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Maharajganj News: रीडिंग कॉर्नर से बदल रही तस्वीर, किताबों से दोस्ती कर रहे नौनिहाल
Sat, 01 Aug 2026 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:36 AM IST
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-प्रधानाध्यापिका की पहल बनी मिसाल, बच्चों में बढ़ी पढ़ने की रुचि
- प्राथमिक विद्यालय दमका टोला में कर रहीं सराहनीय प्रयास
परतावल। स्थानीय विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय दमका टोला में प्रधानाध्यापिका डॉ. अनामिका की पहल से बच्चों में पुस्तकों के प्रति नई रुचि विकसित हो रही है।
विद्यालय के कक्षों और विभिन्न कोनों को आकर्षक रीडिंग कॉर्नर के रूप में विकसित किया गया है। इन कोनों में कहानी, नैतिक शिक्षा और ज्ञानवर्धक पुस्तकों की भरमार है। इसका सकारात्मक असर यह है कि बच्चे अब नियमित रूप से किताबें पढ़ने के साथ उनका सार अपने साथियों को भी सुनाते हैं।
प्रधानाध्यापिका डॉ. अनामिका ने बताया कि विद्यालय के पुस्तकालय के लिए कुछ पुस्तकें शिक्षा विभाग से प्राप्त हुई हैं, जबकि कई पुस्तकें उन्होंने स्वयं खरीदकर उपलब्ध कराई हैं। बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए विद्यालय में अनुपयोगी पड़े टूटे कैरम बोर्ड का भी रचनात्मक उपयोग किया गया है। उस पर शिक्षण सामग्री तैयार कर सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया गया है।
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विद्यालय के पुस्तकालय में नीम की बेटी, नई रोशनी, मजेदार गांव, अंडे ही अंडे, वंशी की बहू समेत कुपोषण, पशु-पक्षियों, नैतिक शिक्षा और सामान्य ज्ञान से जुड़ी अनेक पुस्तकें रखी गई हैं। बच्चों को प्रतिदिन अलग-अलग पुस्तकें पढ़ने के लिए दी जाती हैं, जिससे उनमें पढ़ने की आदत विकसित हो रही है। शिक्षक बताते हैं कि अब कई बच्चे घर पर भी पुस्तकालय की चर्चा करते हैं और मोबाइल की अपेक्षा किताबों में अधिक समय बिताने लगे हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह ने भी इस पहल की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर विद्यालय का वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि दमका टोला विद्यालय में पूरे परिसर को पुस्तकालय का वातावरण देने का प्रयास अनुकरणीय है। यह पहल न केवल बच्चों में पठन-पाठन की आदत विकसित कर रही है बल्कि अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।
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- प्राथमिक विद्यालय दमका टोला में कर रहीं सराहनीय प्रयास
परतावल। स्थानीय विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय दमका टोला में प्रधानाध्यापिका डॉ. अनामिका की पहल से बच्चों में पुस्तकों के प्रति नई रुचि विकसित हो रही है।
विद्यालय के कक्षों और विभिन्न कोनों को आकर्षक रीडिंग कॉर्नर के रूप में विकसित किया गया है। इन कोनों में कहानी, नैतिक शिक्षा और ज्ञानवर्धक पुस्तकों की भरमार है। इसका सकारात्मक असर यह है कि बच्चे अब नियमित रूप से किताबें पढ़ने के साथ उनका सार अपने साथियों को भी सुनाते हैं।
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प्रधानाध्यापिका डॉ. अनामिका ने बताया कि विद्यालय के पुस्तकालय के लिए कुछ पुस्तकें शिक्षा विभाग से प्राप्त हुई हैं, जबकि कई पुस्तकें उन्होंने स्वयं खरीदकर उपलब्ध कराई हैं। बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए विद्यालय में अनुपयोगी पड़े टूटे कैरम बोर्ड का भी रचनात्मक उपयोग किया गया है। उस पर शिक्षण सामग्री तैयार कर सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया गया है।
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विद्यालय के पुस्तकालय में नीम की बेटी, नई रोशनी, मजेदार गांव, अंडे ही अंडे, वंशी की बहू समेत कुपोषण, पशु-पक्षियों, नैतिक शिक्षा और सामान्य ज्ञान से जुड़ी अनेक पुस्तकें रखी गई हैं। बच्चों को प्रतिदिन अलग-अलग पुस्तकें पढ़ने के लिए दी जाती हैं, जिससे उनमें पढ़ने की आदत विकसित हो रही है। शिक्षक बताते हैं कि अब कई बच्चे घर पर भी पुस्तकालय की चर्चा करते हैं और मोबाइल की अपेक्षा किताबों में अधिक समय बिताने लगे हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह ने भी इस पहल की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर विद्यालय का वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि दमका टोला विद्यालय में पूरे परिसर को पुस्तकालय का वातावरण देने का प्रयास अनुकरणीय है। यह पहल न केवल बच्चों में पठन-पाठन की आदत विकसित कर रही है बल्कि अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।