फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Smugglers are doing business of incense wood by changing the route.

Maharajganj News: रास्ता बदलकर धूप की लकड़ी का धंधा कर रहे हैं तस्कर

Thu, 27 Nov 2025 01:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Nov 2025 01:09 AM IST
विज्ञापन
Smugglers are doing business of incense wood by changing the route.
पकड़े जाने पर बार-बार रास्ता बदल रहे धूप की लकड़ी के तस्कर
विज्ञापन

मजबूत सूचना तंत्र की वजह से तस्करों पर नकेल कसने में मदद मिल रही
महराजगंज। मंगलवार को नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में बरामद धूप की लकड़ी को तस्कर दिल्ली ले जा रहे थे। सुरक्षाकर्मियों की नजर पड़ी तो लकड़ी की बरामदगी हो गई। इससे पहले भी कई बार सुरक्षाकर्मी धूप की लकड़ी को बरामद कर चुके हैं। एक बार पकड़े जाने के बाद तस्कर रास्ता बदल देते हैं और जब तक नहीं पकड़े जाते हैं तब इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
जानकारी के मुताबिक, जिले के 84 किलोमीटर लंबी सरहद के मुख्य और पगडंडियों पर सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही पुलिस की भी नजर बनी हुई है। कुछ दिन पहले निचलौल और लक्ष्मीपुर क्षेत्र के पगडंडियों और नदियों के रास्ते धूप की लकड़ी की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही थी। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की टीम मजबूत सुरक्षा तंत्र की मदद से तस्करों का सिंडिकेट तोड़ने में सफल साबित हुई। इसके बाद तस्करों ने अपना रास्ता बदल लिया। फिर से भी सुरक्षा एजेंसियां की कड़ी नजर से नहीं बच सके। सुरक्षा टीम सीमावर्ती क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी कर रही है और रात्रि गश्त भी बढ़ा दी है। ऐसे में सुरक्षा टीम तस्करी की अवैध सामान बरामद करने के साथ ही आरोपियों को भी गिरफ्तारी कर ले रही है। सुरक्षा टीम सीमावर्ती क्षेत्र में ग्रामीणों की मदद से बार्डर के अधिकांश पगडंडियों पर हर वक्त निगरानी रख रही है।
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक, तस्कर भारत और नेपाल राष्ट्र के बाजारों को तुलना कर सामान की तस्करी करते हैं। इससे उन्हें कम खर्च में मोटा मुनाफा होता है। बार्डर पर दोनों देशों के तस्करों के करतूत को बढ़ावा देने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं का टोली और महिलाएं मददगार बनती हैं। यही कारण है कि बार्डर से अवैध सामान की तस्करी के साथ ही घुसपैठ करने की आशंका बनी रहती है। फिलहाल इन दिनों सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार तस्करी करने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए उनका सिंडिकेट तोड़ने में जुटी हुई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि प्रभावी कार्रवाई के जरिए तस्करों के सिंडिकेट को तोड़ने का प्रयास जारी है। सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पकड़ने पर बदल रहे रास्ता
तस्करों ने धूप की लकड़ी को सरहद पार करने के लिए हर बार रास्ता बदला। नेपाल से सटे नारायणी नदी से नाव के जरिए भारतीय सीमा में दाखिल हुए तो पकड़े गए। इसके बाद इस क्षेत्र को छोडकर नेपाल बार्डर के पिलर संख्या 503 से दाखिल हुए। यहां भी सुरक्षा कर्मियों ने दबोचा तो लक्ष्मीपुर खुर्द गांव से सरहद पार होने लगे। इसके बाद सोनौली क्षेत्र का रूख कर लिए। बार्डर के कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव से बगीचे में धूप की लकड़ी नेपाल से लाकर छिपाए। यहां भी सुरक्षा कर्मियों को जानकारी हुई तो कार्रवाई हुई।
सीमावर्ती गांवों में लोगों को कर रहे जागरूक
नेपाल बॉर्डर पर तत्परता बरतने के साथ ही आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर पुलिस, एसएसबी सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीम लगातार नेपाल के सुरक्षा कर्मियों के साथ बार्डर पर गस्त कर रही है। इस दौरान टीम बॉर्डर से सटे लोगों को जागरूक कर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपील कर बता रही है। ताकि अगर कोई संदिग्ध दिखाई दे या अपराध हो तो तत्काल पुलिस को सूचना मिल सके। इसके अलावा भी पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है।
दो गुना मुनाफा में बेच रहे धूप की लकड़ी
सूत्रों के मुताबिक, धंधेबाज नेपाल से धूप की लकड़ी की तस्करी कर दोगुना मुनाफे पर बेच रहे हैं। धंधेबाजों को नेपाल में धूप की लकड़ी 110 से 120 रुपये प्रतिकिलो मिल जा रही है। भारतीय सीमा क्षेत्र में इसे 250 से 300 रुपये प्रतिकिलो की दर से बेचा जाता है। इस सिंडिकेट में दोनों देशों में बैठे बड़े-बड़े धंधेबाज जुड़े हैं। यह धंधेबाज बार्डर पर तस्करी के इस खेल को कैरियरों की मदद से अंजाम दे रहे हैं। नेपाल से लाई जाने वाली धूप की लकड़ी प्रदेश के बड़े शहरों के साथ ही बिहार, दिल्ली और गुजरात के मंडियों में भेजी जा रही है।
पहले भी बरामद हो चुकी है लकड़ी
महराजगंज। नेपाल बार्डर पर धूप की लकड़ी की तस्करी पिछले कुछ महीनों से तेज हो गई है। अधिकतर तस्कर धूप की लकड़ी को नेपाल से भारत लाने में सफल हो जाते हैं। कभी-कभार सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में भी आ जाते हैं।

25 नवंबर को सोनौली थाना क्षेत्र अंतर्गत नेपाल बार्डर के कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव के पास से सुरक्षा एजेंसियों की टीम ने 52 बोरी धूप की लकड़ी बरामद की थी। 6 नवंबर को कोतवाली ठूठीबारी थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के पास सुरक्षा टीम ने 4.75 क्विंटल धूप की लकड़ी बरामद की थी। 12 अक्तूबर को निचलौल थाना क्षेत्र अंतर्गत नेपाल बार्डर के पिलर संख्या 503 के पास से सुरक्षा टीम ने 6 क्विंटल धूप की लकड़ी बरामद की थी। 17 अक्तूबर को निचलौल थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायणी नदी से नाव पर लदी 56.68 क्विंटल धूप की लकड़ी को वन कर्मियों ने बरामद किया था। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed