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शिवपुर रेंज में बढ़ रही टाइगर की धमक

Tue, 11 Jan 2022 10:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jan 2022 10:36 PM IST
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saw foot mark of tiger in shivpur range
शिवपुर रेंज में बढ़ रही टाइगर की धमक
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- सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के शिवपुर रेंज में भ्रमण पर पहुंचे वन विभाग के जिम्मेदारों को मिला टाइगर का पद चिह्न
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के शिवपुर रेंज में टाइगर की धमक एक बार फिर बढ़ रही है। यह दावा है वन विभाग का। भ्रमण पर गए वन विभाग के जिम्मेदारों को शिवपुर रेंज में चीता (टाइगर) का पदचिह्न मिला है। जिसे देखने के बाद जिम्मेदार यह मान रहे हैं कि हाल के दिन में टाइगर की यहां मौजूदगी रही है।
सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग का शिवपुर रेंज जिला मुख्यालय से दूर है। यहां के जंगलों की देखरेख के लिए तो स्थानीय स्तर पर वन विभाग के रेंजर व कर्मी मौजूद हैं, मगर भ्रमण व निरीक्षण के उद्देश्य से उप प्रभाग व प्रभाग स्तर के जिम्मेदार भी कभी-कभी वहां पहुंचते हैं। कुछ दिन शिवपुर रेंज में भ्रमण पर पहुंचे उप प्रभागीय वनाधिकारी व अन्य वनकर्मियों को भ्रमण के दौरान जंगल क्षेत्र में खाली स्थान पर जानवरों के पदचिह्न मिले। विभागीय जिम्मेदारों ने उसका मिलान कराया तो वह पदचिह्न चीता (टाइगर) का मिला। लंबे समय बाद यह सुनने में आया है कि कि जंगल में अब टाइगर की भी धमक बढ़ रही है। जिम्मेदार यह भी मान रहे हैं कि शिवपुुर रेंज वाल्मीकी नगर टाइगर रिजर्व से सटा है, ऐसे में वहां के भी टाइगर यहां आ गए होंगे। फिलहाल जंगल क्षेत्र में टाइगर की धमक से वन विभाग काफी उत्साहित है। उप प्रभागीय वनाधिकारी राकेश चंद यादव ने बताया कि शिवपुर रेंज में भ्रमण के दौरान टाइगर के पदचिह्न मिले हैं। टाइगर का वन क्षेत्र में आना सुखद संकेत है।
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अभी तक तेंदुए के जंगल में होने की हुई थी पुष्टि
पिछले वर्ष तेंदुए के साथ हुुई दो घटना ने यह पुष्ट किया था कि यहां पर तेंदुए का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन यह पहली बार है, जब चीता के भी जंगल में होने की पुष्टि हुई है।
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पदचिह्न में यह होता है अंतर
चीता- चीता जहां पर भी अपना पंजा रखता है उसमें धारिया होती हैं। साथ ही उसके हाथों के निशान के बाद उसमेें काले धब्बे बन जाते हैं।
तेंदुआ- तेंदुए जहां पंजा रखता है, वहां काले धब्बे के साथ हल्का पीलापन भी मिलता है।
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