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Maharajganj News: रोडवेज के पास 74 बसें, कुशीनगर के लिए सीधी बस सेवा नहीं
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कुशीनगर जाने के लिए चार से पांच जगह बदलनी पड़ती है सवारीसंवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले के रोडवेज डिपो में 74 बसें शामिल हैं लेकिन महराजगंज से कुशीनगर के लिए सीधी बस सेवा नहीं है। इससे बौद्ध नगरी कुशीनगर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पडरौना डिपो से एक बस सेवा महराजगंज आती है लेकिन नियमित सेवा नहीं होने के कारण यात्रियों को दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
महराजगंज से कुशीनगर की दूरी करीब 70 किलोमीटर है। सीधी बस सेवा नहीं होने के कारण यात्रियों को शिकारपुर, घुघली, इंद्रपुर, कप्तानगंज और रामकोला सहित कई स्थानों पर सवारी बदलनी पड़ती है। कई यात्रियों को घर से कुशीनगर पहुंचने तक चार से पांच बार वाहन बदलना पड़ता है। इससे सफर लंबा होने के साथ ही यात्रियों का किराया भी बढ़ जाता है। यात्रियों के अनुसार कुशीनगर आने-जाने में प्रतिदिन 150 रुपये से अधिक खर्च हो जाते हैं।
यात्री कल्पनाथ ने बताया कि महराजगंज से कुशीनगर के लिए सीधी रोडवेज सेवा शुरू हो जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। अभी समय से पहुंचना मुश्किल होता है। घर से निकलने के बाद इंद्रपुर, कप्तानगंज और रामकोला में सवारी बदलनी पड़ती है। कई बार वाहन नहीं मिलने पर काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ता है।
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वहीं जितेंद्र पाण्डेय ने बताया कि कुशीनगर जाने वाले यात्रियों की संख्या कम नहीं है। जिले से बड़ी संख्या में लोग पर्यटन, रोजगार, कारोबार और अन्य कार्यों से कुशीनगर जाते हैं। इसके अलावा बौद्ध पर्यटन के लिहाज से भी कुशीनगर महत्वपूर्ण है।
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महराजगंज। जिले के रोडवेज डिपो में 74 बसें शामिल हैं लेकिन महराजगंज से कुशीनगर के लिए सीधी बस सेवा नहीं है। इससे बौद्ध नगरी कुशीनगर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पडरौना डिपो से एक बस सेवा महराजगंज आती है लेकिन नियमित सेवा नहीं होने के कारण यात्रियों को दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
महराजगंज से कुशीनगर की दूरी करीब 70 किलोमीटर है। सीधी बस सेवा नहीं होने के कारण यात्रियों को शिकारपुर, घुघली, इंद्रपुर, कप्तानगंज और रामकोला सहित कई स्थानों पर सवारी बदलनी पड़ती है। कई यात्रियों को घर से कुशीनगर पहुंचने तक चार से पांच बार वाहन बदलना पड़ता है। इससे सफर लंबा होने के साथ ही यात्रियों का किराया भी बढ़ जाता है। यात्रियों के अनुसार कुशीनगर आने-जाने में प्रतिदिन 150 रुपये से अधिक खर्च हो जाते हैं।
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यात्री कल्पनाथ ने बताया कि महराजगंज से कुशीनगर के लिए सीधी रोडवेज सेवा शुरू हो जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। अभी समय से पहुंचना मुश्किल होता है। घर से निकलने के बाद इंद्रपुर, कप्तानगंज और रामकोला में सवारी बदलनी पड़ती है। कई बार वाहन नहीं मिलने पर काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ता है।
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वहीं जितेंद्र पाण्डेय ने बताया कि कुशीनगर जाने वाले यात्रियों की संख्या कम नहीं है। जिले से बड़ी संख्या में लोग पर्यटन, रोजगार, कारोबार और अन्य कार्यों से कुशीनगर जाते हैं। इसके अलावा बौद्ध पर्यटन के लिहाज से भी कुशीनगर महत्वपूर्ण है।