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Maharajganj News: एक नंबर बिल पर गोदाम में एकत्र हो रहा चावल, पलक झपकते सरहद पार
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भारत नेपाल सीमा के पिलर संख्या 522/07 के पास से पगडंडी से तस्करी का सामान बरामद ।स्रोत सोशल मीड
-कोटा समाप्त के बाद धान का निर्यात भी बंद,
-खनुआ और लक्ष्मीपुर बॉर्डर से 20 से 25 पिकअप चावल सरहद पार हो रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बढ़ती सख्ती की वजह से सीमावर्ती क्षेत्रों में गोदाम में चावल एक नंबर बिल पर डंप किया जा रहा है। मौका देखते ही सरहद पार कर इससे मोटा मुनाफा तस्कर कमा रहे हैं। इसको पगडंडी से साइकिल के जरिये सरहद पार कर दिया जाता है। प्रत्येक दिन करीब 50 लाख से ऊपर का धंधा हो रहा है।
सूत्रों की मानें तो सीमावर्ती इलाकों में पिकअप व साइकिल से चावल सरहद पार हो रहा है। प्रत्येक दिन सोनौली के खनुआ और लक्ष्मीपुर बॉर्डर से 20 से 25 पिकअप चावल सरहद पार हो रहा है। नेपाल में बीते वर्ष जुलाई से चावल निर्यात पर भारत सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद चावल की तस्करी बढ़ गई है। नेपाल में चावल के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में तस्करों ने भारी मुनाफा कमाने के लिए अवैध तरीके से चावल को नेपाल भेजना शुरू कर दिया है। जनपद से सटी नेपाल सीमा तो तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रही है।
ऐसा नहीं है कि सुरक्षा एजेंसियां कार्रवाई नहीं करती हैं। सीमावर्ती जिलों से बच्चों और महिलाओं को लालच देकर भी तस्करी कराई जा रही है। नेपाल के निकट भारतीय सीमा से लगे गांव में चावल रख दिया जाता है, फिर इसे थोड़ा-थोड़ा करके बच्चे और महिलाएं नेपाल ले जाते हैं। जब सुरक्षा एजेंसी के लोग इनको पकड़ते हैं, तो वे खाने का हवाला देकर निकल जाते हैं। कोटा समाप्त होने के बाद धान का निर्यात भी बंद है।
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सीमावर्ती गांव लक्ष्मीपुर, ठूठीबारी, निचलौल, परसा मलिक, बरगदवा, भगवानपुर, श्याम काट ,सोनौली दो नंबर गली, एसएसबी रोड, फरेनिया, हरदी डाली, खनुवा के रास्ते में चावल आसानी से पगडंडियों के रास्ते नेपाल पहुंचा दे रहे हैं।
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मिल मालिक अनिवार्य ई-वेबिल नहीं बनाते
नेपाल और भारत में नियम बदलते ही तस्करी शुरू हो जाती है। जनपद में चावल तस्कर बहुत सक्रिय हैं। वे बहुत ही गोपनीय तरीके से काम करते हैं। न बिल और न कोई कागजात, सब कुछ केवल मुंहजबानी किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो मिलों से असली बिल पर पिकअप से सिंगल मार्ग से चावल सीमावर्ती गांव पहुंच रहा है। ठिकाने पर पहुंचने के बाद बिल फाड़ दिया जाता है। मिल मालिक अनिवार्य ई-वेबिल नहीं बनाते। इसके बाद फिर उसी बिल पर दिन भर सीमावर्ती गांव में चावल को गोदाम में डंप कर साइकिल से नेपाल पहुंचा रहे हैं।
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नेपाल में चावल की मांग बढ़ने के कारण भारत में चावल का मूल्य बढ़ गया है। पहले मोटा चावल 18 से 20 रुपये किलो मिलता था, अब 30 से 35 रुपये किलो मिल रहा है। झुलनीपुर के अहमद ने बताया कि नेपाल से सटे होने के कारण सीमावर्ती बाजार में इसका बड़ा प्रभाव पड़ता है। नेपाल में कतरनी चावल 200 रुपये प्रति किलो पर मिल रहा है।
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25 रुपये प्रति किलो का चावल सरहद पार होते ही दोगुना
चावल तस्करी में अधिक मुनाफे में भारत में 25 रुपये वाला चावल नेपाल पहुंचते ही 62 रुपये किलो हो जाता है। पांच किलोमीटर की दूरी में दो गुना से अधिक लाभ के कारण तस्करी में तेजी आई है।
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मैजिक पर लदा 30 बोरी चीनी के साथ एक गिरफ्तार
नौतनवा। तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त कर रही थी। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर थाना क्षेत्र के डंडा नदी पुल के पास मैजिक पर लदा 30 बोरी चीनी के साथ आरोपी को कस्टम को सौंप दिया गया। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 30 बोरी चीनी बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मुकेश पासवान निवासी हरदीडाली थाना सोनौली बताया। संवाद
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पगडंडी से तस्करी का सामान बरामद
खनुआ। सशस्त्र सीमा बल 66 वीं वाहिनी के बीओपी खनुआ के जवानों ने पिलर संख्या 522/07 के पास से चीनी, जूते, प्याज सहित एक आरोपी को पकड़कर कस्टम को सौंप दिया है। इंस्पेक्टर खुशी लाल राय ने बताया कि पिलर संख्या 522/07 के पास कुछ लोग साइकिल और बाइक पर बोरा और बैग लेकर नेपाल जाने के फिराक में थे। जवानों को देखते ही सामान छोड़कर भागने लगा। जवानों ने दौड़ाया तो पकड़ा गया। पूछताछ में अपना नाम सुरेंद्र निवासी शेख फरेंदा थाना सोनौली बताया। सामानों की तलाशी ली गई तो 2 बोरी चीनी, 36 पुरुष जूते, 2 बैग लेदर जूते, 3 बोरी प्याज, एक साइकिल, एक बाइक बरामद मिला। संवाद
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-खनुआ और लक्ष्मीपुर बॉर्डर से 20 से 25 पिकअप चावल सरहद पार हो रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बढ़ती सख्ती की वजह से सीमावर्ती क्षेत्रों में गोदाम में चावल एक नंबर बिल पर डंप किया जा रहा है। मौका देखते ही सरहद पार कर इससे मोटा मुनाफा तस्कर कमा रहे हैं। इसको पगडंडी से साइकिल के जरिये सरहद पार कर दिया जाता है। प्रत्येक दिन करीब 50 लाख से ऊपर का धंधा हो रहा है।
सूत्रों की मानें तो सीमावर्ती इलाकों में पिकअप व साइकिल से चावल सरहद पार हो रहा है। प्रत्येक दिन सोनौली के खनुआ और लक्ष्मीपुर बॉर्डर से 20 से 25 पिकअप चावल सरहद पार हो रहा है। नेपाल में बीते वर्ष जुलाई से चावल निर्यात पर भारत सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद चावल की तस्करी बढ़ गई है। नेपाल में चावल के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में तस्करों ने भारी मुनाफा कमाने के लिए अवैध तरीके से चावल को नेपाल भेजना शुरू कर दिया है। जनपद से सटी नेपाल सीमा तो तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रही है।
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ऐसा नहीं है कि सुरक्षा एजेंसियां कार्रवाई नहीं करती हैं। सीमावर्ती जिलों से बच्चों और महिलाओं को लालच देकर भी तस्करी कराई जा रही है। नेपाल के निकट भारतीय सीमा से लगे गांव में चावल रख दिया जाता है, फिर इसे थोड़ा-थोड़ा करके बच्चे और महिलाएं नेपाल ले जाते हैं। जब सुरक्षा एजेंसी के लोग इनको पकड़ते हैं, तो वे खाने का हवाला देकर निकल जाते हैं। कोटा समाप्त होने के बाद धान का निर्यात भी बंद है।
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सीमावर्ती गांव लक्ष्मीपुर, ठूठीबारी, निचलौल, परसा मलिक, बरगदवा, भगवानपुर, श्याम काट ,सोनौली दो नंबर गली, एसएसबी रोड, फरेनिया, हरदी डाली, खनुवा के रास्ते में चावल आसानी से पगडंडियों के रास्ते नेपाल पहुंचा दे रहे हैं।
मिल मालिक अनिवार्य ई-वेबिल नहीं बनाते
नेपाल और भारत में नियम बदलते ही तस्करी शुरू हो जाती है। जनपद में चावल तस्कर बहुत सक्रिय हैं। वे बहुत ही गोपनीय तरीके से काम करते हैं। न बिल और न कोई कागजात, सब कुछ केवल मुंहजबानी किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो मिलों से असली बिल पर पिकअप से सिंगल मार्ग से चावल सीमावर्ती गांव पहुंच रहा है। ठिकाने पर पहुंचने के बाद बिल फाड़ दिया जाता है। मिल मालिक अनिवार्य ई-वेबिल नहीं बनाते। इसके बाद फिर उसी बिल पर दिन भर सीमावर्ती गांव में चावल को गोदाम में डंप कर साइकिल से नेपाल पहुंचा रहे हैं।
नेपाल में चावल की मांग बढ़ने के कारण भारत में चावल का मूल्य बढ़ गया है। पहले मोटा चावल 18 से 20 रुपये किलो मिलता था, अब 30 से 35 रुपये किलो मिल रहा है। झुलनीपुर के अहमद ने बताया कि नेपाल से सटे होने के कारण सीमावर्ती बाजार में इसका बड़ा प्रभाव पड़ता है। नेपाल में कतरनी चावल 200 रुपये प्रति किलो पर मिल रहा है।
25 रुपये प्रति किलो का चावल सरहद पार होते ही दोगुना
चावल तस्करी में अधिक मुनाफे में भारत में 25 रुपये वाला चावल नेपाल पहुंचते ही 62 रुपये किलो हो जाता है। पांच किलोमीटर की दूरी में दो गुना से अधिक लाभ के कारण तस्करी में तेजी आई है।
मैजिक पर लदा 30 बोरी चीनी के साथ एक गिरफ्तार
नौतनवा। तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त कर रही थी। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर थाना क्षेत्र के डंडा नदी पुल के पास मैजिक पर लदा 30 बोरी चीनी के साथ आरोपी को कस्टम को सौंप दिया गया। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 30 बोरी चीनी बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मुकेश पासवान निवासी हरदीडाली थाना सोनौली बताया। संवाद
पगडंडी से तस्करी का सामान बरामद
खनुआ। सशस्त्र सीमा बल 66 वीं वाहिनी के बीओपी खनुआ के जवानों ने पिलर संख्या 522/07 के पास से चीनी, जूते, प्याज सहित एक आरोपी को पकड़कर कस्टम को सौंप दिया है। इंस्पेक्टर खुशी लाल राय ने बताया कि पिलर संख्या 522/07 के पास कुछ लोग साइकिल और बाइक पर बोरा और बैग लेकर नेपाल जाने के फिराक में थे। जवानों को देखते ही सामान छोड़कर भागने लगा। जवानों ने दौड़ाया तो पकड़ा गया। पूछताछ में अपना नाम सुरेंद्र निवासी शेख फरेंदा थाना सोनौली बताया। सामानों की तलाशी ली गई तो 2 बोरी चीनी, 36 पुरुष जूते, 2 बैग लेदर जूते, 3 बोरी प्याज, एक साइकिल, एक बाइक बरामद मिला। संवाद