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Maharajganj News: सिसवा बाजार में छह जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का हो ठहराव
Sun, 13 Jul 2025 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 13 Jul 2025 12:40 AM IST
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सिसवा बाजार। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर छह एक्सप्रेस गाड़ियों के ठहराव की मांग तेज हो गई है। गाड़ियों का ठहराव न होने से व्यापारी परेशान हैं। उनका कहना है कि व्यापारियों के लिए रेलवे एक उचित और सस्ता साधन है। मगर दूर-दराज तक जाने वाली गाड़ियों का ठहराव न होने से सिसवा सहित आसपास के क्षेत्रों का व्यापार प्रभावित हुआ है।
सिसवा रेलवे स्टेशन पर आठ जोड़ी एक्सप्रेस व चार जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है। गोरखपुर-नरकटियागंज रेल प्रखंड पर वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन, दरभंगा-अमृतसर सप्ताह में दो दिन, जनसाधारण एक्सप्रेस साप्ताहिक, चंपारण सत्याग्रह सप्ताह में तीन दिन, कामख्या साप्ताहिक व गरीब रथ एक दिन चलने वाली छह जोड़ी गाड़ियों का ठहराव न होने से यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
वहीं नेपाल बाॅर्डर के ठूठीबारी, बरगदवा से लेकर कुशीनगर जनपद के सैकड़ों गांवों के लोग ट्रेन से यात्रा करने के लिए सिसवा रेलवे स्टेशन आते हैं। समस्या से महराजगंज के सांसद व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी को भी व्यापारियों ने अवगत कराया है, लेकिन अभी तक मामले का निराकरण होता नहीं दिखाई दे रहा है।
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रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी मनोज जायसवाल का कहना है खरीदारी के लिए अक्सर देश के कई प्रदेशों की यात्रा करनी पड़ती है। यातायात के साधन के अभाव में व्यापारियों के सामने समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। सत्येंद्र यादव का कहना है कि गोरखपुर-नरकटियागंज रेल मार्ग पर चलने वाली कामख्या एक्सप्रेस अगर सिसवा रेलवे स्टेशन पर रुकती तो तीर्थ यात्रियों को काफी सुविधा रहती।
रेडीमेड कपड़ा व्यापारी याकूब अली का कहना है कि लुधियाना, दिल्ली व लखनऊ, कानपुर की यात्रा करनी पड़ती है। कोविड के बाद से गाड़ियों का संचलन अव्यवस्थित हो गया है, जिससे व्यापारियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ इसी तरह के विचार कारपेंटर अखिलेश के भी हैं। इनका कहना है कि सीमित गाड़ियों के ठहराव से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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सिसवा रेलवे स्टेशन पर आठ जोड़ी एक्सप्रेस व चार जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है। गोरखपुर-नरकटियागंज रेल प्रखंड पर वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन, दरभंगा-अमृतसर सप्ताह में दो दिन, जनसाधारण एक्सप्रेस साप्ताहिक, चंपारण सत्याग्रह सप्ताह में तीन दिन, कामख्या साप्ताहिक व गरीब रथ एक दिन चलने वाली छह जोड़ी गाड़ियों का ठहराव न होने से यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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वहीं नेपाल बाॅर्डर के ठूठीबारी, बरगदवा से लेकर कुशीनगर जनपद के सैकड़ों गांवों के लोग ट्रेन से यात्रा करने के लिए सिसवा रेलवे स्टेशन आते हैं। समस्या से महराजगंज के सांसद व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी को भी व्यापारियों ने अवगत कराया है, लेकिन अभी तक मामले का निराकरण होता नहीं दिखाई दे रहा है।
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रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी मनोज जायसवाल का कहना है खरीदारी के लिए अक्सर देश के कई प्रदेशों की यात्रा करनी पड़ती है। यातायात के साधन के अभाव में व्यापारियों के सामने समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। सत्येंद्र यादव का कहना है कि गोरखपुर-नरकटियागंज रेल मार्ग पर चलने वाली कामख्या एक्सप्रेस अगर सिसवा रेलवे स्टेशन पर रुकती तो तीर्थ यात्रियों को काफी सुविधा रहती।
रेडीमेड कपड़ा व्यापारी याकूब अली का कहना है कि लुधियाना, दिल्ली व लखनऊ, कानपुर की यात्रा करनी पड़ती है। कोविड के बाद से गाड़ियों का संचलन अव्यवस्थित हो गया है, जिससे व्यापारियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ इसी तरह के विचार कारपेंटर अखिलेश के भी हैं। इनका कहना है कि सीमित गाड़ियों के ठहराव से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।