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स्वास्थ्य
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मौसमी बीमारियों के पीड़ितों की संख्या बढ़ी
महराजगंज। मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। बुखार, बदन दर्द, उल्टी-दस्त के करीब 60 से अधिक मरीज प्रत्येक दिन जिला अस्पताल आ रहे हैं। बीते 15 दिनों में मौसमी बीमारियों की चपेट में आने वाले रोगियों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। ड्यू्टी पर तैनात चिकित्सक के अनुसार, ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित मिले। सभी मरीजों की जांच कर दवा दे दी गई।
जिला अस्पताल ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी मरीज बढ़ रहे हैं। हालत यह है कि पारा 39 से 42 के बीच बना हुआ है। जिला अस्पताल में ओपीडी का आंकड़ा प्रतिदिन 700 के पार हो गया है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए चिकित्सक, लोगों को बचाव के लिए सुझाव दे रहे हैं।
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ऐसे करें बचाव
डॉक्टरों के अनुसार लू से बचाव के लिए देसी घरेलू उपाय आम का पना, नीबू का पानी एवं प्याज के रस का उपयोग करें। बाहर निकलते समय सूती कपड़े से चेहरा और सिर ढंककर रखें तथा पानी साथ में जरूर रखें। पहनने के लिए सूती कपड़ों का अधिक उपयोग करें। अगर लू के लक्षण जैसे मिचली आने, गला सूखने तथा बुखार का प्रकोप होने जैसा लगे तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करके उचित उपचार कराएं। ठंडे वातावरण से गरम या गरम वातावरण से ठंडे में अचानक न जाएं।
कोट
मौसमी बीमारी से पीड़ितों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। इन बीमारियों से पीड़ितों में ज्यादतर की हालत सामान्य रहती है, उनको दवा देकर बचाव के प्रति सजग रहने का सुझाव दिया जाता है।
-डॉ. एएम भास्कर, सीएमएस
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महराजगंज। मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। बुखार, बदन दर्द, उल्टी-दस्त के करीब 60 से अधिक मरीज प्रत्येक दिन जिला अस्पताल आ रहे हैं। बीते 15 दिनों में मौसमी बीमारियों की चपेट में आने वाले रोगियों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। ड्यू्टी पर तैनात चिकित्सक के अनुसार, ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित मिले। सभी मरीजों की जांच कर दवा दे दी गई।
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जिला अस्पताल ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी मरीज बढ़ रहे हैं। हालत यह है कि पारा 39 से 42 के बीच बना हुआ है। जिला अस्पताल में ओपीडी का आंकड़ा प्रतिदिन 700 के पार हो गया है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए चिकित्सक, लोगों को बचाव के लिए सुझाव दे रहे हैं।
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ऐसे करें बचाव
डॉक्टरों के अनुसार लू से बचाव के लिए देसी घरेलू उपाय आम का पना, नीबू का पानी एवं प्याज के रस का उपयोग करें। बाहर निकलते समय सूती कपड़े से चेहरा और सिर ढंककर रखें तथा पानी साथ में जरूर रखें। पहनने के लिए सूती कपड़ों का अधिक उपयोग करें। अगर लू के लक्षण जैसे मिचली आने, गला सूखने तथा बुखार का प्रकोप होने जैसा लगे तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करके उचित उपचार कराएं। ठंडे वातावरण से गरम या गरम वातावरण से ठंडे में अचानक न जाएं।
कोट
मौसमी बीमारी से पीड़ितों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। इन बीमारियों से पीड़ितों में ज्यादतर की हालत सामान्य रहती है, उनको दवा देकर बचाव के प्रति सजग रहने का सुझाव दिया जाता है।
-डॉ. एएम भास्कर, सीएमएस