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Maharajganj News: सीमावर्ती क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी से धंधेबाज हो रहे मालामाल
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पुलिस और एसएसबी के जवानों के लगातार अभियान चलाने के बाद भी नहीं रुक रहे हैं मामले
17 जुलाई को 25 लाख का अफीम पुलिस ने किया था बरामद, भाग गया था तस्कर
ठूठीबारी। पुलिस और एसएसबी के जवानों द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बावजूद सीमा पर लगातार ऐसे मामले पकड़े जा रहे हैं। नेपाल से भारतीय सीमा क्षेत्र में ब्राउन सुगर, गांजा, अफीम, चरस, नेपाली शराब और भारतीय सीमा क्षेत्र से नशीली दवा तथा इंजेक्शन का कारोबार फल-फूल रहा है। 17 जुलाई को भी 25 लाख का अफीम बरामद हुआ था। हालांकि तस्कर सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे नहीं चढ़ सका और मंगलवार को नेपाली नागरिक से 40 ग्राम स्मैक पकड़ा गया था।
जानकारी के अनुसार, नेपाल की दुर्गम पहाड़ी और तराई इलाकों में अफीम की अवैध खेती होती है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय तस्कर पड़ोसी देशों से नेपाल में अफीम पहुंचाते हैं। नेपाल में सरकार की ओर से अफीम उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, धंधेबाज और तस्कर भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर अवैध नेटवर्क चला रहे हैं।
नाम न छापने की शर्त पर एक कारोबारी ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े बिचौलिए नेपाल के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के गरीब किसानों को अफीम के बीज के साथ आर्थिक लालच देकर इसकी खेती के लिए उकसाते हैं। फसल तैयार होने पर खुद उनके घरों से इसे कम दाम पर खरीद कर बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय सिंडिकेट के माध्यम से पांच से 10 हजार रुपये प्रत्येक खेप पर भुगतान का लालच देकर कैरियरों के जरिए सीमा पार करा देते हैं।
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40 से 50 हजार में खरीदकर बेचते हैं 6 से 10 लाख में
सूत्रों के अनुसार, नेपाल के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र जैसे जाजरकोट, मकवानपुर में बिचौलिए स्थानीय किसानों से करीब 40 हजार से 50 हजार रुपये प्रति किलो की दर पर अफीम खरीदते हैं। यही अफीम सीमा पार कराकर जब भारतीय महानगरों गोरखपुर, दिल्ली, मेरठ, कोलकाता, चेन्नई, महाराष्ट्र में पहुंचा देने पर इसकी कीमत बढ़कर लाखों रुपये प्रति किलोग्राम हो जाती है। सुरक्षा एजेंसियों की जब्ती रिपोर्ट के अनुसार, उच्च गुणवत्ता वाली अफीम जब अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजारों तक पहुंचती है तो इसकी कीमत 6 से 10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम या उससे भी अधिक आंकी जाती है।
इस बारे में पूछने पर नेपाल के नवलपरासी जिले के डीएसपी मदन थापा ने बताया कि नेपाल में अफीम की खेती पूर्णरूप से प्रतिबंधित है। पुलिस लगातार अभियान चलाकर पहाड़ी इलाकों में अवैध रूप से उगाई गई अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट करती रहती है।
वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी निचलौल रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पांच किलो अफीम की बरामदगी के बाद अफीम कारोबारी की तलाश में लक्ष्मीपुर खुर्द व ठूठीबारी कोतवाली पुलिस टीम लगी हुई है। बॉर्डर क्षेत्र में नशा का कारोबार किसी भी कीमत पर फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा।
केस नंबर एक
निचलौल आबकारी व लक्ष्मीपुर खूर्द पुलिस चौकी की संयुक्त टीम ने 5 अक्टूबर 2025 को 245 ग्राम चरस के साथ ठूठीबारी निवासी सुभान अल्लाह को गिरफ्तार किया था।
केस नंबर दो
बरगदवां एसएसबी व पुलिस की संयुक्त टीम ने 26 अप्रैल 2026 को कंटेनर की केबिन में छिपाकर नेपाल से भारतीय सीमा में लाए गए 21 बंडल गांजे को बरामद किया था। गांजे के साथ रंजीत गिरि (37), निवासी घोघा कबलेसवा थाना गोपालपुर, जिला बेतिया पश्चिमी चंपारण बिहार को गिरफ्तार किया गाय था।
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17 जुलाई को 25 लाख का अफीम पुलिस ने किया था बरामद, भाग गया था तस्कर
ठूठीबारी। पुलिस और एसएसबी के जवानों द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बावजूद सीमा पर लगातार ऐसे मामले पकड़े जा रहे हैं। नेपाल से भारतीय सीमा क्षेत्र में ब्राउन सुगर, गांजा, अफीम, चरस, नेपाली शराब और भारतीय सीमा क्षेत्र से नशीली दवा तथा इंजेक्शन का कारोबार फल-फूल रहा है। 17 जुलाई को भी 25 लाख का अफीम बरामद हुआ था। हालांकि तस्कर सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे नहीं चढ़ सका और मंगलवार को नेपाली नागरिक से 40 ग्राम स्मैक पकड़ा गया था।
जानकारी के अनुसार, नेपाल की दुर्गम पहाड़ी और तराई इलाकों में अफीम की अवैध खेती होती है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय तस्कर पड़ोसी देशों से नेपाल में अफीम पहुंचाते हैं। नेपाल में सरकार की ओर से अफीम उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, धंधेबाज और तस्कर भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर अवैध नेटवर्क चला रहे हैं।
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नाम न छापने की शर्त पर एक कारोबारी ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े बिचौलिए नेपाल के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के गरीब किसानों को अफीम के बीज के साथ आर्थिक लालच देकर इसकी खेती के लिए उकसाते हैं। फसल तैयार होने पर खुद उनके घरों से इसे कम दाम पर खरीद कर बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय सिंडिकेट के माध्यम से पांच से 10 हजार रुपये प्रत्येक खेप पर भुगतान का लालच देकर कैरियरों के जरिए सीमा पार करा देते हैं।
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40 से 50 हजार में खरीदकर बेचते हैं 6 से 10 लाख में
सूत्रों के अनुसार, नेपाल के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र जैसे जाजरकोट, मकवानपुर में बिचौलिए स्थानीय किसानों से करीब 40 हजार से 50 हजार रुपये प्रति किलो की दर पर अफीम खरीदते हैं। यही अफीम सीमा पार कराकर जब भारतीय महानगरों गोरखपुर, दिल्ली, मेरठ, कोलकाता, चेन्नई, महाराष्ट्र में पहुंचा देने पर इसकी कीमत बढ़कर लाखों रुपये प्रति किलोग्राम हो जाती है। सुरक्षा एजेंसियों की जब्ती रिपोर्ट के अनुसार, उच्च गुणवत्ता वाली अफीम जब अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजारों तक पहुंचती है तो इसकी कीमत 6 से 10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम या उससे भी अधिक आंकी जाती है।
इस बारे में पूछने पर नेपाल के नवलपरासी जिले के डीएसपी मदन थापा ने बताया कि नेपाल में अफीम की खेती पूर्णरूप से प्रतिबंधित है। पुलिस लगातार अभियान चलाकर पहाड़ी इलाकों में अवैध रूप से उगाई गई अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट करती रहती है।
वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी निचलौल रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पांच किलो अफीम की बरामदगी के बाद अफीम कारोबारी की तलाश में लक्ष्मीपुर खुर्द व ठूठीबारी कोतवाली पुलिस टीम लगी हुई है। बॉर्डर क्षेत्र में नशा का कारोबार किसी भी कीमत पर फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा।
केस नंबर एक
निचलौल आबकारी व लक्ष्मीपुर खूर्द पुलिस चौकी की संयुक्त टीम ने 5 अक्टूबर 2025 को 245 ग्राम चरस के साथ ठूठीबारी निवासी सुभान अल्लाह को गिरफ्तार किया था।
केस नंबर दो
बरगदवां एसएसबी व पुलिस की संयुक्त टीम ने 26 अप्रैल 2026 को कंटेनर की केबिन में छिपाकर नेपाल से भारतीय सीमा में लाए गए 21 बंडल गांजे को बरामद किया था। गांजे के साथ रंजीत गिरि (37), निवासी घोघा कबलेसवा थाना गोपालपुर, जिला बेतिया पश्चिमी चंपारण बिहार को गिरफ्तार किया गाय था।