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Maharajganj News: शहर में जहां चाहा वहीं बना दिए स्कूल-अस्पताल

Sat, 17 Feb 2024 02:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sat, 17 Feb 2024 02:16 AM IST
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Schools and hospitals were built wherever desired in the city.
गांधी नगर स्थित पैथोलाजी सेंटर के बाहर सड़क पर खड़े वाहन।
महराजगंज। गुजरे वक्त की अपेक्षा महराजगंज शहर की वर्तमान तस्वीर बदल रही है। शहर में बहुत सारे अस्पताल और नर्सिंग होम गली-मुहल्लों में संचालित हो रहे हैं। अस्पतालों के सामने गाड़ियां खड़ी हो जाती हैं। हर रोज लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी सड़क पर गाड़ी खड़ी होने पर हटने में आधे घंटे गुजर जाते हैं, अगर ऐसे अस्पतालों का निर्धारित स्थान हो जाय तो शहर के गली-मोहल्लों में जाम नहीं लगेगा। बस इसके लिए सभी को सोच बदलनी होगी, फिर हर किसी को आराम होगा।
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शहर में फरेंदा रोड पर जगह जगह अस्पताल संचालित हो रहे हैं, यहां आने वाले मरीजों के साथ तीमारदार वाहन सड़क के किनारे खड़ा कर चले जाते हैं, इस वजह से अक्सर समस्या होती है। छत्रपति साहू जी महराज नगर के राकेश कहते हैं कि सर्विस लेन से आने जाने में पर समस्या होती है। अस्पताल के अलावा बड़े रेस्टोरेंट, शोरूम भी हैं, इसे वजह से आने में दिक्क्त होती है।बीते दिन कार से आने के दौरान बाइक सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ी थी, बाइक लाक होने के कारण हटने में आधा घंटा गुजर गया। इसे लेकर अक्सर नोक झोक भी होती है। यह तो सिर्फ एक मार्ग की तस्वीर है, ऐसे हालात शहर के अंदर भी हैं। जिला उद्योग केंद्र से होकर जाने के दौरान वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ रहने से समस्या होती है। शास्त्री नगर के राम प्रकाश तिवारी कहते हैं कि समस्या के समाधान के लिए सुनियोजित विकास होने की जरूरत है। महायोजना के अनुसार विकास होते तो बेहतर रहता।
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ग्रीन बेल्ट में बन चुके हैं मकान
शहर में बलिया नाले का दोनों किनारे ग्रीन बेल्ट है। किनारे-किनारे मकान बन चुके हैं। पुल से शुरू होकर आगे तक मकान बना है। किनारों पर कुछ पुराने पेड़ लगे हैं। कहीं झाड़ियां नाले की खूबसूरती बढ़ा रहे हैं। दूसरी तरफ तो नाले के किनारे तक घर बन चुके हैं। इस क्षेत्र के रहने वाले लोगों को पता ही नहीं है कि ग्रीन बेल्ट के दायरे में यह क्षेत्र आता है। कोतवाली से बांसपार जाने वाले रोड पर आगे बढ़ने पर महज 200 मीटर की दूरी पर एक पोखरी है। इस को नक्शे में ग्रीन बेल्ट घोषित किया गया है, लेकिन मौके पर चारों तरफ से घर बन चुके हैं। वर्तमान तस्वीर देखकर पता ही नहीं चलता है कि यह ग्रीन बेल्ट है। यह सभी पुराने महायोजना में दर्शाया गया है।
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