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Maharajganj News: महादेव के दर पर भक्तों का रेला, गूंज रहे जयकारे
Mon, 14 Jul 2025 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सावन महीने के पदार्पण के बाद आज श्रावण मास का पहला सोमवार है। यह खास दिन महादेव को समर्पित है। इसलिए ब्रम्ह मुहुर्त से ही श्रद्धालु शिवालयों में जलाभिषेक को जुटेंगे।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन की तरफ से जनपद के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी व स्थानीय थाने से पुरुष व महिला कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई है। जनपद में प्राचीन शिव मंदिरों का प्राचीन इतिहास है।
निचलौल के इटहिया का पंचमुखी शिवलिंग त्रेतायुगीन माना जाता है, जिसका पादुर्भाव 200 वर्ष पूर्व राजा रत्नसेन के समय हुआ। इसके बाद यहां भव्य मंदिर बना। यह नेपाल व बिहार तक मिनी बाबा धाम के रूप में जाना जाता है।
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कटहरा, बागापार, धानी, गोपालपुर व जिला मुख्यालय सिंचाई विभाग काॅलोनी का शिव मंदिर भी प्राचीन माना जाता है जहां सावन में हर रोज भीड़ होती है और दूर दराज से लोग भगवान शिव के अभिषेक को पहुंचते हैं। सोमवार के दिन गैर जनपद से भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है।
प्रशासन की तरफ से साफ-सफाई व सजावट के साथ अन्य बंदोबस्त किए गए हैं, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न होने पाए। इटहिया के पुजारी ध्यानचंद गिरी ने बताया कि ब्रम्ह मुहूर्त में आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर कपाट खुलेंगे।
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महराजगंज। सावन महीने के पदार्पण के बाद आज श्रावण मास का पहला सोमवार है। यह खास दिन महादेव को समर्पित है। इसलिए ब्रम्ह मुहुर्त से ही श्रद्धालु शिवालयों में जलाभिषेक को जुटेंगे।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन की तरफ से जनपद के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी व स्थानीय थाने से पुरुष व महिला कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई है। जनपद में प्राचीन शिव मंदिरों का प्राचीन इतिहास है।
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निचलौल के इटहिया का पंचमुखी शिवलिंग त्रेतायुगीन माना जाता है, जिसका पादुर्भाव 200 वर्ष पूर्व राजा रत्नसेन के समय हुआ। इसके बाद यहां भव्य मंदिर बना। यह नेपाल व बिहार तक मिनी बाबा धाम के रूप में जाना जाता है।
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कटहरा, बागापार, धानी, गोपालपुर व जिला मुख्यालय सिंचाई विभाग काॅलोनी का शिव मंदिर भी प्राचीन माना जाता है जहां सावन में हर रोज भीड़ होती है और दूर दराज से लोग भगवान शिव के अभिषेक को पहुंचते हैं। सोमवार के दिन गैर जनपद से भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है।
प्रशासन की तरफ से साफ-सफाई व सजावट के साथ अन्य बंदोबस्त किए गए हैं, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न होने पाए। इटहिया के पुजारी ध्यानचंद गिरी ने बताया कि ब्रम्ह मुहूर्त में आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर कपाट खुलेंगे।