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Maharajganj News: कनाडियन मटर ही नहीं मक्का भी सरहद पार कर रहे तस्कर
Mon, 03 Feb 2025 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:57 AM IST
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महराजगंज। भारत में सरहद के रास्ते नेपाल से अब तक कनाडा का मटर ही आ रहा था, लेकिन तस्कर मोटा मुनाफा के लालच में मक्का भी सरहद पार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि मक्के की कीमत में दोगुने अंतर के चलते तस्कर भारतीय क्षेत्र में ला रहे हैं।
बीते दिन 31 जनवरी को निचलौल शहर स्थित एक मैरिज हाल से मक्का बरामद हुआ था। इतना ही नहीं सूत्रों की माने तो इस बरामदगी में भी जिम्मेदारों की ओर से खेल किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रयागराज में महाकुंभ मेले को लेकर पिछले कुछ दिनों से भारत नेपाल की कुल 84 किलोमीटर की खुली सरहद पर पुलिस प्रशासन की कड़ी निगरानी है। धंधेबाज अवैध तरीके से खाद्य सामाग्री, कपड़ा सहित अन्य वस्तुओं की तस्करी करने में जुट हुए हैं।
जिले के नौतनवां, कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, परसामलिक, ठूठीबारी और निचलौल थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव से कनाडियन मटर की तस्करी हो रही थी, लेकिन कुछ दिनों से मक्के की कीमत में दोगुने बचत को लेकर इसकी तस्करी तेज हो चुकी है। तस्करी से जुड़े एक शख्स ने बातचीत में बताया कि नेपाल में 80 से 90 रुपये प्रतिकिलो मक्का मिल जाता है। जबकि यह भारत में 160 से 180 रुपये प्रतिकिलो आसानी से बिक जाता है।
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सूत्रों की माने तो 31 जनवरी को पुलिस और कस्टम की संयुक्त टीम मुखबिर की सूचना पर निचलौल शहर स्थित एक मैरिज हॉल में छापा मारा। इस दौरान टीम को लगभग दो पिकअप मक्के की खेप बरामद हुई, लेकिन टीम में शामिल जिम्मेदार तस्करों से वार्ता करने के बाद महज 14 बोरी मक्का की बरामदगी ही दिखाएं। यही कारण है कि कार्रवाई का कोई असर नहीं देखने को मिलता है।
शनिवार को उक्त मैरिज हॉल के सामने से होकर गुजरी सड़क स्थित एक चाय की दुकान कुछ लोग चर्चा कर रहे थे कि तस्कर सरहद पर तस्करी के लिए अधिकांश पगडंडियों के रास्ते का सहारा लेते हैं। तस्करों का अवैध धंधा दोनों देशों के बाजारों पर टिकी रहती है। इतना ही नहीं सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में सिर्फ कैरियर ही आते हैं जो हजार, पांच सौ रुपये के लिए काम करते हैं। जबकि इससे जुड़े बड़े कारोबारी बेखौफ होकर मुनाफा कमाने में जुटे रहते हैं। निचलौल कस्टम इंस्पेक्टर ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध तरीके से तस्करी करने वालों के खिलाफ पुलिस की मदद से कार्रवाई की जा रही है।
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बीते दिन 31 जनवरी को निचलौल शहर स्थित एक मैरिज हाल से मक्का बरामद हुआ था। इतना ही नहीं सूत्रों की माने तो इस बरामदगी में भी जिम्मेदारों की ओर से खेल किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रयागराज में महाकुंभ मेले को लेकर पिछले कुछ दिनों से भारत नेपाल की कुल 84 किलोमीटर की खुली सरहद पर पुलिस प्रशासन की कड़ी निगरानी है। धंधेबाज अवैध तरीके से खाद्य सामाग्री, कपड़ा सहित अन्य वस्तुओं की तस्करी करने में जुट हुए हैं।
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जिले के नौतनवां, कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, परसामलिक, ठूठीबारी और निचलौल थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव से कनाडियन मटर की तस्करी हो रही थी, लेकिन कुछ दिनों से मक्के की कीमत में दोगुने बचत को लेकर इसकी तस्करी तेज हो चुकी है। तस्करी से जुड़े एक शख्स ने बातचीत में बताया कि नेपाल में 80 से 90 रुपये प्रतिकिलो मक्का मिल जाता है। जबकि यह भारत में 160 से 180 रुपये प्रतिकिलो आसानी से बिक जाता है।
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सूत्रों की माने तो 31 जनवरी को पुलिस और कस्टम की संयुक्त टीम मुखबिर की सूचना पर निचलौल शहर स्थित एक मैरिज हॉल में छापा मारा। इस दौरान टीम को लगभग दो पिकअप मक्के की खेप बरामद हुई, लेकिन टीम में शामिल जिम्मेदार तस्करों से वार्ता करने के बाद महज 14 बोरी मक्का की बरामदगी ही दिखाएं। यही कारण है कि कार्रवाई का कोई असर नहीं देखने को मिलता है।
शनिवार को उक्त मैरिज हॉल के सामने से होकर गुजरी सड़क स्थित एक चाय की दुकान कुछ लोग चर्चा कर रहे थे कि तस्कर सरहद पर तस्करी के लिए अधिकांश पगडंडियों के रास्ते का सहारा लेते हैं। तस्करों का अवैध धंधा दोनों देशों के बाजारों पर टिकी रहती है। इतना ही नहीं सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में सिर्फ कैरियर ही आते हैं जो हजार, पांच सौ रुपये के लिए काम करते हैं। जबकि इससे जुड़े बड़े कारोबारी बेखौफ होकर मुनाफा कमाने में जुटे रहते हैं। निचलौल कस्टम इंस्पेक्टर ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध तरीके से तस्करी करने वालों के खिलाफ पुलिस की मदद से कार्रवाई की जा रही है।