{"_id":"688a6d3298be6b34f20a2ed4","slug":"rail-route-survey-completed-in-three-villages-compensation-delayed-in-nine-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-155973-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेल मार्ग : तीन गांवों में सर्वे पूरा नौ में मुआवजा मिलने में देरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेल मार्ग : तीन गांवों में सर्वे पूरा नौ में मुआवजा मिलने में देरी
Thu, 31 Jul 2025 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 31 Jul 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। आनंदनगर-महराजगंज-घुघली रेल मार्ग पर जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। तीन गांव में जमीनों के अधिग्रहण के लिए सर्वे प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि नौ का अवार्ड तैयार होने के बाद भी मुआवजा वितरण नहीं हो सका है।
भूमि अध्याप्ति विभाग के मुताबिक, प्रभावित किसानों के अधिग्रहित की गई भूमि के गाटे में खातेदार का कितना हिस्सा पड़ रहा है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट संबंधित तहसीलों में लेखपाल के स्तर से लंबित है। प्रपत्रों में देरी के कारण ऐसा हो रहा है।
गोपलापुर, खजुरिया, गोविंदपुर और महदेवा में भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे पूरा हुआ है। प्रस्तावित घुघुली से महराजगंज वाया आनंदनगर तक जिले में चल रही नई रेल लाइन परियोजना के तहत कुल 52 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 39 गाटों के तहत कुल 216 किसान प्रभावित हैं।
विज्ञापन
भूमि अधिग्रहण के लिए अब तक लगभग 172.4682 हेक्टेयर क्षेत्रफल चिह्नित किया गया है। अब तक जिन 38 गांवों में अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, वहां के किसानों को मुआवजा देने के लिए 6,66,66,86,998 रुपये की अवार्ड धनराशि जारी हो चुकी है, लेकिन इसके सापेक्ष मात्र 3,62,60,111 रुपये ही वितरण हो पाया है।
3,07,40,90,802 रुपये की राशि अभी किसानों को नहीं दी जा सकी है। राजस्व निरीक्षक राकेश कुमार चंद्रा ने बताया कि प्रथम चरण में सदर तहसील के 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मुआवजा वितरण चल रहा है। भूमि अध्याप्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, नौ अन्य गांवों में अधिग्रहण के लिए अवार्ड (मुआवजा निर्धारण) बन चुका है, लेकिन वितरण की प्रक्रिया अधर में लटकी है। इसका कारण संबंधित तहसीलों के गांवों के लेखपालों की ओर से अधिग्रहित गाटों में खातेदारों के हिस्से की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है।
किसानों के खेतों के गाटों को चिह्नित किया जा चुका : भूमि अध्याप्ति विभाग के अनुसार, रुद्रापुर, रूधौली भावचक, सिसवा अमहवा, पकड़ी नौनिया, रम्हौली, कांध, पिपरा रसूलपुर, जंगल दुधई उर्फ चेहरी और रामनगर गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए प्रभावित किसानों के खेतों के गाटों को चिह्नित किया जा चुका है। इन गांवों के लिए विभाग ने किसानों को मुआवजा देने के लिए अवार्ड जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन
भूमि अध्याप्ति विभाग के मुताबिक, प्रभावित किसानों के अधिग्रहित की गई भूमि के गाटे में खातेदार का कितना हिस्सा पड़ रहा है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट संबंधित तहसीलों में लेखपाल के स्तर से लंबित है। प्रपत्रों में देरी के कारण ऐसा हो रहा है।
विज्ञापन
गोपलापुर, खजुरिया, गोविंदपुर और महदेवा में भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे पूरा हुआ है। प्रस्तावित घुघुली से महराजगंज वाया आनंदनगर तक जिले में चल रही नई रेल लाइन परियोजना के तहत कुल 52 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 39 गाटों के तहत कुल 216 किसान प्रभावित हैं।
विज्ञापन
भूमि अधिग्रहण के लिए अब तक लगभग 172.4682 हेक्टेयर क्षेत्रफल चिह्नित किया गया है। अब तक जिन 38 गांवों में अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, वहां के किसानों को मुआवजा देने के लिए 6,66,66,86,998 रुपये की अवार्ड धनराशि जारी हो चुकी है, लेकिन इसके सापेक्ष मात्र 3,62,60,111 रुपये ही वितरण हो पाया है।
3,07,40,90,802 रुपये की राशि अभी किसानों को नहीं दी जा सकी है। राजस्व निरीक्षक राकेश कुमार चंद्रा ने बताया कि प्रथम चरण में सदर तहसील के 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मुआवजा वितरण चल रहा है। भूमि अध्याप्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, नौ अन्य गांवों में अधिग्रहण के लिए अवार्ड (मुआवजा निर्धारण) बन चुका है, लेकिन वितरण की प्रक्रिया अधर में लटकी है। इसका कारण संबंधित तहसीलों के गांवों के लेखपालों की ओर से अधिग्रहित गाटों में खातेदारों के हिस्से की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है।
किसानों के खेतों के गाटों को चिह्नित किया जा चुका : भूमि अध्याप्ति विभाग के अनुसार, रुद्रापुर, रूधौली भावचक, सिसवा अमहवा, पकड़ी नौनिया, रम्हौली, कांध, पिपरा रसूलपुर, जंगल दुधई उर्फ चेहरी और रामनगर गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए प्रभावित किसानों के खेतों के गाटों को चिह्नित किया जा चुका है। इन गांवों के लिए विभाग ने किसानों को मुआवजा देने के लिए अवार्ड जारी कर दिया गया है।