{"_id":"5700139c4f1c1b917ff00294","slug":"siswa-purchasing-centers-locks","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिसवा के क्रय केंद्रों पर ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिसवा के क्रय केंद्रों पर ताले
ब्यूरो/अमर उजाला, महराजगंज
Updated Sun, 03 Apr 2016 12:17 AM IST
विज्ञापन
सिसवा क्षेत्र के गेहूं क्रय केंद्रों पर शनिवार को ताले लटके मिले।
- फोटो : कुंदन सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिसवा बाजार में सरकार द्वारा एक अप्रैल से गेहूं खरीद करने के निर्देश को सिसवा ब्लॉक के क्रय केंद्रों ने अंगूठा दिखा दिया है। शनिवार सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक गोपाला, बड़हरा, मधवलिया, करमही, बेलभरियां और हरखपुरा की साधन सहकारी समितियों में ताले लटके मिले।
प्रतिनिधि के मुताबिक साधन सहकारी समिति बेलभरियां केंद्र पर ताला लटका था। बैनर और बोरे का पता नहीं था। केंद्र पर चौकीदार भी मौजूद नहीं था। साधन सहकारी समिति करमही क्रय केंद्र भी बंद मिला। इंचार्ज अरुण कुमार तिवारी का दफ्तर खुला था मगर खुद नहीं थे। चौकीदार रामबली ने बताया कि केंद्र पर बोरे व बैनर अभी उपलब्ध नहीं हैं। कांटा है मगर साहब उसे दूसरे कमरे में बंद कर कहीं गए हैं।
साधन सहकारी समिति गोपाला में भी हालत वही मिले। न तो कोई कर्मचारी था और न ही बैनर, कांटा या बोरे। यही हाल साधन सहकारी समिति बड़हरा, हरखपुरा व मधवलिया के क्रय केंद्रों का रहा। कर्मचारी, चौकीदार या किसान कहीं दूर दूर तक नहीं थे। इस संदर्भ में खाद्य विपणन अधिकारी अजीत त्रिपाठी का कहना है कि कहीं कोई केंद्र बंद नहीं हैं। बैनर व अन्य सामान नहीं मिले तो क्रय केंद्रों पर कहां से लगाया जाए। जैसे ही बैनर आ जाएंगे सभी केंद्रों पर लगवा दिया जाएगा। इस संबंध में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अगर इस तरह के मामले सामने आए है तो इसका जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतिनिधि के मुताबिक साधन सहकारी समिति बेलभरियां केंद्र पर ताला लटका था। बैनर और बोरे का पता नहीं था। केंद्र पर चौकीदार भी मौजूद नहीं था। साधन सहकारी समिति करमही क्रय केंद्र भी बंद मिला। इंचार्ज अरुण कुमार तिवारी का दफ्तर खुला था मगर खुद नहीं थे। चौकीदार रामबली ने बताया कि केंद्र पर बोरे व बैनर अभी उपलब्ध नहीं हैं। कांटा है मगर साहब उसे दूसरे कमरे में बंद कर कहीं गए हैं।
विज्ञापन
साधन सहकारी समिति गोपाला में भी हालत वही मिले। न तो कोई कर्मचारी था और न ही बैनर, कांटा या बोरे। यही हाल साधन सहकारी समिति बड़हरा, हरखपुरा व मधवलिया के क्रय केंद्रों का रहा। कर्मचारी, चौकीदार या किसान कहीं दूर दूर तक नहीं थे। इस संदर्भ में खाद्य विपणन अधिकारी अजीत त्रिपाठी का कहना है कि कहीं कोई केंद्र बंद नहीं हैं। बैनर व अन्य सामान नहीं मिले तो क्रय केंद्रों पर कहां से लगाया जाए। जैसे ही बैनर आ जाएंगे सभी केंद्रों पर लगवा दिया जाएगा। इस संबंध में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अगर इस तरह के मामले सामने आए है तो इसका जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन