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Maharajganj News: नवजात की हत्या के दोषी को सात वर्ष की कैद
Thu, 13 Mar 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 13 Mar 2025 01:01 AM IST
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महराजगंज। नवजात की हत्या के दोषी कोठीभार थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक को जिला जज नीरज कुमार ने सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
युवक ने अपनी सगी भांजी से अवैध संबंध बनाया था। बच्चे के जन्म के बाद नहर में फेंक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पत्रावली से मिली जानकारी के अनुसार, गांव के एक व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 20 जून 2006 की शाम को गांव के अन्य व्यक्तियों के साथ बाजार करने सिसवा बाजार गया था। जहां पर नहर के पास 18-19 वर्ष आयु के एक युवक और युवती दिखे।
युवक के हाथ में एक नवजात था। वादी मुकदमा व अन्य ग्रामीण अभी कुछ आगे ही बढ़े थे कि युवक ने हाथ में लिए नवजात शिशु को नहर के साइफन में फेंक दिया, जिसमें काफी पानी भरा था। यह देख ग्रामीण दौड़कर वहां पहुंचे और तुरंत नहर के साइफन में घुसकर नवजात को पानी से बाहर निकाले।
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कुछ देर बाद नवजात की मृत्यु हो गई। पूछताछ से पता चला कि युवती नवजात शिशु की मां है और युवक की भांजी है। उन दोनों में नाजायज संबंध स्थापित हो गया था, जिससे यह नवजात शिशु पैदा हुआ।
लोकलाज के कारण वह दोनों आपसी सहमति से उस नवजात को नहर में फेंक दिए। वादी मुकदमा ग्रामीण की तहरीर पर थाना कोठीभार ने केस दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपितों के विरुद्ध अपने नवजात पुत्र की हत्या के आरोप में आरोपपत्र न्यायालय समक्ष प्रस्तुत किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान जिला जज ने अभिलेखीय साक्ष्यों, गवाहों तथा जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र नाथ त्रिपाठी व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सजा सुनाई।
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युवक ने अपनी सगी भांजी से अवैध संबंध बनाया था। बच्चे के जन्म के बाद नहर में फेंक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पत्रावली से मिली जानकारी के अनुसार, गांव के एक व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 20 जून 2006 की शाम को गांव के अन्य व्यक्तियों के साथ बाजार करने सिसवा बाजार गया था। जहां पर नहर के पास 18-19 वर्ष आयु के एक युवक और युवती दिखे।
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युवक के हाथ में एक नवजात था। वादी मुकदमा व अन्य ग्रामीण अभी कुछ आगे ही बढ़े थे कि युवक ने हाथ में लिए नवजात शिशु को नहर के साइफन में फेंक दिया, जिसमें काफी पानी भरा था। यह देख ग्रामीण दौड़कर वहां पहुंचे और तुरंत नहर के साइफन में घुसकर नवजात को पानी से बाहर निकाले।
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कुछ देर बाद नवजात की मृत्यु हो गई। पूछताछ से पता चला कि युवती नवजात शिशु की मां है और युवक की भांजी है। उन दोनों में नाजायज संबंध स्थापित हो गया था, जिससे यह नवजात शिशु पैदा हुआ।
लोकलाज के कारण वह दोनों आपसी सहमति से उस नवजात को नहर में फेंक दिए। वादी मुकदमा ग्रामीण की तहरीर पर थाना कोठीभार ने केस दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपितों के विरुद्ध अपने नवजात पुत्र की हत्या के आरोप में आरोपपत्र न्यायालय समक्ष प्रस्तुत किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान जिला जज ने अभिलेखीय साक्ष्यों, गवाहों तथा जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र नाथ त्रिपाठी व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सजा सुनाई।