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Maharajganj News: ज्यादा मोबाइल देखने से ब्रेन ट्यूमर का खतरा
Mon, 10 Jun 2024 03:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 10 Jun 2024 03:48 AM IST
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महाराजगंज। घंटों फोन पर बातें करना, सोते समय भी मोबाइल को कान के पास रखना और कई घंटे तक वेब सीरीज देखने की आदत ब्रेन ट्यूमर को दावत दे रही है। यह बीमारी जिले में दस्तक दे चुकी है। पिछले दिनों केएमसी मेडिकल काॅलेज में इससे पीड़ित करीब चार मरीज पहुंचे हैं। इसका खुलासा सीटी स्कैन में हुआ है।
केएमसी मेडिकल काॅलेज के न्यूरो सर्जन डॉ. अजय कुमार गहलौत ने बताया कि सीटी स्कैन कराने के बाद इसकी जानकारी हुई है। मरीजों से पूछताछ में पता चला की मोबाइल पर ज्यादा वक्त गुजारते थे। दिमाग की कोशिकाएं जब अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं तो ब्रेन ट्यूमर हो जाता है। इसके साथ ही लिवर, किडनी, आंतों, फेंफड़े सहित अन्य अंगों में भी ट्यूमर की कोशिकाएं खून के रास्ते दिमांग में पहुंच जाती हैं तो भी ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा रहता है।
उन्होंने बताया कि यह ट्यूमर दो तरह का होता है। एक धीरे-धीरे बढ़ता है, जिसके लक्षण 10 साल बाद भी सामने आ सकते हैं। दूसरा ट्यूमर तेजी से बढ़ता है।इ सके लक्षण छह माह बाद ही दिखाई देने लगते हैं। ब्रेन ट्यूमर में दिमाग की कार्य प्रणाली प्रभावित हो जाती है। दूसरे अंगों से पहुंचने वाला ट्यूमर अधिक खतरनाक होता है। लक्षण सामने आने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
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इस तरह से करें बचाव
-ज्यादा जागने की आदत बदलें
-विटामिन एवं पौष्टिकता से भरपूर भोजन लें
-पानी का अधिक सेवन करें
-मोबाइल का जरूरत के हिसाब से प्रयोग करें
-डिब्बा बंद एवं जंक फूड के सेवन से परहेज करें
ये हैं कारण
-मोबाइल का अधिक प्रयोग
-जंक फूड का अधिक सेवन
-अनियंत्रित खानपान
-धूम्रपान
-शराब का सेवन
-अनियंत्रित दिनचर्या
-तनावपूर्ण जीवनशैली
-प्रदूषण का चढ़ना
-आनुवांशिक
यह हैं लक्षण
-सुबह उठते ही तेज सिरदर्द
-अचानक से बेहोशी आना
-आंखों से धुंधला दिखाई देना।
-बोलने में परेशानी होना
-अधिक थकान होना
-यादाश्त कमजोर होना
-चलते-चलते अचानक लडखड़ाना
-शरीर में अचानक किसी भी तरह की संवेदना महसूस न होना
-मांसपेशियों में ऐंठन महसूस होना
-व्यवहार में बदलाव
-उल्टी आना
ब्रेन ट्यूमर के प्रमुख कारणों में तनावपूर्ण जीवनशैली, प्रदूषण का बढ़ना, खानपान, मोबाइल फोन का आवश्यकता से अधिक प्रयोग आदि हो सकते हैं। सीटी स्कैन कराने के बाद तीन से चार मरीज बीमारी से पीड़ित मिले हैं।
-डॉ. पीपी गुप्ता, प्राचार्य, केएमसी मेडिकल काॅलेज
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केएमसी मेडिकल काॅलेज के न्यूरो सर्जन डॉ. अजय कुमार गहलौत ने बताया कि सीटी स्कैन कराने के बाद इसकी जानकारी हुई है। मरीजों से पूछताछ में पता चला की मोबाइल पर ज्यादा वक्त गुजारते थे। दिमाग की कोशिकाएं जब अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं तो ब्रेन ट्यूमर हो जाता है। इसके साथ ही लिवर, किडनी, आंतों, फेंफड़े सहित अन्य अंगों में भी ट्यूमर की कोशिकाएं खून के रास्ते दिमांग में पहुंच जाती हैं तो भी ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा रहता है।
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उन्होंने बताया कि यह ट्यूमर दो तरह का होता है। एक धीरे-धीरे बढ़ता है, जिसके लक्षण 10 साल बाद भी सामने आ सकते हैं। दूसरा ट्यूमर तेजी से बढ़ता है।इ सके लक्षण छह माह बाद ही दिखाई देने लगते हैं। ब्रेन ट्यूमर में दिमाग की कार्य प्रणाली प्रभावित हो जाती है। दूसरे अंगों से पहुंचने वाला ट्यूमर अधिक खतरनाक होता है। लक्षण सामने आने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
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इस तरह से करें बचाव
-ज्यादा जागने की आदत बदलें
-विटामिन एवं पौष्टिकता से भरपूर भोजन लें
-पानी का अधिक सेवन करें
-मोबाइल का जरूरत के हिसाब से प्रयोग करें
-डिब्बा बंद एवं जंक फूड के सेवन से परहेज करें
ये हैं कारण
-मोबाइल का अधिक प्रयोग
-जंक फूड का अधिक सेवन
-अनियंत्रित खानपान
-धूम्रपान
-शराब का सेवन
-अनियंत्रित दिनचर्या
-तनावपूर्ण जीवनशैली
-प्रदूषण का चढ़ना
-आनुवांशिक
यह हैं लक्षण
-सुबह उठते ही तेज सिरदर्द
-अचानक से बेहोशी आना
-आंखों से धुंधला दिखाई देना।
-बोलने में परेशानी होना
-अधिक थकान होना
-यादाश्त कमजोर होना
-चलते-चलते अचानक लडखड़ाना
-शरीर में अचानक किसी भी तरह की संवेदना महसूस न होना
-मांसपेशियों में ऐंठन महसूस होना
-व्यवहार में बदलाव
-उल्टी आना
ब्रेन ट्यूमर के प्रमुख कारणों में तनावपूर्ण जीवनशैली, प्रदूषण का बढ़ना, खानपान, मोबाइल फोन का आवश्यकता से अधिक प्रयोग आदि हो सकते हैं। सीटी स्कैन कराने के बाद तीन से चार मरीज बीमारी से पीड़ित मिले हैं।
-डॉ. पीपी गुप्ता, प्राचार्य, केएमसी मेडिकल काॅलेज