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Maharajganj News: सात माह में 743 मोबाइल बरामद, 115 फोन मालिकों को सौंपे
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महराजगंज। जिले में गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पिछले सात महीने में पुलिस ने करीब दो करोड़ रुपये कीमत के कुल 743 मोबाइल बरामद किए हैं। मंगलवार को कानूनी औपचारिकताओं के बाद 115 फोन उसके मालिक को सौंप दिए गए।
मंगलवार को पुलिस ने सभी मोबाइल फोन आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस के प्रति आभार जताया।
एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया गुमशुदा मोबाइल फोन की खोज और बरामदगी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को सर्विलांस सेल और जिले के विभिन्न थानों की पुलिस ने समन्वित कार्रवाई की। सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की मदद से 115 मोबाइल फोन का पता लगाया गया। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब 28 लाख रुपये आंकी गई है।
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एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया पिछले सात महीनों में कुल 743 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब दो करोड़ छह लाख रुपये है। मोबाइल फोन की बरामदगी में सीईआईआर पोर्टल, सर्विलांस सेल और विभिन्न थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने और जनसमस्याओं के निस्तारण में मदद मिल रही है।
मोबाइल गुम होने पर तत्काल दर्ज कराएं शिकायत
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं और मोबाइल को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया अपनाएं। नजदीकी थाने में भी सूचना दें। मोबाइल का आईएमईआई नंबर, खरीद का बिल और अन्य जरूरी विवरण सुरक्षित रखने से फोन की खोज और बरामदगी में मदद मिल सकती है।
भीड़-भाड़ और यात्रा के दौरान ज्यादा सतर्क रहें
बाजारों, सब्जी मंडियों, बसों, टैक्सी और ऑटो में सफर के दौरान अक्सर मोबाइल फोन छूट जाते हैं। बाइक चलाते समय जेब से फोन गिरने, शादी-विवाह और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़ के बीच मोबाइल गुम होने की आशंका रहती है। इसके अलावा पार्कों, धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी लोग मोबाइल भूल जाते हैं। पुलिस ने लोगों से फोन सुरक्षित रखने और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
सर्विलांस टीम ने निभाई अहम भूमिका
मोबाइल बरामद करने वाली टीम में शिवानन्द पासवान, मुख्य आरक्षी मोहम्मद कुतुबुद्दीन, राजकुमार राजभर, आलोक पाण्डेय, आरक्षी सुधीर कुमार यादव, सूरज गुप्ता और नीरज कुमार शामिल रहे। इसके अलावा जिले के सभी थानों में सीईआईआर पोर्टल से संबंधित कार्यों के लिए नियुक्त पुलिसकर्मियों का भी योगदान रहा।
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मंगलवार को पुलिस ने सभी मोबाइल फोन आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस के प्रति आभार जताया।
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एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया गुमशुदा मोबाइल फोन की खोज और बरामदगी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को सर्विलांस सेल और जिले के विभिन्न थानों की पुलिस ने समन्वित कार्रवाई की। सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की मदद से 115 मोबाइल फोन का पता लगाया गया। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब 28 लाख रुपये आंकी गई है।
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एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया पिछले सात महीनों में कुल 743 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब दो करोड़ छह लाख रुपये है। मोबाइल फोन की बरामदगी में सीईआईआर पोर्टल, सर्विलांस सेल और विभिन्न थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने और जनसमस्याओं के निस्तारण में मदद मिल रही है।
मोबाइल गुम होने पर तत्काल दर्ज कराएं शिकायत
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं और मोबाइल को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया अपनाएं। नजदीकी थाने में भी सूचना दें। मोबाइल का आईएमईआई नंबर, खरीद का बिल और अन्य जरूरी विवरण सुरक्षित रखने से फोन की खोज और बरामदगी में मदद मिल सकती है।
भीड़-भाड़ और यात्रा के दौरान ज्यादा सतर्क रहें
बाजारों, सब्जी मंडियों, बसों, टैक्सी और ऑटो में सफर के दौरान अक्सर मोबाइल फोन छूट जाते हैं। बाइक चलाते समय जेब से फोन गिरने, शादी-विवाह और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़ के बीच मोबाइल गुम होने की आशंका रहती है। इसके अलावा पार्कों, धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी लोग मोबाइल भूल जाते हैं। पुलिस ने लोगों से फोन सुरक्षित रखने और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
सर्विलांस टीम ने निभाई अहम भूमिका
मोबाइल बरामद करने वाली टीम में शिवानन्द पासवान, मुख्य आरक्षी मोहम्मद कुतुबुद्दीन, राजकुमार राजभर, आलोक पाण्डेय, आरक्षी सुधीर कुमार यादव, सूरज गुप्ता और नीरज कुमार शामिल रहे। इसके अलावा जिले के सभी थानों में सीईआईआर पोर्टल से संबंधित कार्यों के लिए नियुक्त पुलिसकर्मियों का भी योगदान रहा।