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Maharajganj News: पुतलियों के सत्यापन के बाद मिलेगा राशन
Sun, 03 Aug 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 03 Aug 2025 01:01 AM IST
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महराजगंज। अब अंगूठे का निशान न मिलने की स्थिति में राशन कार्डधारकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब राशन कार्डधारकों को आइरिस स्कैन मशीनों के माध्यम से आंखों का सत्यापन कर राशन वितरण किया जाएगा।
जिले के सभी 1024 उचित दर विक्रेताओं को आइरिस स्कैन मशीन उपलब्ध करा दी गई है। इन मशीनों के जरिए अब आंखों की पुतलियों से पहचान कर राशन वितरण किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, जिले में इस समय कुल 66,619 अंत्योदय व 4,45,388 पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं।
इसमें बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी हैं जिन्हें अक्सर ई-पॉस मशीन पर अंगूठे का निशान न मिलने के कारण सत्यापन में दिक्कत होती है, जिससे राशनकार्ड धारकों को राशन लेने में दिक्कत हो रही है।
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इस समस्या को देखते हुए शासन ने जिले के सभी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर आइरिस स्कैन मशीन उपलब्ध करा दी गई है। इसके लिए पूर्ति विभाग की ओर से जिले के संबंधित उचित दर विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि आइरिस स्कैन मशीनों से आंखों का सत्यापन कर सभी राशन कार्डधारकों को राशन का वितरण किया जाए।
विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था की शुरुआत बुजुर्गाें, श्रमिकों और मजदूरों की समस्याओं को ध्यान में रखकर किया गया है।
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जिले के सभी 1024 उचित दर विक्रेताओं को आइरिस स्कैन मशीन उपलब्ध करा दी गई है। इन मशीनों के जरिए अब आंखों की पुतलियों से पहचान कर राशन वितरण किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, जिले में इस समय कुल 66,619 अंत्योदय व 4,45,388 पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं।
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इसमें बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी हैं जिन्हें अक्सर ई-पॉस मशीन पर अंगूठे का निशान न मिलने के कारण सत्यापन में दिक्कत होती है, जिससे राशनकार्ड धारकों को राशन लेने में दिक्कत हो रही है।
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इस समस्या को देखते हुए शासन ने जिले के सभी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर आइरिस स्कैन मशीन उपलब्ध करा दी गई है। इसके लिए पूर्ति विभाग की ओर से जिले के संबंधित उचित दर विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि आइरिस स्कैन मशीनों से आंखों का सत्यापन कर सभी राशन कार्डधारकों को राशन का वितरण किया जाए।
विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था की शुरुआत बुजुर्गाें, श्रमिकों और मजदूरों की समस्याओं को ध्यान में रखकर किया गया है।