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Maharajganj News: नेपाल जाने वालों के लिए राहत, एक ही जगह बनेंगे भंसार और परमिट
Mon, 04 Mar 2024 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 04 Mar 2024 12:58 AM IST
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महराजगंज। नेपाल ने भारतीय वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। निजी व पर्यटक वाहन चालकों को भंसार शुल्क जमा करने के बाद परमिट कराने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। अब बेलहिया में भंसार कार्यालय के पास ही परमिट बनाने की व्यवस्था कर दी गई है। रविवार को मुख्य जिला अधिकारी गणेश आर्यल रूपनदेही ने इसका शुभारंभ किया।
भारत से नेपाल रोजाना करीब 10,000 पर्यटक जाते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के अंतर्गत दोनों देशों के नागरिक कई वर्षों से अपने सगे संबंधियों के यहां जाते रहे हैं। भारतीय पर्यटक वाहन बस और कार चालकों को बुटवल, लुंबिनी से आगे पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए भंसार कराने के बाद यातायात रूट परमिट के लिए सीमा से चार किमी दूर भैरहवा जाना पड़ता था। नेपाल उद्योग संघ एवं होटल एसोसिएशन की मांग पर नेपाल जिला प्रशासन ने भारतीय पर्यटक वाहनों के बनने वाले यातायात सड़क परमिट की व्यवस्था भैरहवा भंसार कार्यालय में ही कर दी है। परिवहन प्रबंधन सेवा कार्यालय के प्रमुख ईश्वरी आर्यल ने कहा कि भंसार कार्यालय से यातायात सेवा को संयुक्त कर दिया गया है।
रविवार को इसका शुभारंभ करते हुए मुख्य जिला अधिकारी ने भारतीय पर्यटक ध्रुव सिंह को काठमांडो जाने के दौरान चार दिन के लिए भंसार और परमिट एक साथ कराकर उन्हें रवाना किया।
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कार का 500 और बसों के लिए है 700 का शुल्क
नेपाल में सीमावर्ती जिलों को छोड़कर अन्य पर्यटक स्थलों तक जाने वाले भारतीय पर्यटक वाहनो के लिए रोड टैक्स चुकाना पड़ता है। इसमें कार के लिए रोजाना 500 तो बस के लिए 700 के हिसाब से यातायात विभाग शुल्क लगता है। इसके लिए पहले भारतीय पर्यटकों को भंसार बनवाने के बाद सरहद से चार किमी दूर भैरहवा में परमिट बनवाना होता था। यह मुश्किल भरा काम था। बिना परमिट के नेपाल जाने वाले वाहनों से 1500 प्रतिदिन के हिसाब से नेपाल ट्रैफिक पुलिस जुर्माना वसूला करती थी। होटल व्यवसायी श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि अब भारतीय पर्यटक वाहनों को सहूलियत होगी। संवाद
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भारत से नेपाल रोजाना करीब 10,000 पर्यटक जाते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के अंतर्गत दोनों देशों के नागरिक कई वर्षों से अपने सगे संबंधियों के यहां जाते रहे हैं। भारतीय पर्यटक वाहन बस और कार चालकों को बुटवल, लुंबिनी से आगे पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए भंसार कराने के बाद यातायात रूट परमिट के लिए सीमा से चार किमी दूर भैरहवा जाना पड़ता था। नेपाल उद्योग संघ एवं होटल एसोसिएशन की मांग पर नेपाल जिला प्रशासन ने भारतीय पर्यटक वाहनों के बनने वाले यातायात सड़क परमिट की व्यवस्था भैरहवा भंसार कार्यालय में ही कर दी है। परिवहन प्रबंधन सेवा कार्यालय के प्रमुख ईश्वरी आर्यल ने कहा कि भंसार कार्यालय से यातायात सेवा को संयुक्त कर दिया गया है।
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रविवार को इसका शुभारंभ करते हुए मुख्य जिला अधिकारी ने भारतीय पर्यटक ध्रुव सिंह को काठमांडो जाने के दौरान चार दिन के लिए भंसार और परमिट एक साथ कराकर उन्हें रवाना किया।
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कार का 500 और बसों के लिए है 700 का शुल्क
नेपाल में सीमावर्ती जिलों को छोड़कर अन्य पर्यटक स्थलों तक जाने वाले भारतीय पर्यटक वाहनो के लिए रोड टैक्स चुकाना पड़ता है। इसमें कार के लिए रोजाना 500 तो बस के लिए 700 के हिसाब से यातायात विभाग शुल्क लगता है। इसके लिए पहले भारतीय पर्यटकों को भंसार बनवाने के बाद सरहद से चार किमी दूर भैरहवा में परमिट बनवाना होता था। यह मुश्किल भरा काम था। बिना परमिट के नेपाल जाने वाले वाहनों से 1500 प्रतिदिन के हिसाब से नेपाल ट्रैफिक पुलिस जुर्माना वसूला करती थी। होटल व्यवसायी श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि अब भारतीय पर्यटक वाहनों को सहूलियत होगी। संवाद