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Maharajganj News: 150 लाख हेक्टेयर में होगी धान की रोपाई, नर्सरी की तैयारी तेज
Thu, 22 May 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 22 May 2025 12:52 AM IST
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महराजगंज। नक्षत्रों को ध्यान में रखकर किसान बेहन (नर्सरी) डालने की तैयारी में जुट गए हैं। 25 मई के बाद सूर्य रोहिणी नक्षत्र में पहुंच रहा। इस दौरान धान की नर्सरी डालने में जिले के किसान अपनी तैयारी बना रहे हैं।
पिछले तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से मिट्टी में नमी आ गई है, जिससे किसान खेतों की जोताई कराने में जुटे हैं। कृषि विभाग के मुताबिक इस बार 1.50 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई होनी है।
खेती-किसानी भी अब आधुनिक तरीकों से हो रही है, लेकिन उम्रदराज किसान बताते हैं कि पहले जब मौसम विभाग इतनी सटीक जानकारी नहीं देता था तबसे जनपद के किसान धान की नर्सरी इसी नक्षत्र में डालते हैं, जिससे फसल रोग रहित व जल्दी तैयार होती है ऐसा माना जाता है।
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ज्योतिष के जानकार पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि 25 मई दोपहर 1:50 बजे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसे कृषि कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामअशीष ने बताया कि किसान बीज खरीदकर सुरक्षित रख रहे हैं।
खेतों की जुताई, सफाई और जल व्यवस्था में तेजी ला रहे हैं, जिससे नर्सरी समय पर तैयार हो सके। हालांकि, इस बार भीषण गर्मी के बीच बढ़ते तापमान ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। गांव में नहरों की भरपूर उपलब्धता से सिंचाई में बहुत परेशानी नहीं होती।
मौसम विभाग ने भी उनका विश्वास बढ़ाया है कि समय पर मानसून की सक्रियता से धान की अच्छी पैदावार हो सकती है। चूंकि धान पूरी तरह पानी पर आधारित फसल है और इसमें गेहूं के मुकाबले अधिक मेहनत व सावधानी की जरूरत रहती है, जिसकी तैयारी ग्रामीण क्षेत्रों में जोरशोर से शुरू है।
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पिछले तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से मिट्टी में नमी आ गई है, जिससे किसान खेतों की जोताई कराने में जुटे हैं। कृषि विभाग के मुताबिक इस बार 1.50 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई होनी है।
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खेती-किसानी भी अब आधुनिक तरीकों से हो रही है, लेकिन उम्रदराज किसान बताते हैं कि पहले जब मौसम विभाग इतनी सटीक जानकारी नहीं देता था तबसे जनपद के किसान धान की नर्सरी इसी नक्षत्र में डालते हैं, जिससे फसल रोग रहित व जल्दी तैयार होती है ऐसा माना जाता है।
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ज्योतिष के जानकार पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि 25 मई दोपहर 1:50 बजे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसे कृषि कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामअशीष ने बताया कि किसान बीज खरीदकर सुरक्षित रख रहे हैं।
खेतों की जुताई, सफाई और जल व्यवस्था में तेजी ला रहे हैं, जिससे नर्सरी समय पर तैयार हो सके। हालांकि, इस बार भीषण गर्मी के बीच बढ़ते तापमान ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। गांव में नहरों की भरपूर उपलब्धता से सिंचाई में बहुत परेशानी नहीं होती।
मौसम विभाग ने भी उनका विश्वास बढ़ाया है कि समय पर मानसून की सक्रियता से धान की अच्छी पैदावार हो सकती है। चूंकि धान पूरी तरह पानी पर आधारित फसल है और इसमें गेहूं के मुकाबले अधिक मेहनत व सावधानी की जरूरत रहती है, जिसकी तैयारी ग्रामीण क्षेत्रों में जोरशोर से शुरू है।