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सीमा पार कराने के लिए पालतू जानवरों का फिटनेश जरूरी
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पालतू जानवार के साथ सीमा पर खड़ी महिला।
- फोटो : MAHARAJGANJ
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सीमा पार कराने के लिए पालतू जानवरों का फिटनेस कागजात जरूरी
पालतू जानवरों के साथ सीमा पार कर रहे लोगों से कागजात मांग रही
सोनौली (महराजगंज)। भारत-नेपाल सीमा पर पालतू जानवरों कुत्ता, बिल्ली के संग यात्रा कर रहे लोगों से कभी पालतू जानवर का प्रमाणपत्र, टीका के कागजात या उसके फिटनेस की रिपोर्ट नहीं मांगी गई। लेकिन, अब एसएसबी अपने पालतू जानवर सहित सीमा पार कर रहे लोगों से यह कागजात मांग रही है। कागजात नहीं होने पर उनको सीमा पार करने नहीं दिया जा रहा है।
कोलकाता से आईं मीना ने बताया कि सोनौली सीमा पर आई एसएसबी ने पालतू जानवर के फिटनेस सर्टिफिकेट देने की बात कही। नहीं होने पर नौतनवां जाकर बनवाया। इसके बाद कागजात दिखाने के बाद जाने दिया गया है। गोरखपुर से बुटवल जा रहे रमेश गुरुंग के संग भी यही दिक्कत हुई। एसएसबी द्वारा नए नियम से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारत नेपाल अवध मैत्री समाज के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा नया नियम लागू करने से पहले इसका प्रचार होना चाहिए था। भारत नेपाल मैत्री समाज के अध्यक्ष डॉ. शांत कुमार शर्मा ने बताया नए नियम के कारण यात्री परेशान हो रहे हैं। वहीं, बिचौलियों की चांदी है। बताया जा रहा जानवरों की तस्करी को रोकने के लिए एसएसबी ने यह कदम उठाया है।
एसएसबी डीआईजी मनजीत सिंह पड्डा ने बताया कि नेपाल जाने वाले पशुओं से संबंधित प्रमाण पत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को जरूरी औपचारिकता पूरी करनी पडे़गी। नियम के अनुसार ही पशुओं को नेपाल में प्रवेश मिल सकेगा।
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पालतू जानवरों के साथ सीमा पार कर रहे लोगों से कागजात मांग रही
सोनौली (महराजगंज)। भारत-नेपाल सीमा पर पालतू जानवरों कुत्ता, बिल्ली के संग यात्रा कर रहे लोगों से कभी पालतू जानवर का प्रमाणपत्र, टीका के कागजात या उसके फिटनेस की रिपोर्ट नहीं मांगी गई। लेकिन, अब एसएसबी अपने पालतू जानवर सहित सीमा पार कर रहे लोगों से यह कागजात मांग रही है। कागजात नहीं होने पर उनको सीमा पार करने नहीं दिया जा रहा है।
कोलकाता से आईं मीना ने बताया कि सोनौली सीमा पर आई एसएसबी ने पालतू जानवर के फिटनेस सर्टिफिकेट देने की बात कही। नहीं होने पर नौतनवां जाकर बनवाया। इसके बाद कागजात दिखाने के बाद जाने दिया गया है। गोरखपुर से बुटवल जा रहे रमेश गुरुंग के संग भी यही दिक्कत हुई। एसएसबी द्वारा नए नियम से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारत नेपाल अवध मैत्री समाज के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा नया नियम लागू करने से पहले इसका प्रचार होना चाहिए था। भारत नेपाल मैत्री समाज के अध्यक्ष डॉ. शांत कुमार शर्मा ने बताया नए नियम के कारण यात्री परेशान हो रहे हैं। वहीं, बिचौलियों की चांदी है। बताया जा रहा जानवरों की तस्करी को रोकने के लिए एसएसबी ने यह कदम उठाया है।
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एसएसबी डीआईजी मनजीत सिंह पड्डा ने बताया कि नेपाल जाने वाले पशुओं से संबंधित प्रमाण पत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को जरूरी औपचारिकता पूरी करनी पडे़गी। नियम के अनुसार ही पशुओं को नेपाल में प्रवेश मिल सकेगा।
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