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Maharajganj News: पुलिस पर फर्जी प्राथमिकी दर्ज करने का आरोप
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पीड़ित ग्राम प्रधान का आरोप- पुलिस ने नहीं की निष्पक्ष कार्रवाई
भिटौली। स्थानीय थाना क्षेत्र के पिपरा जद्दू गांव के ग्राम प्रधान जमीरुल्लाह खान ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर भिटौली पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने और फर्जी तरीके से प्राथमिकी में नामजद करने का आरोप लगाया है।
शिकायती पत्र के अनुसार, तीन जुलाई 2026 को गांव निवासी रविउल्लाह से कहासुनी के दौरान विवाद हुआ था। ग्राम प्रधान का दावा है कि घटना के समय वह परतावल में अपनी दुकान पर मौजूद थे, जिसका प्रमाण दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में उपलब्ध है। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें और उनके भाई को आरोपी बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली।
ग्राम प्रधान ने आरोप है कि पुलिस उन्हें और उनके भाई को थाने ले गई, जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही विरोध करने पर जेल भेजने की धमकी भी दी गई। उनका कहना है कि विवाद दो पक्षों के बीच हुआ था लेकिन पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने की बजाय केवल एक पक्ष के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की।
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ग्राम प्रधान ने पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर सीसीटीवी फुटेज सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायोचित कार्रवाई करने तथा कथित फर्जी प्राथमिकी से राहत दिलाने की मांग की है।
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भिटौली। स्थानीय थाना क्षेत्र के पिपरा जद्दू गांव के ग्राम प्रधान जमीरुल्लाह खान ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर भिटौली पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने और फर्जी तरीके से प्राथमिकी में नामजद करने का आरोप लगाया है।
शिकायती पत्र के अनुसार, तीन जुलाई 2026 को गांव निवासी रविउल्लाह से कहासुनी के दौरान विवाद हुआ था। ग्राम प्रधान का दावा है कि घटना के समय वह परतावल में अपनी दुकान पर मौजूद थे, जिसका प्रमाण दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में उपलब्ध है। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें और उनके भाई को आरोपी बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली।
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ग्राम प्रधान ने आरोप है कि पुलिस उन्हें और उनके भाई को थाने ले गई, जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही विरोध करने पर जेल भेजने की धमकी भी दी गई। उनका कहना है कि विवाद दो पक्षों के बीच हुआ था लेकिन पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने की बजाय केवल एक पक्ष के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की।
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ग्राम प्रधान ने पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर सीसीटीवी फुटेज सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायोचित कार्रवाई करने तथा कथित फर्जी प्राथमिकी से राहत दिलाने की मांग की है।