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Maharajganj News: लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव के लिए जागरूक हुई ग्रामीण आबादी
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तिलकवनिया के टोला पौहरिया में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया जन जागरण
महराजगंज। बृहस्पतिवार को एसीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घुघली क्षेत्र के कुशीनगर सीमा से सटे तिलकवनिया गांव के टोला पौहरिया में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया। टीम ने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी के लक्षण, कारण और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंची और लोगों को समझाया कि लेप्टोस्पायरोसिस एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, यह लेप्टोस्पायरा नामक बैक्टीरिया से फैलता है। यह संक्रमण आमतौर पर संक्रमित पशुओं—विशेषकर चूहों, कुत्तों और पशुधन—के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने पर फैलता है। एसीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि खेतों में काम करने वाले किसान, गंदे पानी में आने-जाने वाले लोग और बच्चे इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमित होने पर व्यक्ति को अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, उलझन और आंखें लाल होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। टीम ने बच्चों से अपील की कि वे इन जानकारियों को अपने परिवार और पड़ोस में भी साझा करें ताकि गांव में अधिक से अधिक लोग इस बीमारी से बचाव कर सकें। अपर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य विभाग लगातार गांवों का भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रहा है।
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महराजगंज। बृहस्पतिवार को एसीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घुघली क्षेत्र के कुशीनगर सीमा से सटे तिलकवनिया गांव के टोला पौहरिया में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया। टीम ने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी के लक्षण, कारण और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंची और लोगों को समझाया कि लेप्टोस्पायरोसिस एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, यह लेप्टोस्पायरा नामक बैक्टीरिया से फैलता है। यह संक्रमण आमतौर पर संक्रमित पशुओं—विशेषकर चूहों, कुत्तों और पशुधन—के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने पर फैलता है। एसीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि खेतों में काम करने वाले किसान, गंदे पानी में आने-जाने वाले लोग और बच्चे इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमित होने पर व्यक्ति को अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, उलझन और आंखें लाल होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। टीम ने बच्चों से अपील की कि वे इन जानकारियों को अपने परिवार और पड़ोस में भी साझा करें ताकि गांव में अधिक से अधिक लोग इस बीमारी से बचाव कर सकें। अपर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य विभाग लगातार गांवों का भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रहा है।
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