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Maharajganj News: हाेम्योपैथिक डॉक्टरों की कमी, फार्मासिस्ट के भरोसे हो रहा इलाज
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हाेम्योपैथिक डॉक्टरों की कमी, फार्मासिस्ट के भरोसे हो रहा इलाज
- 26 में से सात अस्पतालों में नहीं तैनात हैं डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में मीठी पद्वति से ईलाज के लिए संचालित होने वाले 26 होम्योपैथिक अस्पतालों मेंं से सात में डॉक्टर की कमी है। एक दिन के अंतराल पर उन अस्पतालों पर आसपास के डॉक्टर तैनात किए गए हैं, मगर वहां पर व्यवस्था बनाने से नियमित तैनाती वाले अस्पताल पर व्यवस्था बिगड़ जा रही है। शेष दिनों में फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज हो रहा है।
जिले में वर्तमान में कुल 26 होम्योपैथिक चिकित्सालय है। इनमें से 19 निजी भवन में, तीन किराए के भवन में व चार नि:शुल्क भवन में संचालित होते हैं। जिन सात अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर की तैनाती नहीं है, उन अस्पतालों में नौतनवां, पिपरवास, बृजमनगंज, फरेंदा, सिसवा, घुघली व जिला मुख्यालय के नाम हैं। ऐसे में यहां पर आसपास के अस्पतालों के डॉक्टर को एक दिन के अंतराल पर बुलाते हुए मरीजों को राहत देने का कार्य किया जाता है। मगर एक अस्पताल की व्यवस्था बनाने के चक्कर में नियमित अस्पताल के मरीज भी प्रभावित होते हैं।
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प्रतिदिन 50 से 60 मरीज की है ओपीडी
जिले के जिन सात अस्पतालों में डॉक्टर की तैनाती नहीं है वहां पर भी प्रतिदिन 50 से 60 मरीज की ओपीडी है। डॉक्टरों के न आने पर नियमित रूप से फार्मासिस्ट के भरोसे ही वहां इलाज किया जाता है।
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जिले में होम्योपैथिक डॉक्टरों की कमी है। निदेशालय को पत्र भेजते हुए डाॅक्टरों की तैनाती की मांग की गई है। डॉक्टर मिल जाएं तो मरीजों का और बेहतर ढंग से इलाज हो सकेगा।
डॉ. वीरेंद्र कुमार, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी
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- 26 में से सात अस्पतालों में नहीं तैनात हैं डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में मीठी पद्वति से ईलाज के लिए संचालित होने वाले 26 होम्योपैथिक अस्पतालों मेंं से सात में डॉक्टर की कमी है। एक दिन के अंतराल पर उन अस्पतालों पर आसपास के डॉक्टर तैनात किए गए हैं, मगर वहां पर व्यवस्था बनाने से नियमित तैनाती वाले अस्पताल पर व्यवस्था बिगड़ जा रही है। शेष दिनों में फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज हो रहा है।
जिले में वर्तमान में कुल 26 होम्योपैथिक चिकित्सालय है। इनमें से 19 निजी भवन में, तीन किराए के भवन में व चार नि:शुल्क भवन में संचालित होते हैं। जिन सात अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर की तैनाती नहीं है, उन अस्पतालों में नौतनवां, पिपरवास, बृजमनगंज, फरेंदा, सिसवा, घुघली व जिला मुख्यालय के नाम हैं। ऐसे में यहां पर आसपास के अस्पतालों के डॉक्टर को एक दिन के अंतराल पर बुलाते हुए मरीजों को राहत देने का कार्य किया जाता है। मगर एक अस्पताल की व्यवस्था बनाने के चक्कर में नियमित अस्पताल के मरीज भी प्रभावित होते हैं।
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प्रतिदिन 50 से 60 मरीज की है ओपीडी
जिले के जिन सात अस्पतालों में डॉक्टर की तैनाती नहीं है वहां पर भी प्रतिदिन 50 से 60 मरीज की ओपीडी है। डॉक्टरों के न आने पर नियमित रूप से फार्मासिस्ट के भरोसे ही वहां इलाज किया जाता है।
जिले में होम्योपैथिक डॉक्टरों की कमी है। निदेशालय को पत्र भेजते हुए डाॅक्टरों की तैनाती की मांग की गई है। डॉक्टर मिल जाएं तो मरीजों का और बेहतर ढंग से इलाज हो सकेगा।
डॉ. वीरेंद्र कुमार, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी