तों में नौतनवां थाना क्षेत्र के संपतिहां, छपवा,सुंडी, खनुवा, हरदी डाली, कैथवलिया, बरगदही, फ़रेनिया, श्याम काट, भगवानपुर और सोनौली का दो नंबर गली है।
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दो माह यह में हुई बरामदगी

--बीते 17 अगस्त 2023 को सशस्त्र सीमा बल 66 वीं वाहिनी के बीओपी जोगियाबारी व कोल्हुई पुलिस ने सूचना के आधार पर सोनपिपरी गांव से टूथपेस्ट 46 कार्टून व अन्य कॉस्मेटिक सामान के साथ एक बाइक की बरामदगी की थी। पांच सितंबर को सशस्त्र सीमा बल 66 वीं वाहिनी के बीओपी चंडीथान के जवानों ने गश्त के दौरान चंडीथान गांव के पास नेपाली शैंपू 1800 पीस, पेस्ट 1008 पीस, और एक बाइक बरामद किया था।
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सात माह पहले भी कास्मेटिक सामान हुआ था बरामद
सात माह पहले छह मार्च 2023 को कोल्हुई क्षेत्र के जोगियाबारी तिराहे से पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम ने कास्मेटिक सामान से भरा एक पिकअप पकड़ा था। एक आरोपित को भी गिरफ्तार किया था। पिकअप में पचास पेटी नेपाल निर्मित पाउडर 42 पेटी टूथपेस्ट व 14 पेटी हेयर कलर बरामद हुआ था।
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नेपाली मुद्रा में छपे मूल्य को भारतीय मुद्रा में वसूलते
फुटकर बाजारों में नेपाल से आया माल आसानी से खप जाता है। इसकी पहचान आसान नहीं होती है। एक ही कंपनी इंडिया और नेपाल दोनों जगहों के लिए प्रोडक्ट तैयार करती हैं। नेपाल में उनके उत्पाद का रेट नेपाली मुद्रा में होता है। यह प्रोडक्ट जब भारत में बिकता है तो उस पर नेपाली रेट लिखा होता है। यह भारत से ज्यादा होता है। ग्राहक रेट देख कर दुकानदारों को पैसा देते हैं। इसमें आसानी से 15 से 20 रुपये का मुनाफा मिल जा रहा है।
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सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस निगरानी में जुटी रहती है। तस्करी पर अंकुश लगाने का तेजी से प्रयास किया जा रहा है। सामान बरामद कर कस्टम को सौंप दिया जाता है।

आतिश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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