फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Smugglers used to make profits of 100 to 200 times by transporting narcotics to Nepal.

Maharajganj News: नशीले दवाओं को नेपाल पहुंचाकर सौ से दो सौ गुना तक मुनाफा कमाते थे तस्कर

Sat, 09 May 2026 01:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 01:40 AM IST
विज्ञापन
Smugglers used to make profits of 100 to 200 times by transporting narcotics to Nepal.
पकड़े गए नशे के सौदागरों का नेपाल तक फैला है नेटवर्क
विज्ञापन

एमआरपी पर खरीदते थे दवाएं, नेपाल पहुंचते ही सौ से दो सौ गुना तक बढ़ जाती थी कीमत
महराजगंज/परतावल। बृहस्पतिवार को एक करोड़ रुपये के नशे की दवाओं के साथ सीमा पर गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) थे। नौकरी के दौरान उन्हें दवाओं के बारे में बारीकी से जानकारी हो गई। इसी जानकारी के आधार पर वह दवाएं खरीदकर नेपाल में तस्करी करने लगे। पुलिस के अनुसार, आरोपी दवाओं को एमआरपी से सौ से दो सौ गुना अधिक दाम पर बेचते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रामसमुश निवासी खरोहवा थाना बेलीपार जनपद गोरखपुर, नवीन कुमार गौतम निवासी अंधियारीबाग उत्तरी थाना गोरखनाथ गोरखपुर और संदीप कुमार निवासी डोहरिया थाना तिवारीपुर गोरखपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपियों का गोरखपुर से लेकर नेपाल की राजधानी काठमांडो तक उनका नेटवर्क फैला हुआ है।
विज्ञापन

यह गिरोह दवाओं को एमआरपी मूल्य पर खरीदता था और फिर नेपाल में ऊंचे दामों पर बेचता था। कई दवाओं पर उन्हें सौ गुना तक मुनाफा मिल जाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि काठमांडो समेत नेपाल के कई बड़े शहरों में इन नशे की दवाओं की काफी मांग थी और लंबे समय से यह नेटवर्क सक्रिय था।
विज्ञापन
विज्ञापन

थोक में बाहर से मंगाते थे दवाएं
आरोपी थोक में दो से तीन लाख रुपये का सामान हरियाणा समेत अन्य स्थानों से मंगाते थे। दवा आने के बाद वह नेपाल बॉर्डर पर ले जाकर बेचते थे। बताया जा रहा है कि जितना नेपाल में अंदर जाकर दवाएं बेचते थे, दवाओं का उतना ही अधिक दाम उन्हें मिलता था। वह इन दवाओं को ऊंचे दामों पर नशे के आदी युवाओं और स्थानीय पेडलर्स को सप्लाई करता था।
प्रतिबंधित दवाएं बेचकर दो सौ गुना तक कमाते थे मुनाफा
पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रतिबंधित दवाएं बेचकर सौ तक गुना मुनाफा कमाते थे। अल्ट्रापार नियो आमतौर पर एक दर्द निवारक दवा है। इसकी 10 टैबलेट की स्ट्रिप करीब 80 से 90 रुपये के बीच में मिल जाती है। तस्कर इसे नेपाल बॉर्डर पर 1500 से 2000 रुपये में बेचते थे। वहीं एलजोमैक टैबलेट और ट्रैमालैब कैप्सूल भी इसी तरह से ऊंचे दाम पर बेचे जाते थे। बताया जा रहा है कि तस्कर नेपाल के जितना अंदर जाते थे उसके आधार पर उनका दाम बढ़ता जाता था।

वर्जन
पुलिस टीम इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दवाओं की सप्लाई किन कंपनियों और एजेंसियों के माध्यम से की जा रही थी। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि नेपाल में इनके संपर्क किस स्तर तक फैले हुए थे। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल के माध्यम से इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
-अभिषेक सिंह, एसओ, परतावल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed